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एआरवी लगवाने अस्पतालों में धक्के खा रहे लोग
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मुरादाबाद। पारा चढ़ने से आवारा कुत्ते भी हमलावर हो गए हैं। कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ने से देहात ब्लाकों के सरकारी अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) का संकट हो गया है। एआरवी लगवाने के लिए लोग धक्के खा रहे हैं। कई लोग एआरवी लगवाने 40 से 50 किमी दूरी तय कर मुरादाबाद जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। इससे जिला अस्पताल की ओपीडी में दबाव बढ़ गया है। रोजाना 100 से अधिक लोग एआरवी लगवाने पहुंच रहे हैं।
सूरज आग उगल रहा है। पारा 44 डिग्री तक पहुंच चुका है। गर्मी से आवारा कुत्ते भी घरों के आसपास पानी की तलाश में आ रहे हैं। पेड़ों की छांव और सड़कों पर खड़ी कारों के नीचे ठंडक तलाश रहे हैं। सूरज ढलते ही कालोनियों की सड़कों पर आवारा कुत्तों का आतंक मच रहा है। कुत्ते सड़क चलते बच्चों और बाइक सवारों पर झपट रहे हैं। मुरादाबाद जिले में सीएमओ के अधीन नौ सरकारी अस्पतालों में एआरवी की सप्लाई होती है। अस्पतालों में प्रतिमाह नौ सौ से अधिक वॉयल एआरवी की खपत है। लेकिन अस्पतालों को महीने में पांच से छह सौ वॉयल की ही आपूर्ति होती है।
जून माह में ठाकुरद्वारा, कांठ और बिलारी के अस्पतालों में एआरवी नहीं है। कुत्तों के हमलों के शिकार लोग एआरवी लगवाने अस्पतालों के धक्के खा रहे हैं। इनमें अधिकतर लोग निजी अस्पताल पहुंच रहे हैं। जबकि कई लोग जिला अस्पताल मुरादाबाद आ रहे हैं। जिला अस्पताल के डा. शकील अहमद के मुताबिक ओपीडी में एआरवी लगवाने वालों का दबाव अचानक बढ़ा है। रोजाना 100 अधिक लोग आ रहे हैं। इनमें बिलारी, ठाकुरद्वारा और कांठ ब्लाक के अस्पतालों से रेफर होकर कई लोग आ रहे हैं। डा. शकील के मुताबिक सुबह आठ बजे से 11 बजे तक काफी भीड़ हो रही है। दोपहर में गर्मी से बचने के लिए अधिकतर लोग सुबह ही ओपीडी आ रहे हैं।
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सूरज आग उगल रहा है। पारा 44 डिग्री तक पहुंच चुका है। गर्मी से आवारा कुत्ते भी घरों के आसपास पानी की तलाश में आ रहे हैं। पेड़ों की छांव और सड़कों पर खड़ी कारों के नीचे ठंडक तलाश रहे हैं। सूरज ढलते ही कालोनियों की सड़कों पर आवारा कुत्तों का आतंक मच रहा है। कुत्ते सड़क चलते बच्चों और बाइक सवारों पर झपट रहे हैं। मुरादाबाद जिले में सीएमओ के अधीन नौ सरकारी अस्पतालों में एआरवी की सप्लाई होती है। अस्पतालों में प्रतिमाह नौ सौ से अधिक वॉयल एआरवी की खपत है। लेकिन अस्पतालों को महीने में पांच से छह सौ वॉयल की ही आपूर्ति होती है।
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जून माह में ठाकुरद्वारा, कांठ और बिलारी के अस्पतालों में एआरवी नहीं है। कुत्तों के हमलों के शिकार लोग एआरवी लगवाने अस्पतालों के धक्के खा रहे हैं। इनमें अधिकतर लोग निजी अस्पताल पहुंच रहे हैं। जबकि कई लोग जिला अस्पताल मुरादाबाद आ रहे हैं। जिला अस्पताल के डा. शकील अहमद के मुताबिक ओपीडी में एआरवी लगवाने वालों का दबाव अचानक बढ़ा है। रोजाना 100 अधिक लोग आ रहे हैं। इनमें बिलारी, ठाकुरद्वारा और कांठ ब्लाक के अस्पतालों से रेफर होकर कई लोग आ रहे हैं। डा. शकील के मुताबिक सुबह आठ बजे से 11 बजे तक काफी भीड़ हो रही है। दोपहर में गर्मी से बचने के लिए अधिकतर लोग सुबह ही ओपीडी आ रहे हैं।
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