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शहर में वाटर सप्लाई को डाली जाएगी डबल लाइन
Updated Tue, 10 Jul 2018 02:20 AM IST
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मुरादाबाद।
महानगर में पानी की सप्लाई को डबल लाइन डाली जाएगी। इसके लिए 50 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। लाइन डालने का ठेका किसी बड़ी कंपनी को देने की तैयारी है। इससे पेयजल का दुरुपयोग नहीं हो सकेगा। लोगों को कार, फर्श व कपड़ों आदि की धुलाई को नालों-सीवरों के पानी को साफ करके दिया जाएगा।
महानगर में प्रति व्यक्ति पानी का मानक 135 लीटर रोजाना है। इतने पानी का प्रयोग पीने में नहीं किया जा सकता है। लोगों को पीने व रसोई में प्रयोग के लिए 15-20 लीटर पानी रोजाना काफी होता है। मौजूद समय में करीब सौ लीटर पानी रोजाना की सप्लाई की जा रही है। उसके बावजूद पानी की कमी को लेकर मारामारी मची है। इससे स्पष्ट है कि शुद्ध पानी का प्रयोग घरों में कपड़ा व फर्श आदि साफ करने के काम आ रहा हैँ। नगर निगम ने अब बड़े शहरों की तरह दोहरी पाइप लाइन डालने की तैयारी शुरू की है। लाइन डाले जाने के बाद पीने का पानी सुबह-दोपहर-शाम को दिया जाएगा। यह अधिकतम 30 लीटर प्रति व्यक्ति के हिसाब से होगा। बाकी पानी सीवर और नालों का साफ करके दिया जाएगा। वह घरों में कपड़ों व फर्श की धुलाई तथा पौधों आदि को सींचने के काम आएगा। इसके लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में 50 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। कार वाशिंग सेंटरोें और कारखानों को भी ऐसे पानी की सप्लाई दी जाएगी, जो पीने योग्य नहीं होगा। इससे आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध भूमिगत पेयजल बचाया जा सकेगा।
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महानगर में पानी की सप्लाई को डबल लाइन डाली जाएगी। इसके लिए 50 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। लाइन डालने का ठेका किसी बड़ी कंपनी को देने की तैयारी है। इससे पेयजल का दुरुपयोग नहीं हो सकेगा। लोगों को कार, फर्श व कपड़ों आदि की धुलाई को नालों-सीवरों के पानी को साफ करके दिया जाएगा।
महानगर में प्रति व्यक्ति पानी का मानक 135 लीटर रोजाना है। इतने पानी का प्रयोग पीने में नहीं किया जा सकता है। लोगों को पीने व रसोई में प्रयोग के लिए 15-20 लीटर पानी रोजाना काफी होता है। मौजूद समय में करीब सौ लीटर पानी रोजाना की सप्लाई की जा रही है। उसके बावजूद पानी की कमी को लेकर मारामारी मची है। इससे स्पष्ट है कि शुद्ध पानी का प्रयोग घरों में कपड़ा व फर्श आदि साफ करने के काम आ रहा हैँ। नगर निगम ने अब बड़े शहरों की तरह दोहरी पाइप लाइन डालने की तैयारी शुरू की है। लाइन डाले जाने के बाद पीने का पानी सुबह-दोपहर-शाम को दिया जाएगा। यह अधिकतम 30 लीटर प्रति व्यक्ति के हिसाब से होगा। बाकी पानी सीवर और नालों का साफ करके दिया जाएगा। वह घरों में कपड़ों व फर्श की धुलाई तथा पौधों आदि को सींचने के काम आएगा। इसके लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में 50 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। कार वाशिंग सेंटरोें और कारखानों को भी ऐसे पानी की सप्लाई दी जाएगी, जो पीने योग्य नहीं होगा। इससे आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध भूमिगत पेयजल बचाया जा सकेगा।
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