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लाठी लेकर कलक्ट्रेट पर गरजे किसान
Updated Tue, 10 Jul 2018 02:24 AM IST
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मुरादाबाद।
भारतीय किसान यूनियन किसानों की उपेक्षा से नाराज है। अधिकारियों और सरकार पर किसानों की समस्याओं को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाते हुए संगठन ने सोमवार को डीएम कार्यालय पर लाठभ् लेकर प्रदर्शन किया। संगठन पदाधिकारियों ने मांगों के न मानने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने सड़कों पर धरना देकर जगह-जगह जाम लगाने का एलान किया।
भाकियू कार्यकर्ता लाठभ् लेकर डीएम आफिस पहुंचे और किसान हित की योजनाओं को लागू न करने का आरोप लगाया। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी नीटू चौहान ने बताया कि किसानों की हर स्तर पर उपेक्षा की जा रही है। सरकार और अधिकारी कोई भी किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। समस्या दूर करना तो अलग, कोई सुनने तक को तैयार नहीं है। किसानों की पैदावार का एमएसपी घोषित कर दिया जाता है, लेकिन उसको खरीदने का कोई प्रबंध ही नहीं होता है। दलहन खरीद के लिए कोई क्रय केंद्र नहीं बनाया गया। अब यही हाल मक्का का है। गन्ना का भुगतान नहीं किया जा रहा है। वहीं बिजली बिल जमा न होने पर कनेक्शन काटे जा रहे हैं और बैंकों से आरसी जारी की जा रही हैं। अब किसान अपनी बदहाली झेलने को तैयार नहीं है। किसान देशव्यापी आंदोलन करेगा।
भाकियू के जिलाध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिंह रंधावा ने बताया कि किसान अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। एनजीटी की आड में पुराने ट्रैक्टरों को न चलने देने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि गन्ना बकाया का तत्काल भुगतान कराया जाए, दलहन और मक्का खरीद के केंद्र लगवाए जाएं, आगामी सत्र से किसानों को गन्ने का नकद भुगतान कराया जाए , किसानों को मेडीक्लेम की सुविधा दी जाए, फसल बीमा योजना को सरल बनाया जाए , आम के बागों में फल न आने पर पर्यावरण शुल्क किसानों को दिया जाए, अपने खेत में खड़े पौधों को काटने की अनुमति किसानों को प्रदान की जाए, आवारा पशुओं से किसानों की फसलों की सुरक्षा के इंतजाम हों, खेती में प्रयुक्त होने वाली बिजली दरों को आधा किया जाए, डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए, किसानों को वृद्धावस्था पेंशन की व्यवस्था की जाए, खेती को प्रत्येक सीजन में दिन में बिजली दी जाए, किसानों की पैदावार को बिचौलियों से मुक्त किया जाए, दूध के पर्याप्त दाम दिलाए जाएं। इसका एमएसपी घोषित किया जाए और सभी पशुओं को बीमा सुरक्षा प्रदान की जाए। इससे कम पर अब किसान मानने वाले नहीं हैं। इस मौकेपर डा. नौ सिंह, ऋषिपाल सिंह, मनोज चौधरी, रोशन जहां व हरेंद्र शर्मा ने भी किसानों को संबोधित किया। इसके बाद डयूटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया।
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भारतीय किसान यूनियन किसानों की उपेक्षा से नाराज है। अधिकारियों और सरकार पर किसानों की समस्याओं को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाते हुए संगठन ने सोमवार को डीएम कार्यालय पर लाठभ् लेकर प्रदर्शन किया। संगठन पदाधिकारियों ने मांगों के न मानने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने सड़कों पर धरना देकर जगह-जगह जाम लगाने का एलान किया।
भाकियू कार्यकर्ता लाठभ् लेकर डीएम आफिस पहुंचे और किसान हित की योजनाओं को लागू न करने का आरोप लगाया। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी नीटू चौहान ने बताया कि किसानों की हर स्तर पर उपेक्षा की जा रही है। सरकार और अधिकारी कोई भी किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। समस्या दूर करना तो अलग, कोई सुनने तक को तैयार नहीं है। किसानों की पैदावार का एमएसपी घोषित कर दिया जाता है, लेकिन उसको खरीदने का कोई प्रबंध ही नहीं होता है। दलहन खरीद के लिए कोई क्रय केंद्र नहीं बनाया गया। अब यही हाल मक्का का है। गन्ना का भुगतान नहीं किया जा रहा है। वहीं बिजली बिल जमा न होने पर कनेक्शन काटे जा रहे हैं और बैंकों से आरसी जारी की जा रही हैं। अब किसान अपनी बदहाली झेलने को तैयार नहीं है। किसान देशव्यापी आंदोलन करेगा।
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भाकियू के जिलाध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिंह रंधावा ने बताया कि किसान अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। एनजीटी की आड में पुराने ट्रैक्टरों को न चलने देने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि गन्ना बकाया का तत्काल भुगतान कराया जाए, दलहन और मक्का खरीद के केंद्र लगवाए जाएं, आगामी सत्र से किसानों को गन्ने का नकद भुगतान कराया जाए , किसानों को मेडीक्लेम की सुविधा दी जाए, फसल बीमा योजना को सरल बनाया जाए , आम के बागों में फल न आने पर पर्यावरण शुल्क किसानों को दिया जाए, अपने खेत में खड़े पौधों को काटने की अनुमति किसानों को प्रदान की जाए, आवारा पशुओं से किसानों की फसलों की सुरक्षा के इंतजाम हों, खेती में प्रयुक्त होने वाली बिजली दरों को आधा किया जाए, डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए, किसानों को वृद्धावस्था पेंशन की व्यवस्था की जाए, खेती को प्रत्येक सीजन में दिन में बिजली दी जाए, किसानों की पैदावार को बिचौलियों से मुक्त किया जाए, दूध के पर्याप्त दाम दिलाए जाएं। इसका एमएसपी घोषित किया जाए और सभी पशुओं को बीमा सुरक्षा प्रदान की जाए। इससे कम पर अब किसान मानने वाले नहीं हैं। इस मौकेपर डा. नौ सिंह, ऋषिपाल सिंह, मनोज चौधरी, रोशन जहां व हरेंद्र शर्मा ने भी किसानों को संबोधित किया। इसके बाद डयूटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया।
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