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पीएचसी और सीएचसी में ठप हुई चिकित्सा सेवाएं
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मुरादाबाद।
नेशनल हेल्थ मिशन के संविदा डाक्टरों, नर्सों, लैब टेक्नीशियन और फार्मेसिस्टों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तीन दिनों से संविदा कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर हैं। इससे प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा व्यवस्थाएं ठप हो गई हैं। ओपीडी के अलावा बच्चों को टीके लगाने, दवा वितरण और जांचें ठप हैं। मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है।
चार सूत्रीय मांगों के समर्थन में संविदा कर्मी सोमवार से हड़ताल पर हैं। प्राथमिक और सामुदायिक केंद्रों में चिकित्सा व्यवस्थाएं पूरी तरह संविदा कर्मियों के भरोसे हैं। अधिकतर केंद्रों में ओपीडी खुल रही है लेकिन डाक्टर नहीं हैं। कोठीवाल नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना 70 से 80 ओपीडी होती है। केंद्र में 14 कर्मचारियों का स्टाफ है। इनमें 12 लोग संविदा कर्मी हैं। कर्मियों के कार्य बहिष्कार से केंद्र में चिकित्सा सेवाएं ठप हैं। 20 दिन की बेटी को टीका लगाने पहुंचे गलशहीद निवासी सर्फराज ने बताया कि दो दिन से चक्कर काट रहा है। उसे आज बुलाया था, लेकिन टीका लगाने से मना कर दिया। कंजी सराय निवासी रोहित भी बेटी को टीका लगाने केंद्र पहुंचा, निराश लौटना पड़ा।
क्षय रोग अस्पताल एवं जांच सेंटरों में भी मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिले में क्षय रोग सेंटरों और अस्पताल में 58 संविदा कर्मी हड़ताल पर हैं। सेंटर और अस्पताल 9 कर्मचारियों के भरोसे है। इससे सेंटरों में जांच ठप है और डाक्टर नहीं हैं। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टाउन हॉल में भी चिकित्सा सेवाएं ठप हैं। एकमात्र चिकित्सक डा. रेशमा और एक कर्मी ड्यूटी पर हैं। बाकी 11 संविदा कर्मी हड़ताल पर हैं। इससे टीकाकरण और दवा वितरण के साथ लैब में जांचें बंद हैं। अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। केंद्रों के बाहर कर्मियों की हड़ताल के पोस्टर चस्पा हैं। पोस्टरों को देखने और पूछताछ करने के बाद मरीज वापस लौट रहे हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय ने अस्पतालों में वैकल्पिक स्टाफ की व्यवस्था नहीं की है। जिसका खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं।
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- अस्पतालों में जितना स्थायी स्टाफ है उनसे काम लिया जा रहा है। हड़ताली कर्मियों से लगातार वार्ता हो रही है। जल्द ही समाधान निकल आएगा और व्यवस्था दुरुस्त होंगी। - डा. जीएस मर्तोलिया, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी
जिला अस्पताल में उमड़ रही भीड़
मुरादाबाद। संविदा कर्मियों की हड़ताल से पीएचसी और सीएचसी केंद्रों में चिकित्सा सेवाएं लड़खड़ाने से मरीजों का जिला अस्पताल में दबाव बढ़ गया है। अस्पताल की ओपीडी दो हजार पार पहुंच गई है। ओपीडी में मरीजों को घंटो लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है।
आपातकालीन सेवाएं ठप करने की चेतावनी
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के तत्वाधान में आयोजित अनिश्चितकालीन हड़ताल के तीसरे दिन भी कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया। जिलाध्यक्ष अजीजुर रहीम ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई हैं। इसके बाद भी शासन एवं प्रशासन कर्मचारियों के मांगों के प्रति संवेदनहीन बना है।
संघ के आह्वान पर कर्मचारी सीएमओ कार्यालय पर एकत्र हुए। कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में ही धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि मिजल्स रुबेला टीकाकरण अभियान पूरी तरह ठप हो गया है। संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते सरकार को दो फरवरी से होने वाले पोलियो अभियान को स्थगित करना पड़ा है। वक्ताओं ने कहा कि सुनवाई नहीं हुई तो कर्मचारी आंदोलन में अड़े रहेंगे।
महामंत्री विपिन चंद्र भट्ट ने कहा कि कर्मचारी आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि आशाओं का मानदेय दस हजार प्रतिमाह किया जाए। ठेका प्रथा बंद कर सामान काम का समान वेतन दिया जाए। मृतक आश्रित को नौकरी दी जाए। उन्होंने कहा कि जनहित में आपातकालीन सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा है। सरकार ने सुनवाई नहीं की तो आपातकालीन सेवाएं ठप की जा सकती हैं। इस दौरान डा. आरिफ मोहम्मद खान, हंसराज यादव, कौशल किशोर, बीना, कल्पना, महेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, वंदना गौरव, रजनी सिंह, चंद्रशेखर यादव, रघुवीर सिंह, विमल शर्मा, अमित मौर्य समेत कई कर्मी मौजूद रहे।
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नेशनल हेल्थ मिशन के संविदा डाक्टरों, नर्सों, लैब टेक्नीशियन और फार्मेसिस्टों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तीन दिनों से संविदा कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर हैं। इससे प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा व्यवस्थाएं ठप हो गई हैं। ओपीडी के अलावा बच्चों को टीके लगाने, दवा वितरण और जांचें ठप हैं। मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है।
चार सूत्रीय मांगों के समर्थन में संविदा कर्मी सोमवार से हड़ताल पर हैं। प्राथमिक और सामुदायिक केंद्रों में चिकित्सा व्यवस्थाएं पूरी तरह संविदा कर्मियों के भरोसे हैं। अधिकतर केंद्रों में ओपीडी खुल रही है लेकिन डाक्टर नहीं हैं। कोठीवाल नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना 70 से 80 ओपीडी होती है। केंद्र में 14 कर्मचारियों का स्टाफ है। इनमें 12 लोग संविदा कर्मी हैं। कर्मियों के कार्य बहिष्कार से केंद्र में चिकित्सा सेवाएं ठप हैं। 20 दिन की बेटी को टीका लगाने पहुंचे गलशहीद निवासी सर्फराज ने बताया कि दो दिन से चक्कर काट रहा है। उसे आज बुलाया था, लेकिन टीका लगाने से मना कर दिया। कंजी सराय निवासी रोहित भी बेटी को टीका लगाने केंद्र पहुंचा, निराश लौटना पड़ा।
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क्षय रोग अस्पताल एवं जांच सेंटरों में भी मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिले में क्षय रोग सेंटरों और अस्पताल में 58 संविदा कर्मी हड़ताल पर हैं। सेंटर और अस्पताल 9 कर्मचारियों के भरोसे है। इससे सेंटरों में जांच ठप है और डाक्टर नहीं हैं। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टाउन हॉल में भी चिकित्सा सेवाएं ठप हैं। एकमात्र चिकित्सक डा. रेशमा और एक कर्मी ड्यूटी पर हैं। बाकी 11 संविदा कर्मी हड़ताल पर हैं। इससे टीकाकरण और दवा वितरण के साथ लैब में जांचें बंद हैं। अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। केंद्रों के बाहर कर्मियों की हड़ताल के पोस्टर चस्पा हैं। पोस्टरों को देखने और पूछताछ करने के बाद मरीज वापस लौट रहे हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय ने अस्पतालों में वैकल्पिक स्टाफ की व्यवस्था नहीं की है। जिसका खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं।
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- अस्पतालों में जितना स्थायी स्टाफ है उनसे काम लिया जा रहा है। हड़ताली कर्मियों से लगातार वार्ता हो रही है। जल्द ही समाधान निकल आएगा और व्यवस्था दुरुस्त होंगी। - डा. जीएस मर्तोलिया, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी
जिला अस्पताल में उमड़ रही भीड़
मुरादाबाद। संविदा कर्मियों की हड़ताल से पीएचसी और सीएचसी केंद्रों में चिकित्सा सेवाएं लड़खड़ाने से मरीजों का जिला अस्पताल में दबाव बढ़ गया है। अस्पताल की ओपीडी दो हजार पार पहुंच गई है। ओपीडी में मरीजों को घंटो लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है।
आपातकालीन सेवाएं ठप करने की चेतावनी
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के तत्वाधान में आयोजित अनिश्चितकालीन हड़ताल के तीसरे दिन भी कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया। जिलाध्यक्ष अजीजुर रहीम ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई हैं। इसके बाद भी शासन एवं प्रशासन कर्मचारियों के मांगों के प्रति संवेदनहीन बना है।
संघ के आह्वान पर कर्मचारी सीएमओ कार्यालय पर एकत्र हुए। कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में ही धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि मिजल्स रुबेला टीकाकरण अभियान पूरी तरह ठप हो गया है। संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते सरकार को दो फरवरी से होने वाले पोलियो अभियान को स्थगित करना पड़ा है। वक्ताओं ने कहा कि सुनवाई नहीं हुई तो कर्मचारी आंदोलन में अड़े रहेंगे।
महामंत्री विपिन चंद्र भट्ट ने कहा कि कर्मचारी आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि आशाओं का मानदेय दस हजार प्रतिमाह किया जाए। ठेका प्रथा बंद कर सामान काम का समान वेतन दिया जाए। मृतक आश्रित को नौकरी दी जाए। उन्होंने कहा कि जनहित में आपातकालीन सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा है। सरकार ने सुनवाई नहीं की तो आपातकालीन सेवाएं ठप की जा सकती हैं। इस दौरान डा. आरिफ मोहम्मद खान, हंसराज यादव, कौशल किशोर, बीना, कल्पना, महेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, वंदना गौरव, रजनी सिंह, चंद्रशेखर यादव, रघुवीर सिंह, विमल शर्मा, अमित मौर्य समेत कई कर्मी मौजूद रहे।