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Mirzapur News: टूट सकता है 15 हजार विद्यार्थियों का डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना
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मिर्जापुर। मदरसों में पढ़ने वाले जिले के 15 हजार विद्यार्थियों का डाॅक्टर और इंजीनियर बनने का सपना टूट सकता है।
सरकार ने मदरसों में आधुनिक शिक्षा के लिए दी जा रही सरकारी मदद पर रोक लगा दी है। इससे यह समस्या उत्पन्न हुई है। मदरसों में अब सिर्फ दीनी तालीम दी जा रही है।
जिले में पांच अनुदानित और 317 मान्यता प्राप्त मदरसे हैं। इनमें 15000 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। मदरसों को विज्ञान, गणित, हिंदी, अंग्रेजी समेत अन्य विषयों की शिक्षा देने का निर्देश दिया गया था।
इसका उद्देश्य था कि मदरसों के बच्चे भी आधुनिक शिक्षा प्राप्त करें और आगे चलकर डॉक्टर, इंजीनियर आदि बन सकें। मदरसों में आधुनिक विषय के शिक्षकों की तैनाती के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार मदरसों को आठ हजार से लेकर 12 हजार रुपये तक आर्थिक मदद देती थी। अब सरकारी सहायता बंद हो जाने से ज्यादातर मदरसों में आधुनिक विषयों के शिक्षक ही नहीं रह गए।
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सरकार ने मदरसों में आधुनिक शिक्षा के लिए दी जा रही सरकारी मदद पर रोक लगा दी है। इससे यह समस्या उत्पन्न हुई है। मदरसों में अब सिर्फ दीनी तालीम दी जा रही है।
जिले में पांच अनुदानित और 317 मान्यता प्राप्त मदरसे हैं। इनमें 15000 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। मदरसों को विज्ञान, गणित, हिंदी, अंग्रेजी समेत अन्य विषयों की शिक्षा देने का निर्देश दिया गया था।
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इसका उद्देश्य था कि मदरसों के बच्चे भी आधुनिक शिक्षा प्राप्त करें और आगे चलकर डॉक्टर, इंजीनियर आदि बन सकें। मदरसों में आधुनिक विषय के शिक्षकों की तैनाती के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार मदरसों को आठ हजार से लेकर 12 हजार रुपये तक आर्थिक मदद देती थी। अब सरकारी सहायता बंद हो जाने से ज्यादातर मदरसों में आधुनिक विषयों के शिक्षक ही नहीं रह गए।
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