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नहर टूटने से 35 एकड़ फसल जलमग्न
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Wed, 28 Jan 2015 01:05 AM IST
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मांडा रजवाहा नहर में सोमवार को अचानक अत्यधिक पानी छोड़े जाने से कटरा से पांडेयपुर जाने वाले सड़क पर भी नहर का पानी आ जाने से लोगाें को आने-जाने में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
बता दें कि 1995 में नहर पर ग्राम पंचायत द्वारा बनवाई गई पुलिया भी पानी के ओवरफ्लो होने से ध्वस्त हो गई है। किसानाें द्वारा बोई गई आलू, मटर, गेहूं, चना, अरहर, आदि की फसलें जलमग्न होने से किसानाें के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई हैं। बाबू सर्रोई में लगभग 25 एकड़ तथा रायपुर में दस एकड़ फसल के डूबने से किसानाें को भारी क्षति का सामना करना पड़ रहा है।
किसानाें द्वारा दिए गए सूचना के बाद भी मंगलवार को सांयकाल तक बेलन नहर प्रखंड से छोड़ा गया पानी बंद नहीं किया गया है, जिससे किसान परेशान नजर आ रहे हैं।
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बाबू सर्रोई गांव निवासी अबरार अली, मुख्तार अली, सहमत अली, वसीम मोहम्मद, राजेश वर्मा, दरोगा आदि के कच्चे मकानों तक पानी पहुंच जाने से मकान के जमींदोज होने की आशंका बनी हुई है।
नहर में बनी पुलिया के ध्वस्त हो जाने से ग्रामीणाें को आवागमन में भी दिक्कताें का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं प्रधानपति संतोष तिवारी, वीरेंद्र सेठ, लालचंद, चिंतामणि, गरीब दास आदि ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल नहर का पानी बंद करवाने तथा किसानों के हुए नुकसान का मुआवजा दिलवाए जाने की मांग की है।
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बता दें कि 1995 में नहर पर ग्राम पंचायत द्वारा बनवाई गई पुलिया भी पानी के ओवरफ्लो होने से ध्वस्त हो गई है। किसानाें द्वारा बोई गई आलू, मटर, गेहूं, चना, अरहर, आदि की फसलें जलमग्न होने से किसानाें के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई हैं। बाबू सर्रोई में लगभग 25 एकड़ तथा रायपुर में दस एकड़ फसल के डूबने से किसानाें को भारी क्षति का सामना करना पड़ रहा है।
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किसानाें द्वारा दिए गए सूचना के बाद भी मंगलवार को सांयकाल तक बेलन नहर प्रखंड से छोड़ा गया पानी बंद नहीं किया गया है, जिससे किसान परेशान नजर आ रहे हैं।
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बाबू सर्रोई गांव निवासी अबरार अली, मुख्तार अली, सहमत अली, वसीम मोहम्मद, राजेश वर्मा, दरोगा आदि के कच्चे मकानों तक पानी पहुंच जाने से मकान के जमींदोज होने की आशंका बनी हुई है।
नहर में बनी पुलिया के ध्वस्त हो जाने से ग्रामीणाें को आवागमन में भी दिक्कताें का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं प्रधानपति संतोष तिवारी, वीरेंद्र सेठ, लालचंद, चिंतामणि, गरीब दास आदि ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल नहर का पानी बंद करवाने तथा किसानों के हुए नुकसान का मुआवजा दिलवाए जाने की मांग की है।