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अयोग्य ठेकेदारों को दी गई निविदा, सीएम से शिकायत.

Sun, 30 Aug 2020 11:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 30 Aug 2020 11:12 PM IST
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Tender given to ineligible contractors, complaint to CM
मिर्जापुर। प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग में स्वीकृत मार्ग पांच मार्गों के लिए डाली गई निविदा में अयोग्य ठेकेदारों को ठेका दे दिए जाने का आरोप लगाया जा रहा। ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर मामले की एसआईटी से जांच कराए जाने की मांग की है।
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आरोप है कि प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग में स्वीकृत मार्ग, जिनकी निविदा अधीक्षण अभियंता वृत्त लोक निर्माण विभाग से आमंत्रित की गई थी। उसमें धांधली की गई है। बताया कि पांच मार्गों के लिए निविदा खोली गई, जिसमें कुछ चहेेते ठेकेदारों को लाभ पहुुंचाया गया। शिकायत है कि चील्ह कमासिन के चार किमी दाएं गहिया संपर्क मार्ग में तीन ठेकेदार हैं। इसमें एक ठेकेदार के तकनीकी ब्रिड में लगाई गई समस्त स्टांप पर दिनांक अंकित नहीं है। दूसरे ठेकेदार के टी-छह अधिशासी अभियंता के नाम पर है जबकि निविदा अधीक्षण अभियंता के नाम पर है। तीसरे ठेकेदार के स्टांप पर प्लांट के किराए पर लिए जाने का जिक्र है। जबकि ब्रिड किरायानामा की सत्यापित प्रति नहीं लगाई गई है। दूसरा मार्ग एनएच-7 ड्रमंडगंज बाजार से दाएं देवहट पासी बस्ती संपर्क मार्ग है। इसमें भी दो ठेकेदारों के स्टांप पर हाट मिक्स प्लांट के स्वामित्व को अंकित किया गया है, जबकि हाट मिक्स प्लांट का पेपर न लगा कर किरायानामा लगाया गया है। तीसरा बरौधा -कोटाघाट मार्ग के चार किमी दाएं लहोरा से हथिया संपर्क मार्ग है। चौथा एनएच-35 पर मिर्जापुर से 22 किमी दायीं ओर खम्हरिया दमुआन से यादव बस्ती संपर्क मार्ग है। पांचवां देवरी बाजार के एक किमी दाएं तीता संपर्क मार्ग है। इस सभी मार्गों का ठेका पाने वाले ठेकेेदार अयोग्य हैं। कहा कि शासन के आदेशानुसार आनलाइन टी-2 में 40 लाख से अधिक लागत के कार्यों पर स्वयं हाट मिक्स प्लांट व फिटनेस प्रमाण पत्र लगाया जाना अनिवार्य है। रमेश कुमार यादव, शोभनाथ, अशोक, पवन ने मांग की कि मामले की एसआईटी से जांच कराई जाए।
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जो पात्र ठेकेदार है, उन्हीं को काम दिया जाता है। टेंडर खोलने के बाद जिसकी निविदा न्यूनतम रहती है। उसे टेंडर दिया गया है। जो आरोप लगाया गया है वो बेबुनियाद है। हाट मिक्स प्लांट के लिए शपथपत्र देकर वह किराए पर ले सकता है। -अनिल मिश्रा, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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