{"_id":"6a8b4cf0af5a9995a009ee0d","slug":"schools-to-register-at-least-10-projects-by-august-31-mirzapur-news-c-192-1-svns1033-159839-2026-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: 31 अगस्त तक कम से कम 10 प्रोजेक्ट पंजीकृत कराएं स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: 31 अगस्त तक कम से कम 10 प्रोजेक्ट पंजीकृत कराएं स्कूल
विज्ञापन
मिर्जापुर। 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के मुख्य विषय ‘सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार’ पर प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने के लिए 31 अगस्त तक पंजीकरण होना है। विद्यालयों से प्रत्येक विद्यालय के कम से कम 10 प्रोजेक्ट का 31 अगस्त तक पंजीकरण कराने को कहा गया है।
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला समन्वयक सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि कार्यक्रम में कक्षा छह से 12 तक के सभी बोर्डों के बच्चे प्रतिभाग करते हैं। इसमें 10 से 17 वर्ष की आयु के बच्चे प्रतिभाग करते हैं। 10 से 14 वर्ष के बच्चे जूनियर और 14 से 17 वर्ष के बच्चे सीनियर वर्ग में प्रतिभाग करते हैं।
उन्होंने बताया कि बच्चे मुख्य विषय से संबंधित पांच उपविषयों में से किसी एक पर स्थानीय स्तर की समस्या चुनते हैं। इसके बाद दो बच्चों का समूह बनाकर प्रयोग, प्रेक्षण, सर्वेक्षण और आंकड़ों के वर्गीकरण जैसी वैज्ञानिक विधियों का प्रयोग कर प्रोजेक्ट तैयार करते हैं। विभिन्न स्तरों पर आयोजित कार्यक्रमों में बाल वैज्ञानिक अपने लघु शोध पत्र प्रस्तुत करते हैं। बाल वैज्ञानिकों और उनके गाइड शिक्षकों को विभिन्न स्तरों पर प्रमाण पत्र प्रदान किए जाते हैं।
विज्ञापन
जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार दीक्षित ने इस संबंध में पत्र जारी कर विद्यालयों से पंजीकरण कराने को कहा है। संवाद
विज्ञापन
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला समन्वयक सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि कार्यक्रम में कक्षा छह से 12 तक के सभी बोर्डों के बच्चे प्रतिभाग करते हैं। इसमें 10 से 17 वर्ष की आयु के बच्चे प्रतिभाग करते हैं। 10 से 14 वर्ष के बच्चे जूनियर और 14 से 17 वर्ष के बच्चे सीनियर वर्ग में प्रतिभाग करते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि बच्चे मुख्य विषय से संबंधित पांच उपविषयों में से किसी एक पर स्थानीय स्तर की समस्या चुनते हैं। इसके बाद दो बच्चों का समूह बनाकर प्रयोग, प्रेक्षण, सर्वेक्षण और आंकड़ों के वर्गीकरण जैसी वैज्ञानिक विधियों का प्रयोग कर प्रोजेक्ट तैयार करते हैं। विभिन्न स्तरों पर आयोजित कार्यक्रमों में बाल वैज्ञानिक अपने लघु शोध पत्र प्रस्तुत करते हैं। बाल वैज्ञानिकों और उनके गाइड शिक्षकों को विभिन्न स्तरों पर प्रमाण पत्र प्रदान किए जाते हैं।
विज्ञापन
जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार दीक्षित ने इस संबंध में पत्र जारी कर विद्यालयों से पंजीकरण कराने को कहा है। संवाद