मिर्जापुर। श्रावण मास की शुरुआत बृहस्पतिवार से होने जा रही है। सावन के पहले दिन से ही जिले के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। शहर से लेकर गांव तक शिव मंदिरों में रंगाई-पुताई, साफ-सफाई और सजावट का कार्य अंतिम चरण में है।
मंदिर परिसरों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। वहीं, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन और नगर निकाय भी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
बरियाघाट स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर, रैदानी कॉलोनी के प्राचीन ताड़केश्वर महादेव मंदिर और अति प्राचीन बूढ़े नाथ महादेव मंदिर में पूरे दिन रंगाई-पुताई, साफ-सफाई और सजावट का कार्य चलता रहा। मंदिरों को विद्युत झालरों और फूलों से सजाया जा रहा है, ताकि सावन के पहले दिन से ही भक्तों को बेहतर व्यवस्था मिल सके। बृहस्पतिवार सुबह से इन मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजन-अर्चन का सिलसिला शुरू हो जाएगा। सावन के साथ ही कांवड़ यात्रा का भी शुभारंभ होगा। बरियाघाट, फतहा, चुनार और सीखड़ के शीतला मंदिर घाट सहित विभिन्न घाटों से गंगाजल लेकर कांवड़िए ‘’बम-बम भोले’’ और ‘’हर-हर महादेव’’ के जयघोष के साथ शिवालयों की ओर प्रस्थान करेंगे।

नगर के पंचमुखी महादेव मंदिर पर मुर्तियों को रंगों से रंगता मजदूर, स्रोत संवाद