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Mirzapur News: पहले ही समाप्त हो चुकी है प्रियंका की सेवा
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मिर्जापुर। फर्जी डिग्री पर शिक्षक बनी प्रियंका की सेवा दो साल पहले ही समाप्त हो चुकी है। उसे जब कहीं से राहत नहीं मिली तो उसने बुधवार को एसीजेएम के न्यायालय में समर्पण कर दिया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
प्रियंका यादव उर्फ सोनी की अगस्त 2015 में पहाड़ी विकास खंड के राजकीय बालिका हाईस्कूल भरपुरा में उर्दू की सहायक अध्यापिका के पद पर नियुक्ति हुई थी। आरोप है कि उसने कन्नौज की प्रियंका पुत्री मनोज कुमार प्रजापति के शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर तथ्य छिपाकर यह नियुक्ति पाई थी। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि वास्तविक प्रियंका के पिता मनोज कुमार ने बताया कि उसकी पुत्री अपने पति के साथ लंदन में रह रही है, जबकि यह प्रियंका 2015 से निरंतर कार्यरत थी। इसी बीच जब शिकायत मिली तो संयुक्त शिक्षा निदेशक कामता राम पाल ने त्रिस्तरीय कमेटी गठित कर जांच कराई। जांच रिपोर्ट के आधार पर पड़री थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई। उसको पहले निलंंबित किया गया और बाद में सेवा समाप्त कर दी गई। उससे 28 अगस्त 2015 से अगस्त 2021 तक एलटी ग्रेड के वेतन के रूप में लिए गए सरकारी धन की वसूली का आदेश जारी किया गया था। जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी इस बात की भनक नहीं लगी। संयुक्त शिक्षा निदेशक कामता राम पाल का कहना है कि प्रियंका की सेवा दो साल पहले समाप्त हो चुकी है। उसका मामला पुलिस के पास है। आगे की कार्रवाई के बारे में पुलिस ही बता सकती है। पड़री थानाध्यक्ष बीरेंद्र सिंह का कहना है कि इस मामले में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
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प्रियंका यादव उर्फ सोनी की अगस्त 2015 में पहाड़ी विकास खंड के राजकीय बालिका हाईस्कूल भरपुरा में उर्दू की सहायक अध्यापिका के पद पर नियुक्ति हुई थी। आरोप है कि उसने कन्नौज की प्रियंका पुत्री मनोज कुमार प्रजापति के शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर तथ्य छिपाकर यह नियुक्ति पाई थी। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि वास्तविक प्रियंका के पिता मनोज कुमार ने बताया कि उसकी पुत्री अपने पति के साथ लंदन में रह रही है, जबकि यह प्रियंका 2015 से निरंतर कार्यरत थी। इसी बीच जब शिकायत मिली तो संयुक्त शिक्षा निदेशक कामता राम पाल ने त्रिस्तरीय कमेटी गठित कर जांच कराई। जांच रिपोर्ट के आधार पर पड़री थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई। उसको पहले निलंंबित किया गया और बाद में सेवा समाप्त कर दी गई। उससे 28 अगस्त 2015 से अगस्त 2021 तक एलटी ग्रेड के वेतन के रूप में लिए गए सरकारी धन की वसूली का आदेश जारी किया गया था। जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी इस बात की भनक नहीं लगी। संयुक्त शिक्षा निदेशक कामता राम पाल का कहना है कि प्रियंका की सेवा दो साल पहले समाप्त हो चुकी है। उसका मामला पुलिस के पास है। आगे की कार्रवाई के बारे में पुलिस ही बता सकती है। पड़री थानाध्यक्ष बीरेंद्र सिंह का कहना है कि इस मामले में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
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