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जनरेटर न मिलने से आक्सीजन प्लांट है अधूरा

Tue, 20 Apr 2021 11:16 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 20 Apr 2021 11:16 PM IST
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Oxygen plant is incomplete due to lack of generator
मिर्जापुर। कोविड संक्रमण के दौर में आक्सीजन नहीं मिलने से ज्यादातर लोगों की मौतें हो रही हैं। मंडलीय अस्पताल में भी कई ऐसे मामले आए जिनको सांस लेने की दिक्कत थी, समय से आक्सीजन न मिलने से उनकी मौत हो गई। हालांकि अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक आक्सीजन की कमी नहीं है, पर मंडलीय अस्पताल में आक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति बनी रहे इसके लिए बनने वाला आक्सीजन प्लांट अभी अधूरा है। आक्सीजन प्लांट के लिए कमरा तो बन गया है, पर उसमें आक्सीजन बनाने वाला जनरेटर नहीं है। जिस कारण बाहर से आक्सीजन मंगाना पड़ रहा है।
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पिछली बार कोविड संक्रमण फैलने पर भारत सरकार ने देश भर के विभिन्न सरकारी अस्पतालों के साथ उत्तर प्रदेश के 11 अस्पतालों में आक्सीजन की निर्बाध उपलब्धता के लिए आक्सीजन प्लांट स्थापना कराने का आदेश दिया था। इसमें मिर्जापुर के साथ चंदौली, सिद्धार्थनगर फतेहपुर, बलरामपुर, चित्रकूट, बलिया, गाजीपुर, जौनपुर के साथ कानपुर नगर और लखनऊ का एक-एक अस्पताल चयनित किया गया था। इसमें मिर्जापुर के मंडलीय अस्पताल के 300 बेड की क्षमता के आधार पर 300 एलपीएम (लीटर पर मिनट) क्षमता का जनरेटर लगाकर प्लांट स्थापित करने का 30 आदेश अक्तूबर 2020 को आया था। इसमें आक्सीजन जनरेटर रूम बनाया जाना था। आक्सीजन जनरेटर रुम के पास उचित जल निकासी, उचित क्रास वेंटीलेंशन रहना जरुरी था। अक्तूबर में आदेश आने के बाद जनवरी तक आक्सीजन जनरेटर रुम बनकर तैयार हो गया है, पर अब तक जनरेटर नहीं लग सका है। मंडलीय अस्पताल के एसआईसी ने जनरेटर रुम बनकर तैयार होने की जानकारी भी उच्चाधिकारियों को दे दिया है। रुम बनने के दो माह से अधिक समय बीतने के बाद भी आक्सीजन जनरेटर नहीं लग सका है, जबकि इस समय इसकी सबसे अधिक जरुरत है।
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प्लांट बनता तो बाहर से न मंगाना पड़ता आक्सीजन
मिर्जापुर। आक्सीजन जनरेटर आने पर प्लांट में आक्सीजन का निर्माण कर उसे उसे स्टोर किया जाता। इसके बाद पाइपलाइन के जरिये अस्पताल के हर वार्ड में बेड तक आक्सीजन पहुंचाया जाता। अस्पताल में पाइप लाइन के जरीए आक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था है, पर अभी आक्सीजन सिलेंडर को बाहर से मंगाया जाता है।
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अस्पताल में इस समय सांस के ही रोगी भर्ती
मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल में इस समय सर्जिकल, मेडिकल, महिला वार्ड, इमरजेंसी वार्ड आदि में सांस के मरीज ही भर्ती है। मेडिकल वार्ड में 36 बेड में 10 बेड पर पाइप लाइन के जरीए आक्सीजन की सप्लाई है। सभी पर सांस के रोगी भर्ती है। महिला वार्ड का भी यही हाल है। इसके अलावा इन दोनों वार्ड में तीन छोटे गैस सिलिंडर रखे गए हैं। सर्जिकल वार्ड, जिसमें घायल व आपरेशन आदि के मरीज भर्ती होते है। उसमें भी सांस के रोगी भर्ती हैं। 52 बेड के वार्ड में 12 बेड आक्सीजन के हैं। इस पर सांस के रोगी भर्ती हैं। इसके अलावा नीचे बच्चा वार्ड के पास इमरजेंसी कक्ष में भी सांस के रोगी भर्ती हैं। सभी वार्डों के आक्सीजन बेड फूल हैं। जो बेड खाली है, उस पर छोटे सिलिंडर के जरीए आक्सीजन दिया जा रहा है। प्रतिदिन 10 से 20 बड़े वाले सिलिंडर की खपत हो रही है।

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आक्सीजन प्लांट के लिए कमरा बनकर तैयार है। उसमें जनरेटर नहीं लग सका है। कमरा बन जाने के बारें में कार्यदायी संस्था और मुख्यालय को अवगत कराया गया है। इसके बन जाने से बाहर से गैस सिलेंडर मंगानेेे की जरूरत नहीं पड़ती। मंडलीय अस्पताल में 80 गैस सिलेंडर उपलब्ध है। जितना सिलेंडर खाली होता है, उसे मंगाया जाता है।
डॉ. कमल कुमार, एसआईसी, मंडलीय अस्पताल
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