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Mirzapur News: ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं हो सका आक्सीजन प्लांट का निर्माण
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मिर्जापुर। कोविड संक्रमण के दूसरी लहर में आक्सीजन की समस्या होने के बाद जिले के मंडलीय अस्पताल में आक्सजीन प्लांट लगने के बाद ग्रामीण क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी विधायक निधि व अन्य फंड से आक्सीजन प्लांट लगना था, पर उसका निर्माण नहीं हो सका। जिले में मंडलीय अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और विंध्याचल सीएचसी को लेकर चार प्लांट लगाए गए है। इसमें दो आक्सजीन प्लांट में तकनीकी समस्या है। जो एक-दो दिन में दूर हो जाएगी, पर विभाग की माने तो चारों प्लांट का संचालन हो रहा है।
कोविड के समय आक्सीजन की कमी के कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा था। जिसके बाद आक्सीजन प्लांट बनाने पर जोर दिया गया। इसमें मंडलीय अस्पताल परिसर में सबसे पहले 300 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) का आक्सीजन प्लांट लगाया गया। जिसका उद्धाटन करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आए थे। इसके बाद मंडलीय अस्पताल परिसर में ही 250 एलपीएम का दूसरा आक्सीजन प्लांट लगाया गया। इसके बाद जिला महिला अस्पताल में 900 एलपीएम का आक्सीजन प्लांट लगाया गया। चौथा आक्सजीन प्लांट विंध्याचल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 250 एलपीएम का बनाया गया। इसके बाद जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्र के सीएचसी पर आक्सीजन प्लांट लगाने प्रस्ताव बनाया गया था। इन आक्सीजन प्लांटो को मड़िहान, चुनार और लालगंज तहसील स्तर पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बनाना था, पर कोविड का संक्रमण कम होने पर ये आक्सीजन प्लांट ठंडे बस्ते में चले गए। फिलहाल चार आक्सीजन प्लांट में विंध्याचल सीएचसी और मंडलीय अस्पताल में लगे 250 एलपीएम के आक्सीजन प्लांट में तकनीकी समस्या है, पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो सभी प्लांट संचालित है। मंडलीय अस्पताल परिसर में 20 हजार लीटर क्षमता वाले आक्सीजन प्लांट का निर्माण शुुरु हो गया है।
मिर्जापुर। कोविड संक्रमण फिर से बड़ रहा है। इसे देखते हुए मंडलीय अस्पताल में 30 बेड का कोविड अस्पताल बना दिया गया है। आक्सीजन पाइप लाइन सही कराई जा रही है। मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय ( मेडिकल कालेज) के प्राचार्य डा. आरबी कमल ने बताया कि जहां पहले कोविड का एलटू अस्पताल बना था। वहां पर ट्रामा सेंटर संचालित है। ट्रामा सेंटर के सामने 145 बेड के निर्माणाधीन अस्पताल में नीचले तल पर जहां पहले डेंगू वार्ड बना था। वहां पर 30 बेड का कोविड अस्पताल बना दिया गया है। यहीं पर पांच बेड का आईसीयू वार्ड भी बना दिया जाएगा।
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मिर्जापुर। प्राचार्य डा. आरबी कमल ने बताया कि आक्सीजन की कमी नहीं है। अस्पताल में तीन प्लांट है। इसमें महिला अस्पताल में बने 900 एलपीएम आक्सीजन प्लांट को मंडलीय अस्पताल परिसर में शिफ्ट किया जाएगा। यहां पहले से 300 और 250 एलपीएम का आक्सजीन प्लांट है। 20 हजार लीटर क्षमता वाला आक्सजीन प्लांट बनाया जा रहा है। 102 छोटे-बड़े आक्सीजन सिलेंडर है। पांच लीटर के 30 और 10 लीटर के 80 आक्सीजन कंसंट्रेटर है।
विंध्याचल में आक्सीजन प्लांट संचालित है। इसके अलावा तीन आक्सीजन प्लांट मंडलीय और जिला महिला अस्पताल में है। फिलहाल किसी सीएचसी पर प्लांट लगाने का कोई आदेश नहीं आया है। पूर्व में आक्सीजन प्लांट लगाने की जानकारी नहीं है। डा. राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ
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मिर्जापुर। कोविड संक्रमण के दूसरी लहर में आक्सीजन की समस्या होने के बाद जिले के मंडलीय अस्पताल में आक्सजीन प्लांट लगने के बाद ग्रामीण क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी विधायक निधि व अन्य फंड से आक्सीजन प्लांट लगना था, पर उसका निर्माण नहीं हो सका। जिले में मंडलीय अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और विंध्याचल सीएचसी को लेकर चार प्लांट लगाए गए है। इसमें दो आक्सजीन प्लांट में तकनीकी समस्या है। जो एक-दो दिन में दूर हो जाएगी, पर विभाग की माने तो चारों प्लांट का संचालन हो रहा है।
कोविड के समय आक्सीजन की कमी के कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा था। जिसके बाद आक्सीजन प्लांट बनाने पर जोर दिया गया। इसमें मंडलीय अस्पताल परिसर में सबसे पहले 300 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) का आक्सीजन प्लांट लगाया गया। जिसका उद्धाटन करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आए थे। इसके बाद मंडलीय अस्पताल परिसर में ही 250 एलपीएम का दूसरा आक्सीजन प्लांट लगाया गया। इसके बाद जिला महिला अस्पताल में 900 एलपीएम का आक्सीजन प्लांट लगाया गया। चौथा आक्सजीन प्लांट विंध्याचल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 250 एलपीएम का बनाया गया। इसके बाद जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्र के सीएचसी पर आक्सीजन प्लांट लगाने प्रस्ताव बनाया गया था। इन आक्सीजन प्लांटो को मड़िहान, चुनार और लालगंज तहसील स्तर पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बनाना था, पर कोविड का संक्रमण कम होने पर ये आक्सीजन प्लांट ठंडे बस्ते में चले गए। फिलहाल चार आक्सीजन प्लांट में विंध्याचल सीएचसी और मंडलीय अस्पताल में लगे 250 एलपीएम के आक्सीजन प्लांट में तकनीकी समस्या है, पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो सभी प्लांट संचालित है। मंडलीय अस्पताल परिसर में 20 हजार लीटर क्षमता वाले आक्सीजन प्लांट का निर्माण शुुरु हो गया है।
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मिर्जापुर। कोविड संक्रमण फिर से बड़ रहा है। इसे देखते हुए मंडलीय अस्पताल में 30 बेड का कोविड अस्पताल बना दिया गया है। आक्सीजन पाइप लाइन सही कराई जा रही है। मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय ( मेडिकल कालेज) के प्राचार्य डा. आरबी कमल ने बताया कि जहां पहले कोविड का एलटू अस्पताल बना था। वहां पर ट्रामा सेंटर संचालित है। ट्रामा सेंटर के सामने 145 बेड के निर्माणाधीन अस्पताल में नीचले तल पर जहां पहले डेंगू वार्ड बना था। वहां पर 30 बेड का कोविड अस्पताल बना दिया गया है। यहीं पर पांच बेड का आईसीयू वार्ड भी बना दिया जाएगा।
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मिर्जापुर। प्राचार्य डा. आरबी कमल ने बताया कि आक्सीजन की कमी नहीं है। अस्पताल में तीन प्लांट है। इसमें महिला अस्पताल में बने 900 एलपीएम आक्सीजन प्लांट को मंडलीय अस्पताल परिसर में शिफ्ट किया जाएगा। यहां पहले से 300 और 250 एलपीएम का आक्सजीन प्लांट है। 20 हजार लीटर क्षमता वाला आक्सजीन प्लांट बनाया जा रहा है। 102 छोटे-बड़े आक्सीजन सिलेंडर है। पांच लीटर के 30 और 10 लीटर के 80 आक्सीजन कंसंट्रेटर है।
विंध्याचल में आक्सीजन प्लांट संचालित है। इसके अलावा तीन आक्सीजन प्लांट मंडलीय और जिला महिला अस्पताल में है। फिलहाल किसी सीएचसी पर प्लांट लगाने का कोई आदेश नहीं आया है। पूर्व में आक्सीजन प्लांट लगाने की जानकारी नहीं है। डा. राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ