{"_id":"67f6cc38e4f45ad5a20a6c06","slug":"no-relief-from-heat-as-temperature-drops-by-three-degrees-mirzapur-news-c-192-1-svns1034-132112-2025-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: तीन डिग्री लुढ़का तापमान पर गर्मी से राहत नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: तीन डिग्री लुढ़का तापमान पर गर्मी से राहत नहीं
विज्ञापन
मिर्जापुर। लगातार तीन दिन तक जिले में 42 डिग्री तापमान रहने के बाद बुधवार को मौसम के मिजाज में फिर बदलाव देखा गया। सुबह हल्के बादल छाने और पछुआ हवा चलने के कारण अधिकतम तापमान तीन डिग्री लुढ़क 39 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। हालांकि फिर तेज धूप निकलने की वजह से गर्मी से खास राहत नहीं मिली। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सब्जियों की फसल झुलस रही है। वहीं, खेतों की नमी भी तेजी से भाग रही है।
बुधवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि एक दिन पहले मंगलवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। तेज धूप के चलते घर के बाहर निकलना लोगों के लिए अब मुश्किल हो रहा था। बाहर कुछ दूर चलने पर लोगों का गला सूख रहा है। प्यास बुझाने के बाद ही लोग आगे चल रहे थे। सिटी ब्लाक क्षेत्र के सिनहर दिक्षित गांव निवासी सब्जियों की खेती करने वाले किसान चंद्रमा प्रसाद का कहना है कि हर तिसरे दिन सब्जियों की सिंचाई करनी पड़ रही है। बावजूद इसके फसल खेतों में झुलस रही है। ककराही गांव निवासी किसान राकेश कुमार का कहना है कि तेज धूप से फसल झुलसने के साथ ही रोग लगने का खतरा बना हुआ है। केवीके अध्यक्ष व कृषि वैज्ञानिक डॉ. श्रीराम सिंह ने कहा दो-चार दिन तापमान बढ़ने से कोई विशेष फर्क नहीं पड़ेगा। लगातार यही स्थिति रही तो नुकसान से इल्कार नहीं किया जा सकता है। जिला उद्यान अधिकारी अधिकारी मेवाराम ने कहा किसान सब्जियों के खेतों में नमी बनाए रखें। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, भू भौतिकी विभाग बीएचयू वाराणसी के तकनीकी अधिकारी मौसम वैज्ञानिक शिव मंगल सिंह ने बताया कि तापमान में हो रहे उतार चढ़ाव से आजकल में बादल घिरने की संभावना है। कुछ हलाकों में बूंदाबादी भी हो सकती है।
विज्ञापन
बुधवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि एक दिन पहले मंगलवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। तेज धूप के चलते घर के बाहर निकलना लोगों के लिए अब मुश्किल हो रहा था। बाहर कुछ दूर चलने पर लोगों का गला सूख रहा है। प्यास बुझाने के बाद ही लोग आगे चल रहे थे। सिटी ब्लाक क्षेत्र के सिनहर दिक्षित गांव निवासी सब्जियों की खेती करने वाले किसान चंद्रमा प्रसाद का कहना है कि हर तिसरे दिन सब्जियों की सिंचाई करनी पड़ रही है। बावजूद इसके फसल खेतों में झुलस रही है। ककराही गांव निवासी किसान राकेश कुमार का कहना है कि तेज धूप से फसल झुलसने के साथ ही रोग लगने का खतरा बना हुआ है। केवीके अध्यक्ष व कृषि वैज्ञानिक डॉ. श्रीराम सिंह ने कहा दो-चार दिन तापमान बढ़ने से कोई विशेष फर्क नहीं पड़ेगा। लगातार यही स्थिति रही तो नुकसान से इल्कार नहीं किया जा सकता है। जिला उद्यान अधिकारी अधिकारी मेवाराम ने कहा किसान सब्जियों के खेतों में नमी बनाए रखें। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, भू भौतिकी विभाग बीएचयू वाराणसी के तकनीकी अधिकारी मौसम वैज्ञानिक शिव मंगल सिंह ने बताया कि तापमान में हो रहे उतार चढ़ाव से आजकल में बादल घिरने की संभावना है। कुछ हलाकों में बूंदाबादी भी हो सकती है।
विज्ञापन