मिर्जापुर। छानबे के अकोढ़ी गांव में बाढ़ के चलते करीब एक महीने से बंद अंडरपास सोमवार को ग्रामीणों के प्रयास से फिर आवागमन के लिए खोल दिया गया। इससे अकोढ़ी समेत आसपास के 15 गांवों के 50 हजार से अधिक लोगों को जलभराव से राहत मिली है। अंडरपास बंद होने से ग्रामीणों को महज चार किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए 25 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा था।
गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद कर्णावती नदी भी उफान पर आ गई थी। इससे अकोढ़ी स्थित अंडरपास में बाढ़ का पानी और कीचड़ जमा हो गया था। गंगा और कर्णावती का जलस्तर घटने के बाद भी अंडरपास में कीचड़ और मलबा जमा रहने से रास्ता चालू नहीं हो पा रहा था। इसके चलते क्षेत्र के लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही थी। बबुरा निवासी राणा सिंह, अकोढ़ी निवासी मकसूदन सिंह समेत अन्य ग्रामीणों ने पहल करते हुए जेसीबी बुलवाई। इसके बाद अंडरपास में जमा कीचड़, मलबा और पानी को बाहर निकाला गया। रास्ता साफ होने के बाद वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। ग्रामीण पप्पू दूबे, रवि सिंह, पृथ्वी सिंह और राजाराम ने बताया कि कर्णावती नदी का जलस्तर काफी पहले घट गया था, लेकिन अंडरपास में जमा कीचड़ और मलबे के कारण आवागमन शुरू नहीं हो सका था। रास्ता बंद होने से गैपुरा होते हुए भटेवरा और अकोढ़ी के रास्ते विंध्याचल व मिर्जापुर जाने वाले लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा था। अब अंडरपास साफ होने से लोगों का समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।