UP News: सात साल की बच्ची से दरिंदगी के मामले में तेजी से इंसाफ, 22 दिन में दोषी को 20 वर्ष जेल की सजा
मिर्जापुर जिले में सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी के खिलाफ नजीर पेश करने वाली कार्रवाई की गई है। पुलिस ने दुष्कर्म के इस जघन्य मामले में मुकदमा दर्ज होने के सात दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल कर दी। इसके बाद कोर्ट ने तीन बार की सुनवाई में ही आरोपी को दोषी करार दिया।
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उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में सात साल की बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपी के खिलाफ नजीर पेश करने वाली कार्रवाई की गई है। सात वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी ने 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई व 30 हजार का अर्थदंड लगाया। पुलिस की पैरवी और न्यायालय की ओर से की गई त्वरित कार्रवाई के चलते आरोपी को 22 दिन में सुनवाई कर दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई।
अहरौरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 11 जून 2023 को थाने में तहरीर देकर बताया कि आरोपी ने उसकी सात वर्षीय पुत्री के साथ छेड़खानी की। बाद में जान से मारने की धमकी दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ाई गई।
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13 जून को आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस ने 13 जून को आरोपी सुनील कुमार सोनकर को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेज दिया। मात्र सात दिन के अंदर विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने 26 जून को संज्ञान लेते हुए 30 जून को आरोप तय किया।
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने बालिका के साथ हुई दुष्कर्म की घटना को प्राथमिकता देते हुए स्वयं पर्यवेक्षण करते हुए थाना अहरौरा पुलिस की पैरवी सेल को निर्देशित कर गुणवत्तापूर्ण व प्रभावी पैरवी कराई। इसके फलस्वरूप मात्र 22 दिन में न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान और अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर आरोपी सुनील कुमार सोनकर निवासी जसवा को दोषी पाते हुए 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 30 हजार का अर्थदंड भी लगाया।