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लि जेल में चल रहा है लूटखसोज का खेल
Updated Tue, 20 Jun 2017 12:27 AM IST
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मिर्जापुर। जिला जेल में अगर किसी बंदी से मिलना है तो लोगों को उससे मिलने के लिए किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा लेकिन इसके लिए आपको को अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। बाकी व्यवस्था जेलकर्मी कर देंगे। जेल में भुगतान करने पर कैदियों को भी तमाम सुविधाएं मुहैया करा दी जाती हैं। जेल में सुविधा शुल्क मांगने का एक वीडियो इन दिनों वायरल हुई है।
जिला जेल के कर्मचारी कारागार में बंद चल रहे बंदियों से मिलवाने के लिए उनके परिजनों से पर्ची काटने से लेकर अंदर जाने तक का सुविधा शुल्क वसूल रहे हैं। जबकि शासन का निर्देश है कि निशुल्क पर्ची काट कर मुहैया कराया जाए लेकिन ऐसा नहीं किया रहा है। कर्मचारी पर्ची के नाम पर दस रुपये से लेकर सौ रुपये तक वसूल रहे हैं। जिसके पास आईडी नहीं है उनसे पांच सौ रुपये वसूला जा रहा है। इसका खुलासा तब हुआ जब एक बंदी से मिलने आए मुलाकाती ने कर्मचारियों की सारी हरकत का वीडियो बना कर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होते ही कर्मियों में हड़कंप मच गया। कुछ दिनों के लिए कर्मचारी शांत हो गए लेकिन इसके बाद फिर सक्रिय हो गए। मुलाकाती राम कुमार ने बताया कि अपने एक रिश्तेदार से मिलने आया था लेकिन आईडी नहीं लाया था। इसके लिए उससे पांच सौ रुपया मांगा जा रहा था। नहीं देने पर मिलने नहीं दिया गया जबकि अन्य को पैसा देने पर मिलने दिया गया।
जिला जेल के कर्मचारी कारागार में बंद चल रहे बंदियों से मिलवाने के लिए उनके परिजनों से पर्ची काटने से लेकर अंदर जाने तक का सुविधा शुल्क वसूल रहे हैं। जबकि शासन का निर्देश है कि निशुल्क पर्ची काट कर मुहैया कराया जाए लेकिन ऐसा नहीं किया रहा है। कर्मचारी पर्ची के नाम पर दस रुपये से लेकर सौ रुपये तक वसूल रहे हैं। जिसके पास आईडी नहीं है उनसे पांच सौ रुपये वसूला जा रहा है। इसका खुलासा तब हुआ जब एक बंदी से मिलने आए मुलाकाती ने कर्मचारियों की सारी हरकत का वीडियो बना कर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होते ही कर्मियों में हड़कंप मच गया। कुछ दिनों के लिए कर्मचारी शांत हो गए लेकिन इसके बाद फिर सक्रिय हो गए। मुलाकाती राम कुमार ने बताया कि अपने एक रिश्तेदार से मिलने आया था लेकिन आईडी नहीं लाया था। इसके लिए उससे पांच सौ रुपया मांगा जा रहा था। नहीं देने पर मिलने नहीं दिया गया जबकि अन्य को पैसा देने पर मिलने दिया गया।
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