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भाजपाइयों व एक अधिकारी के इशारे पर मकान पर कब्जा कराने पहुंची पुलिस

Mon, 03 Jul 2017 12:27 AM IST
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:27 AM IST
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भाजपाइयों व एक अधिकारी के इशारे पर मकान पर कब्जा कराने पहुंची पुलिस
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मिर्जापुर। भाजपा के कुछ नेता शनिवार की देर रात कटरा कोतवाली क्षेत्र के टंडनपुरी कालोनी स्थित एक मकान को खाली कराने पुलिस के साथ पहुंच गए। जहां मकान में पहले से मौजूद गृहस्वामी तथा मकान को खरीदने का दावा करने वाले व्यक्ति ने अपनी पत्नी को मकान में प्रवेश करा दिया। इसको लेकर देर रात तक जद्दोजहद चलती रही। जैसे ही पुलिस वहां से हटी। मुहल्ले वालों ने कब्जा करने वालों को खदेड़ दिया।
कटरा कोतवाली क्षेत्र के टंडनपुरी कालोनी में एक मकान पर कब्जा दिलाने के लिए राजस्व विभाग की टीम, कटरा कोतवाली पुलिस और महिला थानाध्यक्ष पहुंच गई। उनके पास कोर्ट का कोई आदेश भी नहीं था। उनके साथ कुछ नेता और एक पैथालाजी संचालक भी था। गृहस्वामी ने बाहर निकलने से मना कर दिया तो मकान को खरीदने का दावा करने वाले व्यक्ति ने अपनी पत्नी को मकान के अंदर प्रवेश करा दिया। इसके बाद विवाद शुरू हो गया। कालोनी के निवासी उग्र हो गए और मकान के अंदर घुस कर अंदर मौजूद महिला को बाहर खदेड़ने लगे। मामला बढ़ता देख महिला ने अपने परिवार वालों को फोन किया। उसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने हंगामा कर रहे मुहल्ले वालों को खदेड़ दिया। वहां मौैजूद महिला को नगर निवासिनी महिला को कमरे से बाहर निकाल कर कोतवाली लाया गया।
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दरअसल टंडनपुरी कालोनी निवासी राइस मिल मालिक कृष्ण मुरारी पटेल ने नगर के एक सराफा कारोबारी से कुछ रुपये उधार लिए थे। इसके एवज में उसने गारंटी के तौर पर अपने मकान के कागजात सराफा व्यापारी के पास जमा कराए थे। दो साल में पैसा वापस करने का करार था। दो वर्ष बीतने के बाद भी कृष्ण मुरारी ने जब पैसा वापस नही किया तो सराफा व्यापारी पैसा लौटने का दबाव बनाने लगा। मकान पर कब्जा करने पहुंच गया। उनके साथ भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेता भी थे। हालांकि भाजपा जिलाध्यक्ष बालेंदुमणि त्रिपाठी ने इससे पल्ला झाड़ लिया है। उनका कहना है कि इससे भारतीय जनता पार्टी का और उसके किसी नेता का कोई लेना देना नहीं है। दो लोगों के बीच आपसी लेन देन का मामला है इसे पार्टी से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
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मकान कब्जा विवाद में पुलिस के शामिल होने की बात से पुलिस अधीक्षक ने भी पल्ला झाड़ लिया है। पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी का कहना है कि चिनियहवां इनारा निवासिनी निधि अग्रवाल की तहरीर पर टंडनपुरी कालोनी में एक व्यक्ति के घर पुलिस शनिवार की रात बयान लेने गई थी। पर घर वालों दरवाजा नहीं खोला। बयान नहीं देने पर पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मुकदमा दर्ज किया है। मकान पर कब्जा दिलाने का आरोप गलत है। यह मामला राजस्व का है। इसका निस्तारण न्यायालय ही कर सकता है। हालांकि पुलिस बयान लेने रात में भाजपा नेताओं के साथ क्यों गई इस पर मुहल्ले वाले सवाल खड़ा कर रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस के आला अफसरों की शह पर ही सराफा कारोबारी मकान पर कब्जा करने पहुंचे थे।
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