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पांच शिकारी चढ़े वन विभाग के हत्थे
Updated Tue, 09 Oct 2018 12:36 AM IST
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ड्रमंडगंज। वन विभाग की संयुक्त टीम ने पांच शिकारियों को शिकार करते समय रंगे हाथों गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वनक्षेत्राधिकारी ड्रमंडगंज भाष्कर प्रसाद पांडेय रविवार रात गश्त पर थे। तभी बंजारी कंपार्टमेंट नबंर पांच बांस के जंगल से गुजरते वक्त फायरिंग की आवाज सुनाई दी। इस पर वे जंगल की तरफ मुड़ गए। दूर से टार्च की रोशनी जलता देख बात समझते देर न लगी। पास पहुंच जब वन क्षेत्राधिकारी ने ललकारा तो शिकारी इधर-उधर भागने लगे।
साथ चल रहे हमराहियों ने पांचों शिकारियों को रंगे हाथ दबोच लिया। पकड़े गए शिकारियों में हरीश, प्रेम लाल निवासी लोढी हाटा मध्यप्रदेश तथा अर्जुन साकेत, पवन निवासी भैसोड वलाय पहाड़ व भाई लाल निवासी बंजारी बताए गए। वहीं, उनके अन्य साथी भाग निकले। वन विभाग की टीम ने अभियुक्तों के पास से लोहे का फावड़ा, लोहे का हथौड़ा, लोहे का सब्बल, प्लास्टिक की बोरी व 12 बोर का जीवित कारतूस बरामद किया। अभियुक्तों के साथ टीम जब जंगल गई तो देखा कि मगरोह गुफा में बने भालू के माद जहां नष्ट कर दिया गया था। अभियुक्तों ने बताया कि भालू के बच्चों को निकालकर मदारियों के हाथ बेचा जाता था। टीम ने 14 लोगों के विरुद्ध भारतीय वन्यजीव संरक्षण के तहत केस दर्ज किया है। टीम में मूलचंद वन दरोगा, शैलेंद्र बाबू सियाराम, उमाशंकर, हफीज, सोनल सिंह, जमुना शामिल रहे।
पांच शिकारी चढ़े वन विभाग के हत्थे
साथ चल रहे हमराहियों ने पांचों शिकारियों को रंगे हाथ दबोच लिया। पकड़े गए शिकारियों में हरीश, प्रेम लाल निवासी लोढी हाटा मध्यप्रदेश तथा अर्जुन साकेत, पवन निवासी भैसोड वलाय पहाड़ व भाई लाल निवासी बंजारी बताए गए। वहीं, उनके अन्य साथी भाग निकले। वन विभाग की टीम ने अभियुक्तों के पास से लोहे का फावड़ा, लोहे का हथौड़ा, लोहे का सब्बल, प्लास्टिक की बोरी व 12 बोर का जीवित कारतूस बरामद किया। अभियुक्तों के साथ टीम जब जंगल गई तो देखा कि मगरोह गुफा में बने भालू के माद जहां नष्ट कर दिया गया था। अभियुक्तों ने बताया कि भालू के बच्चों को निकालकर मदारियों के हाथ बेचा जाता था। टीम ने 14 लोगों के विरुद्ध भारतीय वन्यजीव संरक्षण के तहत केस दर्ज किया है। टीम में मूलचंद वन दरोगा, शैलेंद्र बाबू सियाराम, उमाशंकर, हफीज, सोनल सिंह, जमुना शामिल रहे।
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