फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   क्यों दबाना चाहता था कि छात्राओं के बीमारी का मामला विद्यालय प्रशासन

क्यों दबाना चाहता था कि छात्राओं के बीमारी का मामला विद्यालय प्रशासन

Sat, 14 Oct 2017 12:31 AM IST
Updated Sat, 14 Oct 2017 12:31 AM IST
विज्ञापन
क्यों दबाना चाहता था कि छात्राओं के बीमारी का मामला विद्यालय प्रशासन

विज्ञापन
मड़िहान। दूषित जल पीकर बीमार हुई सैंकड़ों छात्राओं के मामले को विद्यालय प्रशासन क्यों दबाना चाहता था यह सभी के समझ से परे है। यहीं नहीं विद्यालय से लेकर कुछ उच्चाधिकारियों तक ने गुरुवार की देर शाम तक जिलाधिकारी को भ्रमित किए रखा और उन्हें केवल छह सात छात्राओं के मामूली रूप से बीमार होने की सूचना दी। देर रात तक अधिक छात्राओं के बीमार होने की जानकारी हुई तो सुबह होते ही जिलाधिकारी बिमल कुमार दुबे, सीएमओ डा. उमेश यादव तथा एसडीएम सविता यादव मौके पर पहुंच गई और लापरवाही को लेकर विद्यालय प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई।
बता दें कि गुरुवार को सौ से अधिक छात्राओं के बीमार होने के मामले को विद्यालय प्रशासन पूरी तरह से दबाने की फिराक में था। वह इस मामले को क्यों दबाने का प्रयास कर रहा था इसके बारे में जांच आवश्यक हो गई है। गुरुवार को अगर छात्राओं के परिजनों ने सीएचसी के डाक्टरों को इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं के बीमारी होने की सूचना नहीं दी होती तो कोई न कोई अनहोनी हो सकती थी। यहीं नहीं छात्राओ ने भी हिम्मत दिखाते हुए चिकित्सीय टीम के सामने खुद आईं और अपने बीमारी के बारे में चिकित्सकों को बताते हुए दवा देने की मांग की। इसके बाद पूरा मामला खुला। अधिक संख्या में छात्राओं को बीमार देख चिकित्सीय टीम ने विद्यालय में छात्राओं का इलाज शुरू कर दिया। हालत बिगड़ने पर जब उनको सीएचसी भेजा तब मामला बाहर पहुंचा।
विज्ञापन

पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति वालिका विद्यालय की छात्राओं के परिजनों ने बताया कि चार दिन पूर्व स्कूल में जाने पर छात्राओं ने बताया था कि बीमार चल रही हैं। स्टाफ नर्स से दवा मांगने के बावजूद दवा नही दे रही हैं। इसके चलते उनकी हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ती गई और गुरुवार को बीमारी ने बड़ा रूप ले लिया। जानकारी होने पर तत्काल सीएचसी के डॉक्टरों को इसकी सूचना दी तो एक टीम उनका इलाज करने के लिए विद्यालय पहुंच गई। जहां उनकी मुलाकात सबसे पहले विद्यालय की अध्यापिका दीपिका से हुई। उन्होंने डॉक्टरों पर ही सवाल खड़ा करते हुए कहा कि यहां तो कोई बीमार नहीं है, फिर वह किस लिए आए हैं। उसने टीम को अंदर जाने से मना कर दिया। अध्यापिका व टीम के बातचीत की जानकारी छात्राओें को हुई तो वह बाहर निकल आई और चिकित्सकों से अपने बीमारी के बारे में बताते हुए इलाी करने को कहा। धीरे धीरे बीमार छात्राओं का हुजूम स्कूल के बरामदे में उमड़ पड़ा। अन्य कर्मचारियों के सहयोग से हास्टल में ही बीमार छात्राओं का इलाज शुरू किया गया। गंभीर 22 छात्राओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed