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Mirzapur News: मेडिकल काॅलेज के डाॅक्टर समेत 17 कर्मचारी हुए कार्यमुक्त
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मिर्जापुर। शिकायत मिलने पर मेडिकल काॅलेज में कार्यरत डाॅक्टर, स्टाफ नर्स समेत 17 लाेगों को कार्यमुक्त कर दिया गया है। नोटिस जारी कर उनको एक जून से मूल तैनाती वाले स्थल पर जाने का निर्देश दिया गया है। अब ये कर्मचारी चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण लखनऊ से संबंद्ध हो गए हैं। वहां से इनको नई तैनाती मिलेगी। इनके अलावा अभी और लगभग 50 अन्य कर्मचारियों के कार्यमुक्त होने की संभावना है।
मंडलीय अस्पताल में कर्मचारी चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग के तहत कार्य कर रहे थे। मेडिकल काॅलेज बनने के बाद सभी कर्मचारी चिकित्सा शिक्षा विभाग से जुड़ गए। शासन का आदेश था कि मेडिकल काॅलेज शुरू होने के बाद मार्च 2024 तक चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के तहत कार्य कर रहे कर्मचारियों को कार्यमुक्त कर दिया जाय। उनको उनके मूल तैनाती स्थल पर भेजने का निर्देश दिया गया। उनके स्थान पर मेडिकल काॅलेज प्रशासन नई भर्ती करेगा। जब नई भर्ती हो जाए तो चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को कार्यमुक्त करना था। इस बीच डाॅक्टर के साथ महिला अस्पताल में स्टाफ नर्स और वार्ड आया की कई शिकायतें मिलने लगीं। इसमें मरीजों से पैसे लेने का आरोप भी लगा। प्राचार्य डाॅ. आरबी कमल ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत नए कर्मचारियों की भर्ती होने पर चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को कार्यमुक्त किया जाना था। इस बीच कई लोगों की शिकायतें आ रही थीं। इसके बाद उनको पहले ही कार्यमुक्त कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि कार्यमुक्त किए गए लोगों में डाॅ. विकास सिंह, सिस्टर शकुंतला देवी पाल, राज मुन्नी देवी, कल्पना शर्मा, मीरा श्रीवास्तव, बिंदा सिंह, फार्मासिस्ट अशोक कुमार दुबे, भूपेंद्र पांडेय, वार्ड ब्वाय कन्हैया प्रसाद, सफाई कर्मी मन्ना, चीफ फार्मासिस्ट शमशेर बहादुर, कुक सुनील कुमार, वार्ड आया जड़ावती देवी, स्टाफ नर्स निर्जला सिंह, कहार महेश, भिस्ती मो. सलीम शामिल हैं। इन लोगाें को कार्यमुक्त कर दिया गया है। एक जून से ये कर्मचारी अपनी मूल तैनाती पर जाएंगे। सभी को कार्यमुक्त किए जाने संबंधी नोटिस जारी कर दिया गया है।
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मंडलीय अस्पताल में कर्मचारी चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग के तहत कार्य कर रहे थे। मेडिकल काॅलेज बनने के बाद सभी कर्मचारी चिकित्सा शिक्षा विभाग से जुड़ गए। शासन का आदेश था कि मेडिकल काॅलेज शुरू होने के बाद मार्च 2024 तक चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के तहत कार्य कर रहे कर्मचारियों को कार्यमुक्त कर दिया जाय। उनको उनके मूल तैनाती स्थल पर भेजने का निर्देश दिया गया। उनके स्थान पर मेडिकल काॅलेज प्रशासन नई भर्ती करेगा। जब नई भर्ती हो जाए तो चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को कार्यमुक्त करना था। इस बीच डाॅक्टर के साथ महिला अस्पताल में स्टाफ नर्स और वार्ड आया की कई शिकायतें मिलने लगीं। इसमें मरीजों से पैसे लेने का आरोप भी लगा। प्राचार्य डाॅ. आरबी कमल ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत नए कर्मचारियों की भर्ती होने पर चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को कार्यमुक्त किया जाना था। इस बीच कई लोगों की शिकायतें आ रही थीं। इसके बाद उनको पहले ही कार्यमुक्त कर दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि कार्यमुक्त किए गए लोगों में डाॅ. विकास सिंह, सिस्टर शकुंतला देवी पाल, राज मुन्नी देवी, कल्पना शर्मा, मीरा श्रीवास्तव, बिंदा सिंह, फार्मासिस्ट अशोक कुमार दुबे, भूपेंद्र पांडेय, वार्ड ब्वाय कन्हैया प्रसाद, सफाई कर्मी मन्ना, चीफ फार्मासिस्ट शमशेर बहादुर, कुक सुनील कुमार, वार्ड आया जड़ावती देवी, स्टाफ नर्स निर्जला सिंह, कहार महेश, भिस्ती मो. सलीम शामिल हैं। इन लोगाें को कार्यमुक्त कर दिया गया है। एक जून से ये कर्मचारी अपनी मूल तैनाती पर जाएंगे। सभी को कार्यमुक्त किए जाने संबंधी नोटिस जारी कर दिया गया है।
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