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नहरों का जाल, फिर भी भूमि असिंचित
Updated Sun, 15 Oct 2017 12:14 AM IST
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अदलहाट। विकास खंड नरायनपुर व जमालपुर में नहरों का संजाल विछा है, फिर भी सैकड़ों एकड़ धान की लहलहाती फसल सूखने के कगार पर है। इसके पीछे कारण बताया जा रहा है कि नहरों की वर्षों से सफाई नहीं की गई, जिससे नहरों की तली में मिट्टी की सिल्ट जमा हो गई है। यहां तक कि नहरों में सदाबहार, सेवार आदि तमाम घासों के उग जाने से भी नहर का पानी उफनने लगता है। जिसके चलते टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है
लोगों का आरोप है कि नहरों की सफाई सिर्फ कागजों पर ही कर दी जाती है। सफाई के नाम पर आये पैसे का खर्च तो दिखा दिया जाता है, लेकिन कहां पैसा खर्च किया गया यह केवल विभागीय अभियंता को ही पता होता है। किसानों को टेल तक पानी देने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा नहरों के तल्लियों की सफाई व बंधाई का कार्य नहर खुलने के पहले ही कर लिया जाता है, लेकिन कई वर्षों से नहरों की साफ सफाई कटी पिटी नहरों व टूटी डौलों की बंधाई नही की गई। कुछ नहरों व माइनरों को रोस्टर के हिसाब से चलाया जा रहा है। एक सप्ताह अथवा 10 दिनों तक का रोस्टर से चलाए जा रहे माइनरों का पानी टेल तक कौन कहे माइनर के एक दो किलोमीटर तक के ही धान के फसलों की सिंचाई नही हो पा रही है। आनंदीपुर माइनर की हालत सबसे खराब है । यह माइनर चार पांच किलोमीटर लंबी है परंतु इसका पानी तीन किलोमीटर तक के किसानों की फसलों को सिंचित नही कर सका । किसानों ने अपने माइनरों की समस्याएं अधिशासी अभियंता व सहायक अभियंता सहित अवर अभियंताओं के सामने कई बार रखी परंतु अभीं तक कोई हल नही निकल सका। क्षेत्र के भागवत ब्रांच, देवनाथपुर माइनर, कोलना, फिरोजपुर, घरवासपुर, रामपुर, दयालपुर, शिवराजपुर, खरकां, नीबी, घुरहुपुर, पथरौरा, भाईपुर, बिक्सी, बेलहर, आनंदीपुर धुरियां, पटिहटा, सिकंदरपुर, जमालपुर, सहित अहरौरा मेन ब्रांच माईनरों के कटी होने व तल्लियों की सफाई न किए जाने से धान की फसल सूखने लगी हैं।
लोगों का आरोप है कि नहरों की सफाई सिर्फ कागजों पर ही कर दी जाती है। सफाई के नाम पर आये पैसे का खर्च तो दिखा दिया जाता है, लेकिन कहां पैसा खर्च किया गया यह केवल विभागीय अभियंता को ही पता होता है। किसानों को टेल तक पानी देने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा नहरों के तल्लियों की सफाई व बंधाई का कार्य नहर खुलने के पहले ही कर लिया जाता है, लेकिन कई वर्षों से नहरों की साफ सफाई कटी पिटी नहरों व टूटी डौलों की बंधाई नही की गई। कुछ नहरों व माइनरों को रोस्टर के हिसाब से चलाया जा रहा है। एक सप्ताह अथवा 10 दिनों तक का रोस्टर से चलाए जा रहे माइनरों का पानी टेल तक कौन कहे माइनर के एक दो किलोमीटर तक के ही धान के फसलों की सिंचाई नही हो पा रही है। आनंदीपुर माइनर की हालत सबसे खराब है । यह माइनर चार पांच किलोमीटर लंबी है परंतु इसका पानी तीन किलोमीटर तक के किसानों की फसलों को सिंचित नही कर सका । किसानों ने अपने माइनरों की समस्याएं अधिशासी अभियंता व सहायक अभियंता सहित अवर अभियंताओं के सामने कई बार रखी परंतु अभीं तक कोई हल नही निकल सका। क्षेत्र के भागवत ब्रांच, देवनाथपुर माइनर, कोलना, फिरोजपुर, घरवासपुर, रामपुर, दयालपुर, शिवराजपुर, खरकां, नीबी, घुरहुपुर, पथरौरा, भाईपुर, बिक्सी, बेलहर, आनंदीपुर धुरियां, पटिहटा, सिकंदरपुर, जमालपुर, सहित अहरौरा मेन ब्रांच माईनरों के कटी होने व तल्लियों की सफाई न किए जाने से धान की फसल सूखने लगी हैं।
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