दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के आकस्मिक निधन से कांग्रेसी सदमे में हैं। कांग्रेसियों ने उनके जाने को पार्टी और देश के लिए अपूर्णनीय क्षति बताया है। शीला दीक्षित 2017 के विधान सभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए सहारनपुर आईं थीं।
बात उस चुनाव की, ...जब शीला दीक्षित ने सहारनपुर के कार्यकर्ताओं में भरा था जोश
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प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष इमरान मसूद का कहना है कि शीला दीक्षित एक कर्मठ और ईमानदार नेता थीं। दिल्ली का सबसे अधिक विकास उन्हीं के शासनकाल में हुआ। उन्होंने दिल्ली को नईं पहचान दीं।
उन्होंने बताया कि 2017 के चुनाव में पार्टी ने उन्हें यूपी के मुख्यमंत्री पद के लिए उम्मीदवार बनाया था। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक लेने के लिए वह सहारनपुर पहुंची थी। उन्होंने एक-एक पदाधिकारी से बात कर उनमें जोश भरने का काम किया था। उनका जाना पार्टी के लिए बड़ा नुकसान है। उन्होंने अपनी ओर से श्रद्धांजलि दी।
वहीं विधायक मसूद अख्तर और नरेश सैनी ने शीला दीक्षित की मौत को पार्टी के लिए बड़ा नुकसान बताया। जिलाध्यक्ष शशी वालिया और कार्यकारी जिलाध्यक्ष जावेद साबरी ने शीला दीक्षित के निधन पर दुख व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि शीला दीक्षित एक विनम्र और मजबूत इरादों वाली महिला थीं। उनका जाना केवल कांग्रेस के लिए नहीं, बल्कि देश के लिए बड़ी हानि है। देश ने एक कर्मठ नेता खोया है।
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