बागपत के अमीनगर सराय में सेवानिवृत्त लिपिक भंवर सिंह यादव की शुक्रवार को दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। वहीं हत्या के बाद पुलिस को मौके पर दुकान का सामान बिखरा मिला है। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि गला काटने से पहले उसके साथ मारपीट भी की गई और मृतक ने बचने के लिए हत्यारों से संघर्ष भी किया। पुलिस को इस मामले में किसी नजदीकी पर शक है। इसकी जांच की जा रही है।
बागपत: सेवानिवृत्त लिपिक की हत्या में नजदीकी पर शक, दुकान में चारों ओर बिखरा मिला सामान
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एसपी ने बताया कि साजिश के तहत हत्या को अंजाम दिया गया है। पुलिस संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही है। सर्विलांस के जरिए आरोपी का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्दी ही घटना का खुलासा किया जाएगा। वहीं, पुलिस के शक की सुई नजदीकियों पर ही घूम रही है। बताया जा रहा है कि दिन में भंवर सिंह का अपने एक नजदीकी से झगड़ा भी हुआ था।
बेटे की भी हो चुकी है हत्या
भंवर सिंह यादव के तीन बेटे महकार, बिल्लू और मनोज थे। बड़े बेटे महकार की 25 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। दूसरे बेटे बिल्लू की पांच साल पहले जमीनी विवाद में हत्या कर दी गई थी। भंवर सिंह अपने म़तक बेटे बिल्लू के परिवार के साथ मेरठ में रहता था। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
घटनास्थल से सौ मीटर दूर थी पुलिस
कस्बे में जिस जगह भंवर सिंह की हत्या की गई, वहां से महज 100 मीटर की दूरी पर हिसावदा चौराहे पर पुलिस कर्मी बैठे हुए थे। लेकिन पुलिस को इस वारदात की भनक तक नहीं लगी।
कस्बे के व्यापारियों में दहशत
कस्बे में दो साल पहले अंकित वर्मा के ज्वैलरी शोरूम पर लाखों की डकैती हुई थी। उसके आठ माह बाद विपुल जैन की दुकान पर 50 लाख की डकैती की घटना हुई। फिर एक व्यापारी सुनील की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तीनों ही घटनाओं के बाद व्यापारियों ने एक सप्ताह तक बाजार बंद रखा था। लेकिन पुलिस वारदातों का खुलासा अब तक नहीं कर पाई। दिनदहाड़े इस हत्या की वारदात से व्यापारी दहशत में हैं।