UP: पांच रोहिंग्या के फर्जी पासपोर्ट का मामला, एसपी सिटी ने चार दारोगा पर तय किए थे आरोप, अब एसएसपी को सौंपी रिपोर्ट
रोहिंग्या के फर्जी पासपोर्ट के मामले में एसपी सिटी ने एसएसपी को रिपोर्ट भेज दी है। इससे पहले जांच के दौरान एसपी सिटी ने चार दरोगा पर आरोप तय किए थे।
विस्तार
पांच रोहिंग्या के मेरठ जनपद से पासपोर्ट जारी होने के मामले में एसपी सिटी ने एसएसपी को रिपोर्ट सौंप दी है। एसपी सिटी की जांच में पता चला था कि फर्जी कागजातों के जरिए पासपोर्ट बनवाए गए थे।
एसपी सिटी ने चार दरोगा पर तय किए थे आरोप
मेरठ में पांच रोहिंग्या के पासपोर्ट जारी होने के मामले में पुलिस जांच पूरी हो चुकी है। पासपोर्ट की जांच करने वाले चार दारोगा पर एसपी सिटी ने आरोप तय किए थे, जबकि सभी के आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और पैनकार्ड तक जारी हो चुके हैं। उसके बाद भी अन्य विभागों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। पुलिस का तर्क है कि इतनी आईडी होने के बाद ही उन्होंने जांच में फाइनल रिपोर्ट लगाई थी। मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा होने के बाद पुलिसकर्मियों को लापरवाह मानते हुए आरोप तय किए थे।
शासन के आदेश पर चार दारोगा के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) ने जून 2021 में म्यांमार से मानव तस्करी करते हुए रोहिंग्या हाफिज शफीक, मुफजुर्रह्मान, अजीजुर्रहमान और मोहम्मद इस्लाइल को गिरफतार किया था, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हवाला कारोबार और म्यांमार से भारत तक मानव तस्करी करते थे। यह गिरोह आधार कार्ड और वोटर कार्ड बनवा कर पासपोर्ट बनवाता था। इसके बाद भारतीय पहचान पत्र दिखाकर म्यांमार के युवकों को भारत में फैक्ट्रियों में काम दिलाता था।
यह भी पढ़ें: UP: आखिर NDRF की टीम ने 20 घंटे बाद ढूंढ निकाली स्कॉर्पियो, कार में मिला एक शव, चौथे युवक की तलाश जारी
एटीएस की जांच में सामने आया कि हाफिज शफीक का पासपोर्ट मेरठ से तैयार हुआ था, जो लिसाड़ीगेट थाने के फकरुददीन गली में रहता था। हाफिज शफीक की जांच के बाद सामने आया कि मेरठ में रोहिंग्या अबू आलम निवासी नयामकान अहमद नगर लिसाड़ीगेट, उसका बेटा मोहम्मद अजीज, रिहाना पुत्री मोहम्मद हसन निवासी जाटव स्ट्रीट बनियापाड़ा कोतवाली और रोमिना पुत्री मोहम्मद उल्ली निवासी कर्मअली जाटवगेट कोतवाली का भी आधार कार्ड और पासपोर्ट मेरठ से तैयार हुआ था।
यह भी पढ़ें: PHOTOS: पांच करोड़ की कोठी जब्त, पहले अरबों रुपये की संपत्ति हो चुकी कुर्क, जानें आखिर कौन है यशपाल तोमर
एसपी सिटी विनीत भटनागर की जांच में सामने आया कि यह पासपोर्ट 2013 से 16 तक बनाए गए है। उस समय पासपोर्ट की जांच कराने वाले सभी दारोगा के बयान दर्ज किए गए। दारोगा ने बताया कि नगर निगम की तरफ से वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड और पैन कार्ड तक जारी किया गया। उन्हीं कागजात और पार्षद की रिपोर्ट को आधार बनाकर जांच रिपोर्ट पेश की गई थी। एसएसपी सिटी ने पासपोर्ट की जांच करने वाले सभी चार दारोगा पर आरोप तय किए थे। मामला शासन तक पहुंचा हुआ है, ऐसे में कप्तान या शीर्ष अधिकारी चार दारोगा पर होने वाली कार्रवाई को तय करेंगे।