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सड़क हादसे में घायल की सात दिन बाद मौत
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खरखौदा (मेरठ)। सात दिन पहले हुए सड़क हादसे में घायल युवक की सोमवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक की पत्नी ने हादसे के तुरंत बाद सिपाही सहित दो लोगों पर जान से मारने की नीयत से हमला करने का आरोप लगाया था तथा सोमवार को पति की मौत के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए एसएसपी थाना पर तहरीर दी है।
परतापुर थाना क्षेत्र का नदीम 40 वर्ष पुत्र इस्लामूददीन कपड़े की फेरी लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था। 31 अगस्त को वह बिजौली के पास घायल अवस्था में पड़ा मिला था। नदीम को राहगीरों ने अस्पताल में भर्ती करा दिया। सात दिन बाद नदीम ने सोमवार को दम तोड़ दिया। मृतक की पत्नी शबनम का आरोप है कि छह वर्ष पहले उसके पति को थाना लिसाड़ी गेट में तैनात एक सिपाही ने मोबाइल चोरी में जेल भेजा था। जमानत पर उसका पति बाहर आया तो उक्त सिपाही जबरन किसी मामले में फंसाने की धमकी देकर अवैध वसूूली करने लगा। अस्पताल में उसके पति ने उसे बताया कि 31 अगस्त को वह बिजौली संपर्क मार्ग की ओर मुड़ा तो पीछे से कार में उक्त सिपाही व उसके एक साथी ने आकर उसे घर लिया तथा अवैध वसूली की मांग की। लेकिन उसने इंकार किया तो दोनों ने लोहे की राड़ से मारपीट की तथा बाद में कार की टक्कर मार कर भाग गए। महिला के अनुसार उसने घटना वाले दिन हत्या के प्रयास की तहरीर खरखौदा थाना पर दी थी लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। अब मौत के बाद वह हत्या की तहरीर एसएसपी दफ्तर व फिर बाद में थाना पर तहरीर लेकर पहुंची। उधर खरखौदा थाना प्रभारी अरविंद शर्मा के अनुसार इस मामले में केवल हादसे में हुई मौत के मामले में ही तहरीर मिली थी। जिसमें रिपोर्ट दर्ज कर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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परतापुर थाना क्षेत्र का नदीम 40 वर्ष पुत्र इस्लामूददीन कपड़े की फेरी लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था। 31 अगस्त को वह बिजौली के पास घायल अवस्था में पड़ा मिला था। नदीम को राहगीरों ने अस्पताल में भर्ती करा दिया। सात दिन बाद नदीम ने सोमवार को दम तोड़ दिया। मृतक की पत्नी शबनम का आरोप है कि छह वर्ष पहले उसके पति को थाना लिसाड़ी गेट में तैनात एक सिपाही ने मोबाइल चोरी में जेल भेजा था। जमानत पर उसका पति बाहर आया तो उक्त सिपाही जबरन किसी मामले में फंसाने की धमकी देकर अवैध वसूूली करने लगा। अस्पताल में उसके पति ने उसे बताया कि 31 अगस्त को वह बिजौली संपर्क मार्ग की ओर मुड़ा तो पीछे से कार में उक्त सिपाही व उसके एक साथी ने आकर उसे घर लिया तथा अवैध वसूली की मांग की। लेकिन उसने इंकार किया तो दोनों ने लोहे की राड़ से मारपीट की तथा बाद में कार की टक्कर मार कर भाग गए। महिला के अनुसार उसने घटना वाले दिन हत्या के प्रयास की तहरीर खरखौदा थाना पर दी थी लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। अब मौत के बाद वह हत्या की तहरीर एसएसपी दफ्तर व फिर बाद में थाना पर तहरीर लेकर पहुंची। उधर खरखौदा थाना प्रभारी अरविंद शर्मा के अनुसार इस मामले में केवल हादसे में हुई मौत के मामले में ही तहरीर मिली थी। जिसमें रिपोर्ट दर्ज कर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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