वर्दी की चाह में फंस गई हिंदू किशोरी: नाम बदल पहले रखा साथ, फिर बेचने पर उतर आया इस्तेखार, पत्नी ने खोली पोल
Meerut News : पुलिस में भर्ती कराने और अपना नाम बदल कर एक युवक ने हिंदू किशोरी को अपने जाल में फंसा लिया। इसके बाद डेढ़ माह तक उसे अपने साथ रखा और अब किशोरी को बेचने की फिराक में था। लेकिन उसकी पत्नी ने पोल खोल दी।
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मेरठ में लिसाड़ी गेट निवासी इस्तेखार पुलिस में भर्ती कराने का झांसा देकर छत्तीसगढ़ की एक हिंदू किशोरी को मेरठ ले आया। डेढ़ महीने साथ रखने के बाद किशोरी को बेचने की फिराक में था। इस्तेखार की पत्नी को इसकी भनक लगी तो वह पुलिस के साथ पति के घर पहुंच गई। तब मामले की पोल खुली। पुलिस ने इस्तेखार को गिरफ्तार कर लिया और किशोरी को छत्तीसगढ़ भेजने के लिए वहां की पुलिस से संपर्क किया है।
पुलिस के मुताबिक, लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र की जैदी फार्म वाली गली निवासी इस्तेखार चार साल पहले टेंपो चलाता था। पहली बीवी को तलाक देकर इस्तेखार ने शबनम से निकाह किया। उससे एक बच्चा होने के बाद पत्नी को छोड़ दिया। पिछले काफी समय से इस्तेखार छत्तीसगढ़ में रहकर मजदूरी कर रहा था। वहां उसने पड़ोस में रहने वाली एक हिंदू किशोरी को अपना नाम सोनू बताकर प्रेम जाल में फंसा लिया।
बताया गया कि किशोरी पुलिस में भर्ती होना चाहती थी। उसे सिपाही बनाने का झांसा देकर इस्तेखार डेढ़ महीने पहले मेरठ ले आया। यहां लिसाड़ी गेट क्षेत्र में खुशहाल कॉलोनी में किराए के मकान में रहने लगा। आरोपी की पत्नी को जानकारी मिली तो वह पुलिस लेकर खुशहाल कॉलोनी पहुंच गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने इस्तेखार को गिरफ्तार कर लिया और किशोरी को थाने ले आई। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि इस्तेखार एक महिला दलाल के जरिए किशोरी को पांच लाख रुपये में बेचने की फिराक में था।
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ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी विष्णु कौशिक का कहना है कि आरोपी के खिलाफ युवती के अपहरण के मामले में छत्तीसगढ़ में मुकदमा दर्ज है। जानकारी के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस भी मेरठ के लिए रवाना हो गई है।
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