यूपी: किशोरी के साथ दरिंदगी, गर्भवती होने पर कराया गर्भपात, समझौते को लेकर बैठी पंचायत, अब हुई बड़ी कार्रवाई
Meerut News : किशोरी के साथ पहले दरिंदगी की गई। फिर उसका गर्भपात करा दिया। इस मामले में पीड़ित पर समझौता करने लिए गांव में पंचायत भी बैठी थी। अब पुलिस ने दो डॉक्टरों समेत छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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मेरठ में सरधना थाना क्षेत्र के एक गांव में भाई को मारने की धमकी देकर किशोरी के साथ कई माह तक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराया। साथ ही उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराए हैं। वहीं, मामले में दुष्कर्म पीड़िता का गर्भपात करने वाले दो चिकित्सकों सहित छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में गांव में पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने के लिए पंचायत भी हुई। पंचायत में पीड़ित पक्ष ने समझौते से मना कर दिया।
परिजनों के मुताबिक, गांव में सोनू नाम का युवक करीब छह माह से किशोरी के भाई की हत्या की धमकी देकर दुष्कर्म करता रहा। इस बीच किशोरी के गर्भवती होने पर आरोपी सोनू सरधना के बिनौली रोड स्थित श्रीरामसिंह नर्सिंग होम पर गर्भपात कराने के लिए पहुंचा। आरोप है कि अस्पताल के संचालक डॉ. विपिन व डॉ. कादिर ने कुछ रकम लेकर चार माह का गर्भपात करा दिया था। किशोरी के साथ दुष्कर्म और गर्भपात की जानकारी होने पर मां ने तहरीर दी थी।
पुलिस ने सोनू, रोहित, डॉ. विपिन, डॉ. कादिर, मोनू व राजकुमार के खिलाफ दुष्कर्म सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, दूसरी तरफ मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी पीड़ित पक्ष पर दबाव के लिए पंचायत करते रहे। इसमें परिजनों ने समझौते से मना कर दिया।
समझौता होने पर मां ने दी आत्महत्या की चेतावनी
पीड़िता की मां ने भी समझौता होने पर आत्महत्या करने की चेतावनी दी है। वहीं, मामले में दबाव बढ़ता देख पुलिस मुख्य आरोपी सोनू को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। थाना प्रभारी निरीक्षक रमाकांत पचौरी का कहना है कि पीड़िता के कोर्ट में बयान दर्ज कराए हैं। गर्भपात करने वाले चिकित्सकों की रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी गई है। मामले की जांच जारी है।
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अस्पताल में मानकों की जांच के लिए कमेटी गठित
श्रीराम सिंह नर्सिंग होम पर एक साल पहले तत्कालीन एसडीएम ने छापेमारी करते हुए सील लगाई थी। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग से साठगांठ करते हुए अस्पताल में गर्भपात कराने का धंधा चल रहा था। इसके अलावा अस्पताल संचालक पर कई बार गंभीर आरोप लग चुके हैं।
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सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि अस्पताल में मानकों की जांच के लिए टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।