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समान कार्य के लिए सफाई कर्मचारियों को समान वेतन मिले
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सरधना। नगर पालिका में एससी एसटी आयोग के सदस्य ने सफाई कर्मचारियों की समस्याएं सुनी। संवाद
सरधना। नगर पालिका के सभागार में शुक्रवार को आयोजित बैठक में एससी/एसटी आयोग के सदस्य महीपाल वाल्मीकि ने सफाई कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं। अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने उन्हें मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा और लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की अपील की।
आयोग सदस्य को अवगत कराया कि पिछले 18 वर्षों से संविदा पर कार्यरत सफाई कर्मचारी देश को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें अब तक नियमित नहीं किया गया। स्थानीय निकाय विभाग में कार्यरत इन संविदा कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का लाभ तो मिल रहा है, लेकिन जनवरी 2016 से लागू सातवें वेतन आयोग का लाभ अब तक नहीं दिया गया।
प्रतिनिधियों ने कहा कि विभाग में आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन मिलना चाहिए। नगर निगम और पालिकाओं में ईपीएफ की कटौती हो रही है, लेकिन नगर पंचायतों में अब भी शासनादेश का पालन नहीं किया जा रहा है। आयोग सदस्य ने पालिका प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
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अधिशासी अधिकारी दीपिका शुक्ला ने बताया कि कर्मचारियों की कई महीनों से लंबित ईपीएफ और ईएसआई की किस्तों में से लगभग 11.30 लाख की राशि उनके खातों में जमा कराई जा चुकी है। आश्वासन दिया कि शेष शिकायतों का भी जल्द निस्तारण किया जाएगा। आयोग सदस्य ने निर्देश दिए कि आउटसोर्सिंग व संविदा पर कार्यरत सभी कर्मचारियों को उनका नियमानुसार लाभ समय पर दिया जाए। आयोग सदस्य ने प्रतिनिधियों से वार्ता के दौरान आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर शासन स्तर पर उठाया जाएगा। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावरिया, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष विकास प्रधान, महीपाल वाल्मीकि, शुगनचंद धिंगान, सोहनवीर सिंह, सुनील कुमार, विनोद बेचैन, अनिल कुमार, अरुण कुमार, अमित कुमार, शुभम आदि मौजूद रहे।
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आयोग सदस्य को अवगत कराया कि पिछले 18 वर्षों से संविदा पर कार्यरत सफाई कर्मचारी देश को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें अब तक नियमित नहीं किया गया। स्थानीय निकाय विभाग में कार्यरत इन संविदा कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का लाभ तो मिल रहा है, लेकिन जनवरी 2016 से लागू सातवें वेतन आयोग का लाभ अब तक नहीं दिया गया।
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प्रतिनिधियों ने कहा कि विभाग में आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन मिलना चाहिए। नगर निगम और पालिकाओं में ईपीएफ की कटौती हो रही है, लेकिन नगर पंचायतों में अब भी शासनादेश का पालन नहीं किया जा रहा है। आयोग सदस्य ने पालिका प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
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अधिशासी अधिकारी दीपिका शुक्ला ने बताया कि कर्मचारियों की कई महीनों से लंबित ईपीएफ और ईएसआई की किस्तों में से लगभग 11.30 लाख की राशि उनके खातों में जमा कराई जा चुकी है। आश्वासन दिया कि शेष शिकायतों का भी जल्द निस्तारण किया जाएगा। आयोग सदस्य ने निर्देश दिए कि आउटसोर्सिंग व संविदा पर कार्यरत सभी कर्मचारियों को उनका नियमानुसार लाभ समय पर दिया जाए। आयोग सदस्य ने प्रतिनिधियों से वार्ता के दौरान आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर शासन स्तर पर उठाया जाएगा। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावरिया, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष विकास प्रधान, महीपाल वाल्मीकि, शुगनचंद धिंगान, सोहनवीर सिंह, सुनील कुमार, विनोद बेचैन, अनिल कुमार, अरुण कुमार, अमित कुमार, शुभम आदि मौजूद रहे।