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समस्या बरकरार, नहीं हुआ कूड़े का उपचार
amarujala
Updated Tue, 25 Sep 2018 01:49 AM IST
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meerut
- फोटो : meerut
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पूरा शहर कूड़े की बदबू से सड़ रहा है। ढलावघर ही नहीं नगर निगम के वाहन डिपो से भी कूड़े की बदबू उठनी शुरू हो गई है। सोमवार को भी शहर से एक भी ट्रॉली कूड़ा नहीं उठ पाया। लोहियानगर के ग्रामीणों द्वारा रविवार को लौटाई गईं कूडे़ से भरी गाड़ियां सोमवार को भी दिल्ली रोड और सूरजकुंड वाहन डिपो पर खड़ी रहीं। बारिश के कारण गाड़ियों में भरा कूड़ा वाहन डिपो में फैल गया। ऐसे में बदबू के कारण लोगों का सांस लेना दूभर हो गया। वहीं कूड़े का निस्तारण करने की जगह नगर निगम प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी अंजान बने बैठे हैं।
शहर से प्रतिदिन 800 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। एक माह से शहर कूड़ा न उठने की समस्या से जूझ रहा है। तीन दिन कूड़ा शहर से बाहर जाता है तो सप्ताह भर के लिए बंद हो जाता है। इस कारण शहर में कूड़ा ही कूड़ा जमा है। कूड़े की बदबू में सांस लेना भी मुश्किल है। पहले दो सप्ताह तक गांवड़ी डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा डालने को लेकर विरोध होता रहा। उसके बाद नगर निगम ने लोहियानगर में कूड़ा डालना शुरू किया। यहां भी लोग विरोध में उतर आए। रविवार को ग्रामीणों ने कूड़े से भरी गाड़ियां लौटा दीं। वहीं प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस समस्या का निदान निकालने की जगह शांत बैठे हैं। न तो कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने के लिए शासन डीपीआर पर मोहर लगा रहा है और न ही जिला प्रशासन शहर के कूड़े को बाहर डलवाने की व्यवस्था कर पा रहा है।
बारिश में भी डटे रहे लोहियानगर में ग्रामीण
लोहियानगर में कूड़ा डालने के विरोध में सोमवार को ग्रामीण बारिश के बावजूद मौके पर जमे रहे। सुबह के समय लोहियानगर कूड़ा डालने पहुंची निगम की कूड़ा गाड़ियों को ग्रामीणों ने लौटा दिया। कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष रोहित गुर्जर ने कहा कि आसपास के गांव की जनता कूड़े के विरोध में एकजुट है। बारिश के कारण सोमवार को पंचायत नहीं हो सकी। अगर जरूरत पड़ी तो सभी गांवों के लोगों की पंचायत होगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम बार-बार पुलिस बल प्रयोग करने की धमकी दे रहा है। निगम प्रशासन पहले गांवड़ी के डंपिंग ग्राउंड पर पुलिस बल का प्रयोग करें। उसके बाद लोहियानगर के बारे में विचार करें। इस अवसर पर पूर्व प्रमुख अनवार अहमद, बिल्लू काजी, रणजीत चौहान, नकुल गुर्जर, एसके शारूख, दिनेश कुमार, अशफाक अली, सतीश कुमार आदि मुख्य रहे।
शहर से प्रतिदिन 800 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। एक माह से शहर कूड़ा न उठने की समस्या से जूझ रहा है। तीन दिन कूड़ा शहर से बाहर जाता है तो सप्ताह भर के लिए बंद हो जाता है। इस कारण शहर में कूड़ा ही कूड़ा जमा है। कूड़े की बदबू में सांस लेना भी मुश्किल है। पहले दो सप्ताह तक गांवड़ी डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा डालने को लेकर विरोध होता रहा। उसके बाद नगर निगम ने लोहियानगर में कूड़ा डालना शुरू किया। यहां भी लोग विरोध में उतर आए। रविवार को ग्रामीणों ने कूड़े से भरी गाड़ियां लौटा दीं। वहीं प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस समस्या का निदान निकालने की जगह शांत बैठे हैं। न तो कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने के लिए शासन डीपीआर पर मोहर लगा रहा है और न ही जिला प्रशासन शहर के कूड़े को बाहर डलवाने की व्यवस्था कर पा रहा है।
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बारिश में भी डटे रहे लोहियानगर में ग्रामीण
लोहियानगर में कूड़ा डालने के विरोध में सोमवार को ग्रामीण बारिश के बावजूद मौके पर जमे रहे। सुबह के समय लोहियानगर कूड़ा डालने पहुंची निगम की कूड़ा गाड़ियों को ग्रामीणों ने लौटा दिया। कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष रोहित गुर्जर ने कहा कि आसपास के गांव की जनता कूड़े के विरोध में एकजुट है। बारिश के कारण सोमवार को पंचायत नहीं हो सकी। अगर जरूरत पड़ी तो सभी गांवों के लोगों की पंचायत होगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम बार-बार पुलिस बल प्रयोग करने की धमकी दे रहा है। निगम प्रशासन पहले गांवड़ी के डंपिंग ग्राउंड पर पुलिस बल का प्रयोग करें। उसके बाद लोहियानगर के बारे में विचार करें। इस अवसर पर पूर्व प्रमुख अनवार अहमद, बिल्लू काजी, रणजीत चौहान, नकुल गुर्जर, एसके शारूख, दिनेश कुमार, अशफाक अली, सतीश कुमार आदि मुख्य रहे।
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