ठंड का कहर: पश्चिमी यूपी में चल रही बर्फीली हवा, ठिठुरन से कांपे बुजुर्ग, किसानों को सताने लगी फसल खराब होने की चिंता
पश्चिमी यूपी में ठंड का कहर बरप रहा है। लगातार बूंदाबांदी और बर्फीली हवा चलने से लोगों की रूह कांप उठी है। ऐसे में बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी हो रही है। वहीं किसानों को भी फसल खराब होने का डर सताने लगा है।
विस्तार
पश्चिमी यूपी में आज भी आसमान में बादल छाए हुए हैं, लेकिन कभी-कभी हल्की धूप भी निकल रही है। वहीं पिछले दो दिनों में बूंदाबांदी और बर्फीली हवा चलने से लोगों की कंपकंपी छूट गई। ऐसे बुजुर्गों को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बता दें कि बुधवार के मुकाबले गुरुवार को दिन के तापमान में चार डिग्री और रात के तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं प्रदूषण से भी राहत मिली है और वायु गुणवत्ता सूचकांक 370 से घटकर 169 हो गया।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में तेजी से बदलाव आया है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एन सुभाष ने बताया कि अधिकतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 95 व न्यूनतम आर्द्रता 58 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा की रफ्तार छह किलोमीटर प्रतिघंटा व बारिश 6.9 मिमी दर्ज की गई। वहीं शुक्रवार को भी सुबह से ही बादल छाए हुए हैं।
चलती रही बादलों से सूरज की लुकाछिपी
बीते दो दिन से बादलों के साथ सूरज की लुकाछिपी चल रही है। जनवरी के पहले सप्ताह में चिल्ले जैसी ठंड का अहसास होने लगा है। अभी मौसम वैज्ञानिक नौ जनवरी तक बारिश व आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जता रहे हैं।
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बारिश ने घटाया गन्ना इंडेंट, क्रय केंद्रों से उठान प्रभावित
बारिश के चलते गन्ना छिलाई प्रभावित होने से शुगर मिलों ने गन्ना इंडेंट कम कर दिया है। क्रय केंद्रों से भी गन्ना उठान प्रभावित हुआ है। किसानों का कहना है कि खेतों में नमी होने से गन्ने की कटाई होने में दिक्कत हो रही है। अगले कुछ दिनों में भी बारिश की आशंका जताई जा रही है।
ठंड में बेमौसमी बारिश से जहां गेहूं की फसल को फायदा हो रहा है। वहीं गन्ना छिलाई प्रभावित हो गई है। खेतों में नमी होने से किसान छिलाई नहीं कर पा रहे हैं। वहीं गन्ना क्रय केंद्रों से भी गन्ने का उठान प्रभावित हो गया है। इसे देखते हुए चीनी मिलों ने गुरुवार और शुक्रवार के गन्ना इंडेंट में दस से बीस फीसदी कटौती की है। मिल अधिकारियों का कहना है कि मौसम साफ होते ही इंडेंट सामान्य कर दिया जाएगा। वहीं किसानों का कहना है कि बारिश से छिलाई प्रभावित होने का असर पशु चारे पर भी पड़ा है। गन्ने की कटाई बंद हो गई है। नमी के चलते गन्ना कटाई नहीं हो पा रही है।
दिन भर आकाश में छाए रहे बादल, चली शीत लहर
मुजफ्फरनगर में गुरुवार को सुबह से ही बादल छाए रहे। दिनभर यही स्थिति रहने से सूरज नहीं निकला। सुबह के समय छाए घने कोहरे के चलते जनजीवन प्रभावित रहा। शीतलहर से सर्दी बढ़ गई है।
दो दिन से मौसम यहां खराब बना हुआ है। पहले दिन बारिश होने से न्यूनतम तापमान बढ़ गया है, जो 11.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम तापमान यहां 19.1 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन भर आकाश में बादल रहने से आद्रता 98 प्रतिशत पर रही। शाम के समय काली घटा छाने से बारिश की स्थिति रही, लेकिन बारिश नहीं हुई। दिन भर शीत लहर चलती रही, जिससे लोगों ने दिन में भी सर्दी महसूस की। पहले दिन हुई बारिश से उन गलियों की स्थिति खराब है, जिनमें निर्माण का कार्य चल रहा है।
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बूंदाबांदी से मौसम में ठिठुरन बढ़ी
शामली में पश्चिमी विक्षोभ के चलते बुधवार देर रात तक बूंदाबांदी होती रही। जिससे मौसम में ठिठुरन बढ़ गई। गुरुवार को दिन निकलने पर बादल छाए रहे। हल्की धूप निकलने और 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। जिससे मौसम में ठिठुरन बढ़ गई।
मौसम का मिजाज बदलने के कारण तापमान में भी उतार चढ़ाव हो रहा है। गुरुवार को दिन का तापमान 19 और रात का 13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शीतलहर चलने के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
किसानों को सताने लगी फसल खराब होने की चिंता
बारिश के चलते किसानों को फसलों के खराब होने का डर सताने लगा है। गन्ने की फसल के लिए जहां यह बारिश अच्छी मानी जा रही है। वहीं ज्यादा बारिश के चलते गेहूं की पछेती फसल और सरसों व आलू के अलावा अन्य सब्जियों की फसल खराब होने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी कुछ दिनों में बारिश होने की संभावना है। जिससे किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है।