UP: दरोगा समेत पांच लोगों पर महिला अधिवक्ता से थाने में सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप, अफसरों में मची खलबली
Meerut News : एक दरोगा समेत पांच लोगों पर महिला अधिवक्ता से थाने में सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। वहीं घटना की जानकारी लगने पर पुलिस अफसरों में खलबली मच गई
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मेरठ में दरोगा, दो सिपाही सहित पांच लोगों पर नौचंदी थाने में सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाकर एक महिला ने एसएसपी ऑफिस पर शिकायत पत्र दिया। महिला ने आरोप लगाया कि 16 अक्तूबर को कूड़ा उठाने वाली कंपनी के सीईओ रवि पांडेय के कहने पर उसे फर्जी तरीके से पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गिरफ्तारी के दौरान थाने में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इसका पता लगने पर पुलिस अधिकारियों में खलबली मच गई। एसएसपी ने एसपी सिटी, सीओ सिविल लाइन को थाने भेजकर जांच कराई। पुलिस की प्राथमिक जांच में महिला द्वारा लगाए आरोप बेबुनियाद पाए गए।
परतापुर क्षेत्र के बिजली बंबा बाईपास स्थित एक कॉलोनी में रहने वाली महिला पेशे से अधिवक्ता हैं। नौचंदी मैदान में कूड़ा उठाने वाली कंपनी के खिलाफ दो महीने पहले महिलाओं ने हंगामा किया था। कंपनी के सीईओ रवि पांडेय ने उक्त महिला के खिलाफ नौचंदी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचक केके गौतम ने महिला को 16 अक्तूबर को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। 28 नवंबर को महिला जमानत पर बाहर आ गई।
बृहस्पतिवार को महिला एसएसपी ऑफिस पहुंची। जहां सीओ कैंट रूपाली रॉय को शिकायती पत्र दिया। आरोप लगाया कि 15 नवंबर को पुलिस उसे उठाकर थाने लाई थी। हवालात से निकालकर थाना परिसर में ही पीछे की साइड में एक कमरे में दो पुलिसकर्मी उसे ले गए, जहां दरोगा केके गौतम व कंपनी के सीईओ रवि पांडेय और एक अन्य युवक पहले से मौजूद थे।
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आरोप लगाया कि दरोगा, दोनों सिपाही, सीईओ समेत पांच लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद उसे जेल भेज दिया। यह शिकायत पढ़कर सीओ कैंट ने एसएसपी को मामले से अवगत कराया। थाने में सामूहिक दुष्कर्म की घटना का पता लगने पर एसएसपी ने तुरंत जांच शुरू करा दी। आईजी मेरठ रेंज प्रवीण कुमार ने एसएसपी से जांच रिपोर्ट तलब की। एसएसपी के निर्देश पर एसपी सिटी और सीओ सिविल लाइन ने जांच की। जिसमें पता चला कि महिला ने गलत आरोप लगाया है। गिरफ्तारी के तीन घंटे बाद ही महिला को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। महिला रंगदारी मांगने के आरोप में ही जेल गई थी। वह फिलहाल कचहरी में प्रैक्टिस नहीं कर रही है।
जेल से छूटते ही सीईओ को दी थी धमकी
पुलिस की जांच में सामने आया कि जेल से छूटने के बाद महिला ने कंपनी के सीईओ को धमकी दी कि अगर मुकदमे में समझौता नहीं किया तो वह उसके खिलाफ गंभीर धारा में मुकदमा दर्ज कराएगी। इसका पता लगने पर सीईओ से भी पुलिस ने संपर्क किया। पुलिस का कहना है कि थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे भी देखे जा रहे हैं। हर बिंदु की बारीकी से जांच की जा रही है।
62 हजार रुपये भी लेने का आरोप
महिला ने पुलिस वालों पर 62 हजार रुपये लेने का भी आरोप लगाया है। 20 हजार नकद और 42 हजार ऑनलाइन देने की बात महिला ने कही। पैसा लेने के बावजूद महिला को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने महिला के अकाउंट की जानकारी भी जुटाई है। पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करने की बात कह रही है।
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महिला के आरोप बेबुनियाद हैं। बार एसोसिएशन ने महिला की सदस्यता रद्द की हुई है। महिला ने विवेचक और दो पुलिसकर्मी समेत पांच लोगों पर घिनौना आरोप गलत लगाया है। महिला के खिलाफ जांच शुरू करा दी है। जल्द कार्रवाई करेंगे। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी