{"_id":"6017125b8ebc3ef91f051254","slug":"pochampally-is-now-a-part-of-which-state-meerut-news-mrt5231561143","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोचमपल्ली अब किस राज्य का हिस्सा है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पोचमपल्ली अब किस राज्य का हिस्सा है
विज्ञापन
पोचमपल्ली अब किस राज्य का हिस्सा है
मेरठ। साड़ियां व एक विशेष बुनाई के लिए मशहूर पोचमपल्ली शहर अब वह किस राज्य का हिस्सा है। जब परीक्षा में पोचमपल्ली की साड़ियों का जिक्र करते हुए वहां की वर्तमान भौगोलिक स्थिति की जानकारी ली गई तो परीक्षार्थी परेशान हो गए। रविवार को हुई सीटीईटी की परीक्षा में दिल्ली, पोचमपल्ली, गुजरात, पटना की भौगोलिक जानकारियों से जुड़े काफी प्रश्न आए।
रविवार को 83 केंद्रों पर हुई केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) में 81 प्रतिशत छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। परीक्षा दो पालियो में शांतिपूर्ण संपन्न हुई, हालांकि कुछ केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने उचित व्यवस्था नहीं होने की बात कही।
पहली पाली 9:30 बजे से शुरू होकर 12 बजे तक चली। दूसरी पाली 2 बजे से 4:30 बजे तक रही। पहली पाली में 34 हजार 496 छात्र पंजीकृत थे, जिनमें से 28,291 उपस्थित रहे। वहीं, दूसरी पाली में 31,512 पंजीकृत और 25,300 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
विज्ञापन
परीक्षा के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन किया गया। 12 परीक्षार्थी सामाजिक दूरी के साथ एक कक्ष में बैठे। परीक्षार्थियों ने स्वयं ही आईकार्ड व प्रवेशपत्र खोलकर दिखाया। परीक्षा के दौरान कुछ परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। सिटी कोआर्डिनेटर सुधांशु शेखर का कहना है कि सभी केंद्रों पर कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया। सामान को परीक्षा केंद्र में रखने को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं थी।
सामाजिक विज्ञान के पेपर ने किया परेशान
परीक्षार्थियों ने बताया कि पहली पाली का पेपर आसान और दूसरी पाली में सामाजिक विज्ञान का पेपर कठिन रहा।
पतियों ने संभाले बच्चे, किया इंतजार
सीटीईटी की परीक्षा में युवतियां और महिलाएं अधिक थी। कोई मम्मी-पापा तो कोई भाई के साथ पेपर देने आई। तो कुछ महिलाएं पति और गोद के बच्चे के साथ पेपर देने पहुंची। जितनी देर मम्मी ने पेपर दिया सेंटर के बाहर पापा ने बच्चों को संभाला। पेपर छूटने के बाद जैसे ही मम्मी बाहर आई तो बच्चे मम्मी से चिपक गए।
दूसरा पेपर रहा कठिन
पहला पेपर आसान था मगर दूसरा पेपर कठिन रहा। सामाजिक विज्ञान के पेपर में प्रश्न ज्यादा कठिन थे, जो बड़ी मुश्किल से हल हुए। - पारुल
घुमाकर पूछे गए प्रश्न
मुजफ्फरनगर से यहां पेपर देने आई हूं। अपने जिले में ही सेंटर मिल जाता तो ठीक था। पेपर में कुछ प्रश्न घुमाकर पूछे गए थे। - निशा
सात बजे बुलाया था
पेपर में सुबह 7 बजे से बुलाया गया, जबकि पेपर 9:30 बजे से थे। सर्दी में थोड़ी देर से एंट्री देनी चाहिए थी, जिससे परीक्षार्थी परेशान न होते। - शिखा शर्मा
पेपर अच्छा था
पेपर आसान था, कुछ सवाल घुमाकर आए थे जिसमें सामाजिक विज्ञान के प्रश्न अधिक कठिन लगे बाकी पेपर अच्छा था। - तनु
शांतिपूर्ण संपन्न हुई परीक्षा
मोदीपुरम/गंगानगर। मोदीपुरम और गंगानगर के केंद्रों पर भी सीटीईटी की परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए परीक्षार्थियों को एंट्री दी गई। संस्कृत विषय से सीटीईटी की परीक्षा देने पहुंचे छात्र विशाल बंसल ने बताया कि विषयात्मक प्रश्न पत्र में सामान्य स्तर के प्रश्न पूछे गए।
विज्ञापन
मेरठ। साड़ियां व एक विशेष बुनाई के लिए मशहूर पोचमपल्ली शहर अब वह किस राज्य का हिस्सा है। जब परीक्षा में पोचमपल्ली की साड़ियों का जिक्र करते हुए वहां की वर्तमान भौगोलिक स्थिति की जानकारी ली गई तो परीक्षार्थी परेशान हो गए। रविवार को हुई सीटीईटी की परीक्षा में दिल्ली, पोचमपल्ली, गुजरात, पटना की भौगोलिक जानकारियों से जुड़े काफी प्रश्न आए।
रविवार को 83 केंद्रों पर हुई केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) में 81 प्रतिशत छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। परीक्षा दो पालियो में शांतिपूर्ण संपन्न हुई, हालांकि कुछ केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने उचित व्यवस्था नहीं होने की बात कही।
विज्ञापन
पहली पाली 9:30 बजे से शुरू होकर 12 बजे तक चली। दूसरी पाली 2 बजे से 4:30 बजे तक रही। पहली पाली में 34 हजार 496 छात्र पंजीकृत थे, जिनमें से 28,291 उपस्थित रहे। वहीं, दूसरी पाली में 31,512 पंजीकृत और 25,300 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
विज्ञापन
परीक्षा के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन किया गया। 12 परीक्षार्थी सामाजिक दूरी के साथ एक कक्ष में बैठे। परीक्षार्थियों ने स्वयं ही आईकार्ड व प्रवेशपत्र खोलकर दिखाया। परीक्षा के दौरान कुछ परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। सिटी कोआर्डिनेटर सुधांशु शेखर का कहना है कि सभी केंद्रों पर कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया। सामान को परीक्षा केंद्र में रखने को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं थी।
सामाजिक विज्ञान के पेपर ने किया परेशान
परीक्षार्थियों ने बताया कि पहली पाली का पेपर आसान और दूसरी पाली में सामाजिक विज्ञान का पेपर कठिन रहा।
पतियों ने संभाले बच्चे, किया इंतजार
सीटीईटी की परीक्षा में युवतियां और महिलाएं अधिक थी। कोई मम्मी-पापा तो कोई भाई के साथ पेपर देने आई। तो कुछ महिलाएं पति और गोद के बच्चे के साथ पेपर देने पहुंची। जितनी देर मम्मी ने पेपर दिया सेंटर के बाहर पापा ने बच्चों को संभाला। पेपर छूटने के बाद जैसे ही मम्मी बाहर आई तो बच्चे मम्मी से चिपक गए।
दूसरा पेपर रहा कठिन
पहला पेपर आसान था मगर दूसरा पेपर कठिन रहा। सामाजिक विज्ञान के पेपर में प्रश्न ज्यादा कठिन थे, जो बड़ी मुश्किल से हल हुए। - पारुल
घुमाकर पूछे गए प्रश्न
मुजफ्फरनगर से यहां पेपर देने आई हूं। अपने जिले में ही सेंटर मिल जाता तो ठीक था। पेपर में कुछ प्रश्न घुमाकर पूछे गए थे। - निशा
सात बजे बुलाया था
पेपर में सुबह 7 बजे से बुलाया गया, जबकि पेपर 9:30 बजे से थे। सर्दी में थोड़ी देर से एंट्री देनी चाहिए थी, जिससे परीक्षार्थी परेशान न होते। - शिखा शर्मा
पेपर अच्छा था
पेपर आसान था, कुछ सवाल घुमाकर आए थे जिसमें सामाजिक विज्ञान के प्रश्न अधिक कठिन लगे बाकी पेपर अच्छा था। - तनु
शांतिपूर्ण संपन्न हुई परीक्षा
मोदीपुरम/गंगानगर। मोदीपुरम और गंगानगर के केंद्रों पर भी सीटीईटी की परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए परीक्षार्थियों को एंट्री दी गई। संस्कृत विषय से सीटीईटी की परीक्षा देने पहुंचे छात्र विशाल बंसल ने बताया कि विषयात्मक प्रश्न पत्र में सामान्य स्तर के प्रश्न पूछे गए।