{"_id":"603f2fd9176c50517b4c71ff","slug":"panchayat-elections-reservation-shocked-to-many-in-meerut-members-started-claiming-to-new-ward-after-leavingold-ward","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पंचायत चुनाव: मेरठ में ब्लॉक प्रमुख आरक्षण ने कई को दिया झटका, भाजपा में रार बढ़ना तय, दिग्गज मायूस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायत चुनाव: मेरठ में ब्लॉक प्रमुख आरक्षण ने कई को दिया झटका, भाजपा में रार बढ़ना तय, दिग्गज मायूस
Wed, 03 Mar 2021 12:12 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Wed, 03 Mar 2021 12:12 PM IST
सार
- खरखौदा, जानीखुर्द, परीक्षितगढ़, माछरा और हस्तिनापुर अनारक्षित होने से बढ़ेंगे दावेदार
- आरक्षण से भाजपा में रार बढ़ना तय, पुराना वार्ड छोड़ नए में दावेदारी करने लगे सदस्य
विज्ञापन
मेरठ जिला पंचायत चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिला पंचायत की तरह ब्लॉक प्रमुख आरक्षण ने भी कई दावेदारों को तगड़ा झटका दिया है। लेकिन अहम बात यह है कि यदि जातीय समीकरण को देखें तो कई ब्लॉकों में राहत भी मिली है। लेकिन इसमें कई धुरंधर चारों खाने चित हो गए हैं।
रोहटा : यहां लंबे समय से बिजेंद्र जिंजोखर की पंचायत में राजनीति चली आ रही है। ब्लॉक प्रमुख पद पर भी इस परिवार का कब्जा एकतरफा रहा है। साल 2010 में बिजेंद्र प्रमुख खुद ब्लॉक प्रमुख बने तो साल 2015 में महिला पद आरक्षित होने पर अपने परिवार की महिला को प्रमुख निर्वाचित कराया। इस बार यहां प्रमुख का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया है।
दौराला : दौराला ब्लॉक में भी रालोद नेता राहुल देव का परिवार हावी रहा है। पिछली बार राहुल के भाई सचिन अहलावत ने भाजपा नेता और प्रदेश श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील भराला के भाई अजय भराला को झटका दिया था। इस बार इस ब्लॉक में भी प्रमुख पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया है।
विज्ञापन
रजपुरा : यहां सामान्य जाति की जनसंख्या ज्यादा है। लेकिन यहां का पद पिछड़े वर्ग की महिला के लिए आरक्षित होने से मुख्य दावेदारों को हताशा मिली है।
खरखौदा : पिछली बार महिला के लिए पद आरक्षित था। इस बार अनारक्षित होने से यहां पर गुर्जर और त्यागी बिरादरी के बीच रोचक मुकाबला नजर आ सकता है।
परीक्षितगढ़ व माछरा : इन दोनों ब्लॉक में प्रमुख पद अनारक्षित होने से कई दावेदार बढ़ गए हैं।
मवाना व हस्तिनापुर : ब्लॉक प्रमुख पद पिछली बार अनारक्षित था, मुकाबला जाट बिरादरी के ही दो दिग्गजों के बीच था। इस बार भी यहां ऐसा ही नजर आएगा। पिछली बार हस्तिनापुर अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित था, जिसमें प्रसपा नेता मुकेश सिद्धार्थ की पत्नी ब्लॉक प्रमुख बनी थीं। लेकिन इस बार पद अनारक्षित होने से यहां गुर्जर बिरादरी से ही ब्लॉक प्रमुख चुना जाना तय है।
विज्ञापन
रोहटा : यहां लंबे समय से बिजेंद्र जिंजोखर की पंचायत में राजनीति चली आ रही है। ब्लॉक प्रमुख पद पर भी इस परिवार का कब्जा एकतरफा रहा है। साल 2010 में बिजेंद्र प्रमुख खुद ब्लॉक प्रमुख बने तो साल 2015 में महिला पद आरक्षित होने पर अपने परिवार की महिला को प्रमुख निर्वाचित कराया। इस बार यहां प्रमुख का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया है।
विज्ञापन
दौराला : दौराला ब्लॉक में भी रालोद नेता राहुल देव का परिवार हावी रहा है। पिछली बार राहुल के भाई सचिन अहलावत ने भाजपा नेता और प्रदेश श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील भराला के भाई अजय भराला को झटका दिया था। इस बार इस ब्लॉक में भी प्रमुख पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया है।
विज्ञापन
रजपुरा : यहां सामान्य जाति की जनसंख्या ज्यादा है। लेकिन यहां का पद पिछड़े वर्ग की महिला के लिए आरक्षित होने से मुख्य दावेदारों को हताशा मिली है।
खरखौदा : पिछली बार महिला के लिए पद आरक्षित था। इस बार अनारक्षित होने से यहां पर गुर्जर और त्यागी बिरादरी के बीच रोचक मुकाबला नजर आ सकता है।
परीक्षितगढ़ व माछरा : इन दोनों ब्लॉक में प्रमुख पद अनारक्षित होने से कई दावेदार बढ़ गए हैं।
मवाना व हस्तिनापुर : ब्लॉक प्रमुख पद पिछली बार अनारक्षित था, मुकाबला जाट बिरादरी के ही दो दिग्गजों के बीच था। इस बार भी यहां ऐसा ही नजर आएगा। पिछली बार हस्तिनापुर अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित था, जिसमें प्रसपा नेता मुकेश सिद्धार्थ की पत्नी ब्लॉक प्रमुख बनी थीं। लेकिन इस बार पद अनारक्षित होने से यहां गुर्जर बिरादरी से ही ब्लॉक प्रमुख चुना जाना तय है।
ब्लॉक प्रमुख आरक्षण
| ब्लॉक | वर्तमान | 2015 में |
| मेरठ | पिछड़ा वर्ग | अनारक्षित |
| जानी खुर्द | अनारक्षित | अनारक्षित |
| रजपुरा | पिछड़े वर्ग की महिला | अनुसूचित जाति |
| खरखौदा | अनारक्षित | महिला |
| रोहटा | अनुसूचित जाति | महिला |
| सरधना | महिला | पिछड़ा वर्ग |
| सरूरपुर खुर्द | महिला | पिछड़ा वर्ग |
| दौराला | अनुसूचित जाति | अनारक्षित महिला |
| मवाना | पिछड़ा वर्ग | अनारक्षित |
| माछरा | अनारक्षित | पिछड़ा वर्ग महिला |
| परीक्षितगढ़ | अनारक्षित | अनारक्षित |
| हस्तिनापुर | अनारक्षित | अनुसूचित जाति महिला |
| - | - | - |
आरक्षण से भाजपा में रार बढ़ना तय
मेरठ जिला पंचायत वार्ड आरक्षण ने भाजपा में रार पैदा कर दी है। कई दिग्गजों से उनका मूल ठिकाना छिन गया है। ऐसे में अब वह नए ठिकाने की तरफ निकलने की तैयारी में जुट गए हैं। ऐसे में एक ही वार्ड में दावेदारी बढ़ने से रार होना तय है। अब टिकट वितरण में भाजपा नेतृत्व जहां परेशानी झेलेगा तो बगावत और रार का डर भी हावी रहेगा।
हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक के भाई नितिन खटीक वार्ड 03 से सदस्य निर्वाचित हुए थे। लेकिन इस बार उनका वार्ड पिछड़ा वर्ग में चला गया है। ऐसे में नितिन खटीक के लिए वार्ड एक और वार्ड चार ही बचा है, जहां से वह चुनाव लड़ सकते हैं। इसे लेकर निश्चित रूप से जंग छिड़ेगी। भाजपा के रोहताश पहलवान का पुराना वार्ड अनुसूचित जाति में चला गया है, जबकि वह पिछड़ा वर्ग से हैं। अब उनके समर्थक वार्ड 26 से चुनाव लड़ने का दबाव बना रहे हैं।
वार्ड 26 पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित है। इसी तरह डॉ. मीनाक्षी भराला का वार्ड सामान्य हो चुका है। सामान्य होने के बाद वह चुनाव लड़ सकती हैं, लेकिन विरोधियों की रणनीति को समझते हुए वह इस वार्ड से चुनाव न लड़ने का मन बनाते हुए अब वार्ड 12 में जाने की तैयारी कर रही हैं। वार्ड 12 से और भी कई दावेदार सामने हैं, जिसके चलते प्रत्याशी चयन में काफी मशक्कत पार्टी नेतृत्व को करनी होगी।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
मेरठ जिला पंचायत वार्ड आरक्षण ने भाजपा में रार पैदा कर दी है। कई दिग्गजों से उनका मूल ठिकाना छिन गया है। ऐसे में अब वह नए ठिकाने की तरफ निकलने की तैयारी में जुट गए हैं। ऐसे में एक ही वार्ड में दावेदारी बढ़ने से रार होना तय है। अब टिकट वितरण में भाजपा नेतृत्व जहां परेशानी झेलेगा तो बगावत और रार का डर भी हावी रहेगा।
हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक के भाई नितिन खटीक वार्ड 03 से सदस्य निर्वाचित हुए थे। लेकिन इस बार उनका वार्ड पिछड़ा वर्ग में चला गया है। ऐसे में नितिन खटीक के लिए वार्ड एक और वार्ड चार ही बचा है, जहां से वह चुनाव लड़ सकते हैं। इसे लेकर निश्चित रूप से जंग छिड़ेगी। भाजपा के रोहताश पहलवान का पुराना वार्ड अनुसूचित जाति में चला गया है, जबकि वह पिछड़ा वर्ग से हैं। अब उनके समर्थक वार्ड 26 से चुनाव लड़ने का दबाव बना रहे हैं।
वार्ड 26 पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित है। इसी तरह डॉ. मीनाक्षी भराला का वार्ड सामान्य हो चुका है। सामान्य होने के बाद वह चुनाव लड़ सकती हैं, लेकिन विरोधियों की रणनीति को समझते हुए वह इस वार्ड से चुनाव न लड़ने का मन बनाते हुए अब वार्ड 12 में जाने की तैयारी कर रही हैं। वार्ड 12 से और भी कई दावेदार सामने हैं, जिसके चलते प्रत्याशी चयन में काफी मशक्कत पार्टी नेतृत्व को करनी होगी।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/