पंचायत चुनाव 2021: भाजपा में जिला पंचायत सदस्य पद के दावेदारों की सूची पर उठे सवाल
- भाजपा में जिला पंचायत सदस्य पद के दावेदारों की सूची पर उठे सवाल
- कमिश्नर सुरेंद्र सिंह के निर्देश, डीएम, सीडीओ खुद दें मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण
विस्तार
भाजपा में जिला पंचायत सदस्य पद के दावेदारों की सूची तैयार करने को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। संगठन ने जो नियम तय किये थे, उनकी अनदेखी कर मनमाने ढंग से जिला इकाई और जनप्रतिनिधियों ने सूची तैयार कराई। वार्ड प्रभारियों ने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से फीड बैक लेकर दावेदारों का वरीयता क्रम तय करते हुए जो सूची सौंपी थी, वह पूरी तरह बदल दी गई है।
भाजपा संगठन ने सभी 33 जिला पंचायत वार्ड में एक- एक प्रभारी बनाए थे। इन प्रभारियों ने अपने अपने वार्ड में जाकर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ न केवल बैठकें कीं, बल्कि मजबूत दावेदारों पर भी चर्चा की। स्थानीय कार्यकर्ताओं की फीड बैक के बाद जो आवेदन आए, उनका वरीयता क्रम तय करते हुए सूची जिला कार्यालय पर दे दी गई। भाजपा नेताओं में चर्चा है कि तीन दिन पहले क्षेत्रीय कार्यालय पर हुई बैठक में मनमाना खेल हुआ। चहेतों को प्रत्याशी बनाने और विरोधियों का पत्ता साफ करने का पूरा काम हुआ। इसमें यदि वार्ड प्रभारी के पैनल में कोई वरीयताक्रम में एक नंबर पर था तो उसे चौथे नंबर पर कर दिया गया। कुछ नाम जो सूची में शामिल भी नहीं थे, उन्हें कार्यालय पर ही शामिल कर प्रथम वरीयता के साथ शामिल कर लिया गया।
अब लखनऊ में डाला डेरा
तमाम दावेदार जिनके नाम पैनल से गायब हैं, या फिर उन्हें वरीयता क्रम में नीचे रखा गया है। उन्होंने लखनऊ में डेरा डाल दिया है। क्योंकि प्रांतीय नेतृत्व ही जिला पंचायत चुनाव के लिए प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी करेगा।
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डीएम, सीडीओ खुद दें मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण
मेरठ में कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए अधिकारियों की बैठक ली। मंडल के सभी मुख्य विकास अधिकारी, प्रभारी एडीएम, परियोजना अधिकारी डीआरडीए, जिला विकास अधिकारी और एनआईसी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए कि कर्मचारियों और मास्टर ट्रेनर्स की ट्रेनिंग सही ढंग से होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी और सीडीओ को खुद मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण देने के लिए कहा।
उन्होंने कहा कि गैरहाजिर कर्मचारियों के विरुद्व कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मेरठ में सिर्फ नामांकन के लिए दो दिन मिलेंगे। इसमें अव्यवस्था से बचने के लिए प्रत्याशियों को टाइम स्लॉट दे दिए जाएं। जिसके अनुसार नामांकन अलग- अलग समय पर हो सके। वहीं, अन्य के लिए वेटिंग रुम की व्यवस्था की जाए।
मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। इसके लिए पर्याप्त संख्या में कार्मिकों एवं सरप्लस कार्मिकों की उपलब्धता रखी जाए। संचालन अपर आयुक्त मेधा रूपम ने किया।
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