ढाई लाख के इनामी अपराधी बदन सिंह बद्दो ने पुलिस ही नहीं, नगर निगम को भी अपने प्रभाव में ले रखा था। यही कारण है कि निगम की ओर से पांच नवंबर को पुलिस को दी गई दूसरी रिपोर्ट में भी बद्दो की आलीशान कोठी को छिपाते हुए वहां पर चहारदीवारी बता दिया गया था। इस खुलासे के बाद बद्दो की फरारी के मामले में नगर निगम भी निशाने पर आ गया है। निगम के जिन कर्मचारियों ने यह रिपोर्ट बनाई है, अब उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
ढाई लाख के इनामी बद्दो का खुला फिर एक बड़ा राज, नगर निगम ने छिपाई थी ये आलीशान कोठी और...
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बद्दो की फरारी के बाद उसकी संपति कुर्क करने के लिए पूर्व एसएसपी नितिन तिवारी ने एमडीए और नगर निगम को उसकी अचल संपत्ति की जानकारी देने के लिए चिट्ठी लिखी थी।
इस पर नगर निगम ने दो बार रिपोर्ट दी। दोनों ही बार आलीशान कोठी की जगह चहारदीवारी होने की रिपोर्ट बना कर पुलिस को सौंप दी। इस रिपोर्ट पर भरोसा कर पुलिस खामोश हो गई।
हाईकोर्ट की फटकार के बाद मेरठ पुलिस ने एक बार फिर बद्दो की संपत्ति की जानकारी जुटाई। इस बार भी नगर निगम ने पांच नवंबर को पुरानी रिपोर्ट को दोहरा दिया। इस बार पुलिस ने रिपोर्ट को नहीं माना और आखिरकार बद्दो की कोठी का पता लगा लिया।
गृह, जल और सीवर कर की वसूली से भी इनकार
बद्दो की कोठी में सात कमरे, किचन और एक ड्राइंग रूम है। नगर निगम ने इसे नकार दिया था। दावा किया था कि गृहकर, जलकर और सीवर कर बद्दो से नहीं वसूला जाता है। इस मकान को निगम ने सुखवंत पुत्र चरण सिंह का बताया था, जिसमें फिलहाल चहारदीवारी ही है। सुखवंत सिंह बदन सिंह बद्दो का भाई था।
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