मेरठ बंद आज: डॉक्टर नहीं करेंगे ओपीडी, इमरजेंसी सेवाएं जारी; सेंट्रल मार्केट के समर्थन में कई संगठन एकजुट
सेंट्रल मार्केट प्रकरण को लेकर आज मेरठ बंद है। आईएमए ने समर्थन दिया है और निजी चिकित्सकों की ओपीडी बंद रहेगी, जबकि अस्पतालों में इमरजेंसी और भर्ती मरीजों का इलाज जारी रहेगा। कई संगठनों ने बंद को समर्थन दिया है।
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मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट प्रकरण को लेकर आज मेरठ बंद का आह्वान किया गया है। बंद को कई व्यापारिक और सामाजिक संगठनों के साथ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी समर्थन दिया है। आईएमए से जुड़े निजी चिकित्सक बुधवार को ओपीडी नहीं चलाएंगे, हालांकि अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं और भर्ती मरीजों का उपचार सामान्य रूप से जारी रहेगा। शहर में कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस भी पूरी तरह अलर्ट है।
आईएमए ने बंद को दिया समर्थन, ओपीडी रहेगी बंद
आईएमए अध्यक्ष डॉ. मनीषा त्यागी ने बताया कि नर्सिंग होम एसोसिएशन की ओर से मेरठ बंद को समर्थन दिया गया है। इसी के बाद आईएमए ने भी बंद का समर्थन किया है। आईएमए से जुड़े चिकित्सकों को लगातार संदेश भेजकर इसकी जानकारी दी गई है।
बुधवार को निजी अस्पतालों में ओपीडी नहीं चलेगी। हालांकि आपातकालीन सेवाएं बंद नहीं होंगी और पहले से भर्ती मरीजों का इलाज भी जारी रहेगा। अस्पताल प्रबंधन की ओर से यह भी ध्यान रखा जाएगा कि मरीजों और उनके परिजनों को किसी तरह की परेशानी न हो।
पुलिस ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि मेरठ बंद के दौरान कानून, शांति और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। मुख्य मार्गों और बाजारों में पुलिस बल की तैनाती की गई है। सीओ और एसपी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखेंगे।
स्कूलों को बंद रखने का कोई सरकारी आदेश नहीं
मेरठ बंद को लेकर प्रशासन या शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल बंद रखने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। हालांकि कई स्कूलों ने अभिभावकों को अपने स्तर से छुट्टी के संदेश भेजे हैं। ब्रह्मपुरी क्षेत्र के माधवपुरम के कई निजी स्कूलों ने बुधवार को स्कूल बंद रखने की जानकारी दी है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्कूल बंदी के किसी सरकारी आदेश से इनकार किया है।
राकेश टिकैत ने भी सेंट्रल मार्केट के समर्थन का ऐलान किया
इससे पहले भाकियू की महापंचायत में राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सेंट्रल मार्केट के मुद्दे को उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायालय के आदेश के नाम पर लोगों के घर और दुकानें तोड़ी जा रही हैं तथा व्यापारियों का रोजगार खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों का समर्थन व्यापारियों और प्रभावित लोगों के साथ है।
संयुक्त मेरठ बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मंगलवार को शहर और देहात के विभिन्न बाजारों में जनसंपर्क कर बंद को सफल बनाने की अपील की। टीम शास्त्रीनगर, सेंट्रल मार्केट, जागृति विहार, बेगमपुल, आबूलेन, सदर बाजार, हापुड़ रोड, गढ़ रोड, आरटीओ रोड, खैरनगर, बच्चा पार्क और अन्य क्षेत्रों में पहुंची।
समिति अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल या जनप्रतिनिधि के खिलाफ नहीं, बल्कि रोजी-रोटी और रोजगार बचाने के लिए है। उन्होंने आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए।
प्रदर्शन के लिए लगाए टेंट के पर्दे पुलिस ने उतरवाए
आवास विकास परिषद कार्यालय में प्रदर्शन के लिए लगाए गए टेंट पर पुलिस भी सक्रिय हुई। पुलिस ने टेंट के पर्दे उतरवा दिए, जिसे लेकर समिति के लोगों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई।
कई संगठनों ने किया समर्थन
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा, भाकियू धन सिंह कोतवाल, मेरठ बार, नर्सिंग होम एसोसिएशन और राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन समेत कई संगठनों ने बंद को समर्थन देने की घोषणा की है।
सुदीप जैन ने कहा कि यह मेरठ को उजड़ने से बचाने के लिए शहरवासियों का आंदोलन है। भाकियू नेता नितेश पंवार ने इसे केवल व्यापारियों की नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की लड़ाई बताया।
व्यापारियों के दोनों संगठन एकजुट होने का दावा
संयुक्त व्यापार संघ के अजय गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों के हित में दोनों व्यापारिक संगठन इस मुद्दे पर एकजुट हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 से शास्त्रीनगर के व्यापारियों के लिए संघर्ष चल रहा है और पहले भी बंद किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में बंद का असर दूसरे बाजारों पर भी पड़ सकता है।
वहीं सदर व्यापार मंडल अध्यक्ष सुनील दुआ ने बाजार खुलने की बात कही। बेगमपुल व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष पुनीत शर्मा ने बताया कि बुधवार को बेगमपुल का साप्ताहिक अवकाश रहता है और जो दुकानें आमतौर पर साप्ताहिक अवकाश के दिन खुलती हैं, वे पहले की तरह खुल सकती हैं।