मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: फर्जीवाड़ा कर मेरठ की लड़कियों को बागपत की बताकर करा दिया विवाह
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बागपत में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के फर्जी अभिलेखों के आधार पर गलत पता दर्शाकर शादी कराई और बाद में दहेज का मुकदमा भी दर्ज करा दिया। अब लड़के पक्ष के लोग इंसाफ के लिए पीड़ित अफसरों तक कार्रवाई के लिए घूम रहे हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी से अभिलेख मांगे हैं। लड़के पक्ष का कहना है कि मेरठ की लड़कियों को बागपत की दर्शाकर विवाह रचाया। इसके बाद उनके ऊपर गलत मुकदमा दर्ज कराया।
जिला प्रशासन ने 21 फरवरी 2018 को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 92 लड़कियों की शादी कराई । इनमें 50 लड़कियों का निकाह कराया। जांच में पता चला है कि दो लड़कियों का निकाह फर्जी अभिलेखों के आधार पर किया गया है। लड़कियां मेरठ की है और बागपत के फर्जी दस्तावेज तैयार कर शादी कराई। इसका खुलासा बुधवार को समाज कल्याण विभाग पहुंचे बागपत शहर के रहने वाले सीनू ने किया है।
उसने बताया कि उसके पुत्र की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में एक लड़की से की। बागपत की महिला ने अपनी लड़की बताकर शादी की । उक्त लड़की मेरठ की रहने वाली है। फर्जी दस्तावेज तैयार लगाकर शादी की।
अब मेरठ थाने में उसके और पुत्र मेहंदी के खिलाफ दहेज का मुकदमा दर्ज कराया है। दो लड़कियों की शादी एक साथ की । दूसरी लड़की का भी तलाक हो चुका है। सीनू ने बताया कि समाज कल्याण अधिकारी से अभिलेख मांगे, लेकिन उन्होंने ब्लॉक में सभी अभिलेख होने की बात कही है। पीड़ित ने अफसरों से ऐसे फर्जी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इस मामले में सहयोग करने का मांग की है।
उधर, समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका ने बताया कि शादी के समय में अभिलेख लेने के लिए लोग आए । उन्हें बता दिया गया हमारे यहां केवल ब्लॉक से सूची आती है। अभिलेख ब्लॉक में मिलेंगे। वहीं जाकर बीडीओ या संबंधित अधिकारियों से अभिलेख ले सकते हैं।