यूपी: 17 जिलों में एक ही आईएमईआई नंबर पर चल रहे 13 हजार से अधिक मोबाइल, जानें- पूरा मामला
- साइबर सेल ने इन सभी मोबाइल को ब्लॉक करने के लिए कंपनी को भेजा नोटिस
- कंपनी ने अभी तक नहीं दिया कोई जवाब
- एक लाख मोबाइल में एक नंबर होने का अंदेशा
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विस्तार
पश्चिमी यूपी के जिलों में एक ही आईएमईआई नंबर पर वीवो कंपनी के 13652 मोबाइल चल रहे हैं। इन मोबाइल में विभिन्न कंपनियों के सिम चल रहे हैं। अब साइबर सेल ने वीवो कंपनी को नोटिस भेजकर एक ही आईएमईआई नंबर वाले सभी फोन को ब्लॉक करने को कहा है, हालांकि अभी तक कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।
दरअसल, एडीजी जोन ऑफिस में तैनात दरोगा आसाराम के मोबाइल के आईएमईआई नंबर के जरिये यह बड़ा खुलासा हुआ था। जिसके बाद मेरठ साइबर सेल की जांच में भी पाया गया कि वीवो कंपनी ने एक ही आईएमईआई नंबर से कई मोबाइल नंबर चला रखे हैं। साइबर सेल की अब तक की जांच में 13652 फोन ट्रेस किए गए हैं, जो मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों में चल रहे हैं।
एडीजी मेरठ जोन राजीव सभरवाल के मुताबिक मोबाइल के आईएमईएम नंबर के जरिये ही अपराधियों को ट्रेस किया जाता है। यह सुरक्षा में एक बड़ी चूक है, क्योंकि एक ही आईएमईआई नंबर होने से अपराधियों को ट्रेस करना मुश्किल हो जाएगा। कंपनी को नोटिस देकर मोबाइल बंद करने को कहा है। कंपनी का जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कैसे ब्लॉक कराएं एक साथ इतने मोबाइल
पुलिस अधिकारियों के सामने चुनौती बना कि एक ही आईएमईआई नंबर से चलने वाले हजारों मोबाइलों को एक साथ बंद कैसे कराएं। पुलिस द्वारा भेजे नोटिस का जवाब वीवो कंपनी ने अभी तक नहीं दिया है। शुक्रवार को भी साइबर सेल द्वारा नोटिस का दोबारा रिमाइंडर भेजा गया है। पुलिस का कहना कि 10 साल पहले भी ऐसा एक मामला सामने आया था, जिसमें एक ही आईएमईआई नंबर वाले मोबाइलों को बंद कराया गया था। उसके बारे में भी पुलिस अधिकारी पता लगा रहे हैं कि वह कार्रवाई किस नियम के तहत हुई थी।
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एक लाख मोबाइल में एक नंबर होने का अंदेशा
साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि पश्चिमी यूपी में सबसे ज्यादा चलने वाले मोबाइल नेटवर्क वोडाफोन, आइडिया और एयरटेल की मदद से फोन के आईएमईआई को सर्च किया गया था। जिसमें एक ही आईएमईआई नंबर के 13652 फोन चलते मिले। यह आंकड़ा सिर्फ मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, बुलंदशहर, बागपत, हापुड़ समेत 17 जनपदों का है। साइबर सेल का अनुमान है कि करीब एक लाख मोबाइल डिवाइस एक ही आईएमईआई नंबर से चल रही हैं।
आईएमईआई कैसे करता है काम
- आईएमईआई नंबर यानि अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान संख्या है।
- मोबाइल फोन की पहचान के लिए यह एक आइडेंटिटी नंबर है, जो हर डिवाइस में अलग-अलग होता है।
- अगर मोबाइल चोरी हो जाता है तो, एफआईआर दर्ज कराते समय आईएमईआई नंबर देना पड़ता है।
- आईएमईआई नंबर की मदद से ही पुलिस अपराधियों के मोबाइल डिवाइस की वर्तमान लोकेशन का पता लगा सकती है। और ये भी जान सकते हैं कि वह इस समय कहां उपयोग हो रहा है।
- कोई भी मोबाइल यूजर *#06# कोड डायल करके अपने फोन का आईएमईआई नंबर पता कर सकता है।
ये खेल कंपनी या फिर सर्विस सेंटर का
आईएमईआई नंबर के खेल की जांच एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले यह पता लगाया जाएगा कि यह नंबर का खेल मोबाइल कंपनी ने किया या फिर सर्विस सेंटर से हुआ है। इसका पता लगाने के लिए पुलिस टीम एक ही आईएमईआई नंबर वाले मोबाइल वालों से संपर्क कर रही है। शुक्रवार को पुलिस ने करीब 500 लोगों से जानकारी ली। जिनके मोबाइल में एक ही आईएमईआई नंबर है। मेडिकल थाने में दर्ज मुकदमे में शारदा रोड स्थित मोबाइल शॉप वाले से भी संपर्क हुआ है। उससे पूछताछ की जाएगी।
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