{"_id":"61753951a2ad77421a6f921c","slug":"meerut-the-system-in-the-courtroom-on-the-mountain-of-garbage-and-multilevel-parking-hearing-will-be-held-in-the-high-court-tomorrow","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मेरठ: कूड़े के पहाड़ और मल्टीलेवल पार्किंग पर कठघरे में सिस्टम, हाईकोर्ट में कल होगी सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेरठ: कूड़े के पहाड़ और मल्टीलेवल पार्किंग पर कठघरे में सिस्टम, हाईकोर्ट में कल होगी सुनवाई
Sun, 24 Oct 2021 04:15 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 24 Oct 2021 04:15 PM IST
सार
मेरठ जनपद में आवासीय इलाके में कूड़े के पहाड़ से संबंधित हाईकोर्ट में शपथपत्र देने के महीनों बीत जाने के बावजूद प्रशासन और नगर निगम इन कूड़े के पहाड़ों को नहीं हटा पाए हैं। इस संबंध में अगली सुनवाई 25 अक्टूबर को होनी है। इसी दिन शहर में मल्टी लेवल कार पार्किंग के मामले में भी सुनवाई होनी है।
विज्ञापन
नगर निगम ऑफिस मेरठ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विज्ञापन
मेरठ के आवासीय इलाके में कूड़े के पहाड़ और शहर में मल्टीलेवल पार्किंग का समाधान प्रशासन और नगर निगम दस साल में भी नहीं खोज पाए हैं। एनजीटी से हाईकोर्ट तक ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया। अफसर तलब भी हुए पर समाधान नहीं निकला।
मंगतपुरम प्रकरण में घिरा प्रशासन अवमानना याचिका
मेरठ स्थित दिल्ली रोड के आवासीय इलाके मंगतपुरम में कूड़े के पहाड़ को हाईकोर्ट में शपथ पत्र देने के तीन महीने बीतने पर भी प्रशासन और नगर निगम हटा नहीं पाए हैं। शहर निवासी विनय कुमार गुप्ता ने इस मामले में प्रशासन के खिलाफ अवमानना याचिका दायर कर दी है। सुनवाई 25 अक्तूबर को होगी। विनय कुमार गुप्ता ने 15 नवंबर 2020 को न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी कि मंगतपुरम में कूड़े के पहाड़ हैं। जिससे पर्यावरण दूषित हो रहा है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: T20 World Cup 2021: पाकिस्तान के खिलाफ भुवनेश्वर की फार्म चुनौती, आईपीएल और वार्मअप मैच में महंगे साबित हुए हैं भुवी
विज्ञापन
कूड़े का निस्तारण करना भूले
प्रशासन ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर तीन महीने का समय मांगा था। महानगर की सड़कों से उठाकर मंगतपुरम में डाला गया कूड़ा पहाड़ का रूप ले चुका है। स्थानीय लोगों के विरोध और एनजीटी की फटकार के बाद नगर निगम ने मंगतपुरम में कूड़ा डालना तो बंद कर दिया था, लेकिन कूड़े का निस्तारण करना भूल गया।
एमडीए में मल्टीलेवल पार्किंग पर उठे सवाल
वहीं मेरठ के एमडीए परिसर में प्रस्तावित कार पार्किंग पर भी संकट के बादल मंडरा गए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने कमिश्नर को पत्र भेजकर इस पर सवाल खड़े किए और 5 वैकल्पिक जगह भी बताई हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों के बजाय एमडीए परिसर में पार्किंग बनाना धन का दुरुपयोग होगा।
हाईकोर्ट पहुंचा मामला
प्रशासन ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर तीन महीने का समय मांगा था। महानगर की सड़कों से उठाकर मंगतपुरम में डाला गया कूड़ा पहाड़ का रूप ले चुका है। स्थानीय लोगों के विरोध और एनजीटी की फटकार के बाद नगर निगम ने मंगतपुरम में कूड़ा डालना तो बंद कर दिया था, लेकिन कूड़े का निस्तारण करना भूल गया।
एमडीए में मल्टीलेवल पार्किंग पर उठे सवाल
वहीं मेरठ के एमडीए परिसर में प्रस्तावित कार पार्किंग पर भी संकट के बादल मंडरा गए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने कमिश्नर को पत्र भेजकर इस पर सवाल खड़े किए और 5 वैकल्पिक जगह भी बताई हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों के बजाय एमडीए परिसर में पार्किंग बनाना धन का दुरुपयोग होगा।
हाईकोर्ट पहुंचा मामला
शहर में मल्टीलेवल कार पार्किंग का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। 25 अक्तूबर को जिला प्रशासन, नगर निगम और एमडीए की तरफ से जवाब दाखिल किया जाना है। नगर निगम ने सड़कों पर 50 स्थानों पर छोटी वाहन पार्किंग शीघ्र संचालित करने का दावा किया है। नगर निगम प्रशासन ने 55 पेज की काउंटर फाइल तैयार की है। लोकेश खुराना ने दावा किया है कि यह फाइल न्यायालय में पहुंचने से पहले ही उनके पास पहुंच गई है। खुराना का दावा है कि निगम के पास समस्या के समाधान का कोई ठोस प्लान नहीं है।