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Meerut: सेंट्रल मार्केट के 21 दुकानदारों को तत्काल दुकानें खाली करने का नोटिस, ये हुआ व्यापारियों का हाल
Sun, 04 May 2025 11:15 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Sun, 04 May 2025 11:15 AM IST
सार
शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवनों में दुकानें चल रही हैं। इसी पर सुप्रीम कोर्ट ने दुकानें खाली करने का निर्णय दिया है।
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मेरठ का सेंट्रल मार्केट का वह कांप्लेक्स, जिसे लेकर इस विवाद की शुरुआत हुई थी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवन 661/6 में बने कांपलेक्स के सभी 21 दुकानदारों को तत्काल दुकानें खाली करने के लिए आवास एवं विकास परिषद ने नोटिस चस्पा कर दिया है। सभी दुकानदारों के नाम के साथ चस्पा नोटिस में चेताया गया है कि अगर दुकानें खाली नहीं की गईं, तो अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। नोटिस से व्यापारियों की बेचैनी बढ़ गई है।
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सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जेबी परदीवाला और आर. महादेवन की खंडपीठ ने 19 नवंबर 2024 को मामले में आदेश सुरक्षित रखते हुए आवास एवं विकास परिषद से 499 भवनों की स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी, जिसे तैयार करके परिषद ने कोर्ट में दाखिल कर दिया था। 17 दिसंबर 2024 को खंडपीठ ने अपने आदेश में आवासीय क्षेत्र में भू-उपयोग परिवर्तन कर हुए सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के आदेश दिए। व्यापारियों की ओर से दुकानें खाली करने का समय बढ़ाने और रिव्यू याचिका दाखिल की गई थी।
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मंगलवार को शीर्ष अदालत ने सेंट्रल मार्केट के 661/6 आवासीय भवन में बनी सभी दुकानों को ध्वस्त करने के आदेश दिए, जिसके बाद से व्यापारियों में बेचैनी है। शास्त्रीनगर में 1473 ऐसे आवासीय निर्माण हैं, जिनमें व्यावसायिक गतिविधियां हो रही हैं। राजीव गुप्ता एवं अन्य बनाम उप्र आवास एवं विकास और अन्य की रिव्यू याचिका शुक्रवार को न्यायाधीश जेबी पारदीवाला एवं आर. माधवन ने सुनवाई करते हुए खारिज कर दी थी।