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जबरन ज्ञापन देने पर अड़े अतुल प्रधान को हिरासत में लिया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 16 Jun 2018 01:34 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह को सर्किट हाउस में ज्ञापन देने पहुंचे सपा नेता अतुल प्रधान को पुलिस ने हिरासत में लेकर सिविल लाइन थाने भिजवा दिया। मंत्री के ज्ञापन लेने से इंकार के बाद भी वह जबरन ज्ञापन देने पर अड़े थे।
शुक्रवार सुबह जनपद के प्रभारी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। तभी सपा नेता अतुल प्रधान दर्जन भर समर्थकों के साथ उनसे भेंट कर ज्ञापन देने पहुंचे। इसकी सूचना एक अधिकारी ने मंत्री को दी, लेकिन उन्होंने मुलाकात से इंकार कर दिया। इस पर अतुल प्रधान मुलाकात कर ज्ञापन देने पर अड़ गए। जब काफी देर तक हंगामा होता रहा तो एसपी सिटी रणविजय सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट शैलेंद्र सिंह ने अतुल प्रधान सहित पांच कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सिविल लाइन थाने भिजवा दिया।
इस दौरान अतुल प्रधान ने कहा कि ज्ञापन देने के लिए रात को ही अधिकारियों से बात हो गयी थी। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री किसी पार्टी के नहीं बल्कि प्रदेश और जनता के हैं। विपक्ष भी लोकतंत्र का हिस्सा है और ज्ञापन न लेकर प्रभारी मंत्री ने मनमानी दिखाई है। उन्होंने बताया कि वह दो अप्रैल को हुई हिंसा में जेल भेजे गए निर्दोष लोगों की रिहाई, चीनी मिलों पर बकाया 810 करोड़ रुपये का भुगतान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मिनी एम्स की स्थापना, स्मार्ट सिटी, खेल विवि सहित 10 मांगों का ज्ञापन प्रभारी मंत्री को देने गये थे। लेकिन उनका रवैया देखकर साफ जाहिर है कि उन्हें जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। अतुल को हिरासत में लिए जाने पर थाने पर दिनभर हलचल रही। हालांकि दोपहर बाद उन्हें थाने से रिहा कर दिया गया।
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शुक्रवार सुबह जनपद के प्रभारी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। तभी सपा नेता अतुल प्रधान दर्जन भर समर्थकों के साथ उनसे भेंट कर ज्ञापन देने पहुंचे। इसकी सूचना एक अधिकारी ने मंत्री को दी, लेकिन उन्होंने मुलाकात से इंकार कर दिया। इस पर अतुल प्रधान मुलाकात कर ज्ञापन देने पर अड़ गए। जब काफी देर तक हंगामा होता रहा तो एसपी सिटी रणविजय सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट शैलेंद्र सिंह ने अतुल प्रधान सहित पांच कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सिविल लाइन थाने भिजवा दिया।
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इस दौरान अतुल प्रधान ने कहा कि ज्ञापन देने के लिए रात को ही अधिकारियों से बात हो गयी थी। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री किसी पार्टी के नहीं बल्कि प्रदेश और जनता के हैं। विपक्ष भी लोकतंत्र का हिस्सा है और ज्ञापन न लेकर प्रभारी मंत्री ने मनमानी दिखाई है। उन्होंने बताया कि वह दो अप्रैल को हुई हिंसा में जेल भेजे गए निर्दोष लोगों की रिहाई, चीनी मिलों पर बकाया 810 करोड़ रुपये का भुगतान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मिनी एम्स की स्थापना, स्मार्ट सिटी, खेल विवि सहित 10 मांगों का ज्ञापन प्रभारी मंत्री को देने गये थे। लेकिन उनका रवैया देखकर साफ जाहिर है कि उन्हें जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। अतुल को हिरासत में लिए जाने पर थाने पर दिनभर हलचल रही। हालांकि दोपहर बाद उन्हें थाने से रिहा कर दिया गया।
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