{"_id":"60146b248ebc3e33bf2f64cf","slug":"from-karnaval-farmers-traveled-to-ghazipur-border-sardana-news-mrt52283417","type":"story","status":"publish","title_hn":"करनावल से किसानों ने गाजीपुर बॉर्डर के लिए किया कूच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करनावल से किसानों ने गाजीपुर बॉर्डर के लिए किया कूच
विज्ञापन
करनावल से किसानों ने गाजीपुर बॉर्डर के लिए किया कूच
सरूरपुर। क्षेत्र के कस्बा करनावल में 40 दिन से चल रहे धरने को पुलिस-प्रशासन ने दबाव बनाकर समाप्त करा दिया था। वहीं, बृृहस्पतिवार की रात भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत के आह्वान से किसानों में एक बार फिर जोश भर गया। जिसके चलते उन्होंने शुक्रवार को मुजफ्फरनगर और गाजीपुर बार्डर के लिए कूच कर दिया। किसानों ने प्रशासन का दबाव न मानते हुए धरने में शामिल होने का निर्णय किया है।
कस्बा करनावल में अनिश्चतकालीन धरना खत्म होने के बाद एक बार फिर एकजुटता का सिलसिला शुरू हो गया है। जिस पर किसान जत्थे के साथ गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हो गए। उन्हें गांव के बुजुर्ग किसानों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पूरे जोश और जज्बे के साथ राकेश टिकैत को समर्थन देने के लिए कस्बा करनावल के सभासद रूपेश कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में किसानों के जत्थे ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हुए। इन किसानों में ज्यादातर युवा हैं।
वहीं, भारतीय किसान यूनियन के सरधना तहसील अध्यक्ष अशफाक प्रधान और राजकुमार करनावल भी जत्था लेकर राकेश टिकैत को समर्थन देने के लिए गए हैं। इसके अतिरिक्त पूठखास गंगनहर के रास्ते भी किसान दिनभर गाजीपुर बार्डर के लिए कूच करते रहे। इस बार आंदोलन में शामिल होने जा रहे किसानों ने सरकार से आरपार की लड़ाई का संकल्प लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरूरपुर। क्षेत्र के कस्बा करनावल में 40 दिन से चल रहे धरने को पुलिस-प्रशासन ने दबाव बनाकर समाप्त करा दिया था। वहीं, बृृहस्पतिवार की रात भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत के आह्वान से किसानों में एक बार फिर जोश भर गया। जिसके चलते उन्होंने शुक्रवार को मुजफ्फरनगर और गाजीपुर बार्डर के लिए कूच कर दिया। किसानों ने प्रशासन का दबाव न मानते हुए धरने में शामिल होने का निर्णय किया है।
कस्बा करनावल में अनिश्चतकालीन धरना खत्म होने के बाद एक बार फिर एकजुटता का सिलसिला शुरू हो गया है। जिस पर किसान जत्थे के साथ गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हो गए। उन्हें गांव के बुजुर्ग किसानों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पूरे जोश और जज्बे के साथ राकेश टिकैत को समर्थन देने के लिए कस्बा करनावल के सभासद रूपेश कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में किसानों के जत्थे ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हुए। इन किसानों में ज्यादातर युवा हैं।
विज्ञापन
वहीं, भारतीय किसान यूनियन के सरधना तहसील अध्यक्ष अशफाक प्रधान और राजकुमार करनावल भी जत्था लेकर राकेश टिकैत को समर्थन देने के लिए गए हैं। इसके अतिरिक्त पूठखास गंगनहर के रास्ते भी किसान दिनभर गाजीपुर बार्डर के लिए कूच करते रहे। इस बार आंदोलन में शामिल होने जा रहे किसानों ने सरकार से आरपार की लड़ाई का संकल्प लिया है।
विज्ञापन