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यूपी: क्वारंटीन सेंटरों पर चल रहा था बड़ा खेल, कार्रवाई के बाद अपर जिलाधिकारी को छुट्टी पर भेजा
Sun, 10 May 2020 12:22 AM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Published by: कपिल kapil
Updated Sun, 10 May 2020 12:22 AM IST
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क्वारंटीन सेंटर पर जांच करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर जनपद के खतौली में क्वारंटीन सेंटरों पर मजदूरों को दिए जाने वाले भोजन में बड़ा खेल सामने आया है। क्वारंटीन सेंटरों पर जो भोजन मजदूरों को दिया जा रहा था, उसकी गुणवत्ता खराब थी और साथ ही भरपेट भोजन भी नहीं दिया जा रहा था। शासन से भेजे गए नोडल अधिकारी आरएन यादव ने शुक्रवार को चरथावल के क्वारंटीन सेंटर का निरीक्षण किया तो यह मामला सामने आया और इसकी जांच कराई गई। जिस फर्म और फ्लोर मिल से भोजन लिया जा रहा था, उसका लाइसेंस ही फरवरी में समाप्त हो चुका था। इसके बाद फ्लोर मिल से सैंपल लेकर उसे सील कर दिया गया है। इतना ही नहीं अपर जिलाधिकारी प्रशासन को छुट्टी पर भेज दिया गया है और उनका कार्य अपर जिलाधिकारी एफ को सौंप दिया गया है।
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दो दिन पहले ही जिले में क्वारंटीन सेंटरों पर ठहरे मजदूरों को भोजन उपलब्ध कराने का ठेका 75 रुपये प्रति मजदूर प्रतिदिन का दे दिया था। खतौली में सफेदा रोड पर स्थित अन्नपूर्णा फूड रोलर मिल से इसकी सप्लाई की जा रही थी। शुक्रवार को जिले में आए नोडल अधिकारी आरएन यादव चरथावल के क्वारंटीन सेंटर पहुंचे। वहां मजदूरों ने ढाई बजे तक भोजन नहीं मिलने की शिकायत की। जो भोजन आया उसकी गुणवत्ता और क्वालिटी बेहद घटिया थी। मजदूरों ने बताया कि अब से पहले भरपेट भोजन मिल रहा था। बावजूद दूसरी संस्था को प्रशासन ने ठेका दे दिया। नोडल अधिकारी द्वारा जवाब तलब किए जाने के बाद डीएम ने फर्म पर छापा मारने के आदेश दिए।
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वहीं शनिवार शाम को एसडीएम खतौली इंद्राकांत द्विवेदी अफसरों के साथ फ्लोर मिल पर पहुंचे। वहां पता चला कि फर्म का पंजीकरण 20 फरवरी 2020 को समाप्त हो चुका है और नवीनीकरण भी नहीं है। एसडीएम ने लाइसेंस निरस्त मानते हुए मिल में सील लगा दी। चीफ फूड ऑफिसर विवेक कुमार की टीम ने खाद्य सामग्री के नमूने लिए। एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी ने बताया कि फ्लोर मिल को सील कर दिया है। मामले की जांच की जा रही है।
मजदूरों के लिए भोजन महत्वपूर्ण
नोडल अधिकारी आरएन यादव ने बताया कि शासन मजदूरों के भोजन आदि को लेकर संवेदनशील है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए। चरथावल के क्वारंटीन सेंटर का मामला संज्ञान में आया था। इसके बाद सीडीओ ने बताया है कि जिस फर्म को टेंडर दिया गया, उसको निरस्त कर दिया गया है। जिस प्रकार पहले से व्यवस्था चल रही थी वैसे ही भरपेट भोजन की व्यवस्था जारी रहेगी, अब क्वारंटीन केंद्रों पर ही भोजन बनाया जाएगा।
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