शातिर शिक्षक: 27 साल से ले रहा था वेतन, अब उजागर हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा, फैज-ए-आम कॉलेज में करता था नौकरी
फैज-ए-आम में 27 साल से नौकरी करने वाले तैयब का राज खुला तो हर कोई हैरान रह गया। शिक्षक तैयब को बर्खास्त कर दिया गया है। जानिए पूरा मामला।
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मेरठ में फैज-ए-आम इंटर कॉलेज में 27 वर्ष दो महीने से तैनात सहायक अध्यापक तैयब अली (49) की बीएड की डिग्री और मार्कशीट फर्जी निकली। एसआईटी की रिपोर्ट के बाद तैयब को बर्खास्त कर दिया गया है। तैयब ने वेतन के रूप में कॉलेज से करीब एक करोड़ रुपये लिए हैं।
शास्त्रीनगर निवासी राहत अली ने दो साल पहले तैयब अली की डिग्री और मार्कशीट फर्जी होने की शिकायत शासन से की थी। जिलाधिकारी के निर्देशन में गठित एसआईटी ने महर्षि दयानंद विवि (एमडीयू) रोहतक से डिग्री और मार्कशीट का सत्यापन कराया। विवि ने बताया कि तैयब ने उनके यहां से बीएड नहीं किया है। एसआईटी की रिपोर्ट के बाद डीएम ने बर्खास्तगी के लिए शासन को पत्र लिखा। अब कॉलेज के प्रबंधक डॉ. वली अहमद ने प्रधानाचार्य जुल्फिकार अली को पत्र लिख तैयब की सेवा समाप्ति की सूचना दी है। उन्होंने कहा कि फर्जीवाड़ा करने वालों की कॉलेज में कोई जगह नहीं है।
स्पेलिंग में गलती से पकड़ा मामला
तैयब अली ने बीएड की जो मार्कशीट लगाई थी उसमें मॉर्क्स शब्द की स्पेलिंग गलत लिखी थी। इसी से शिकायतकर्ता को संदेह हुआ। जांच हुई तो मामला पकड़ में आ गया। फैज-ए-आम कॉलेज में तैयब अली की नियुक्ति 10 जुलाई 1995 को हुई और सेवानिवृत्ति 31 मार्च 2035 को होनी थी।
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रिकवरी विभाग की जिम्मेदारी
फैज-ए-आम इंटर कॉलेज में फर्जी मार्कशीट मामले में सहायक अध्यापक तैयब अली की सेवाएं समाप्त के निर्देश दिए गए थे। मामले में रिकवरी संबंधित विभाग करेगा। करीब 27 वर्ष में तैय्यब ने एक करोड़ के आसपास वेतन कॉलेज से लिया है। - दिवाकर सिंह, एडीएम सिटी
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हाईकोर्ट के फैसले के बाद होगी रिकवरी
सहायक अध्यापक तैयब अली की फर्जी मार्कशीट पाए जाने के बाद सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। लेकिन मामला अभी हाईकोर्ट में लंबित भी है, फैसले के बाद वेतन रिकवरी की कार्रवाई होगी। - राजेश सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक