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अंकित हत्याकांड: ‘भोलू’, ‘किथ सै’, ‘के हाल’...कोड वर्ड में रची हत्या की साजिश, शूटरों को ऐसे मिलते थे निर्देश
Tue, 01 Sep 2026 08:25 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ/शामली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ/शामली
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 01 Sep 2026 08:25 AM IST
सार
शामली में अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस के अनुसार शूटर कोड वर्ड के जरिए संपर्क में थे। ‘भोलू’, ‘किथ सै’ और ‘के हाल है’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था और स्नेपचैट से निर्देश मिलने का दावा है।
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अंकित बालियान
- फोटो : अमर उजाला
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शामली के हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस के सामने साजिश से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार शूटर आपस में सीधे नाम लेकर बात नहीं करते थे, बल्कि ‘भोलू’, ‘किथ सै’ और ‘के हाल है’ जैसे कोड वर्ड का इस्तेमाल करते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि Snapchat के माध्यम से विदेश में बैठे और गिरोह से जुड़े लोगों ने शूटरों से संपर्क बनाए रखा और उन्हें निर्देश दिए।
20 अगस्त को सीसीटीवी में कैद हुए शामली पहुंचे अंकित हत्याकांड के शार्प शूटर मोहित और सुमित। पुल
कोड वर्ड से होती थी शूटरों के बीच बातचीत
पुलिस के अनुसार नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाले कोड वर्ड के अलग-अलग अर्थ तय थे। ‘भोलू’ का इस्तेमाल निकलने के संकेत के तौर पर किया जाता था, जबकि ‘किथ सै’ का मतलब अपने आदमी होने की पुष्टि से जुड़ा था। वहीं ‘के हाल है’ बातचीत खत्म करने के संकेत के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस अब इन कोड वर्ड से जुड़े मोबाइल डाटा और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाले कोड वर्ड के अलग-अलग अर्थ तय थे। ‘भोलू’ का इस्तेमाल निकलने के संकेत के तौर पर किया जाता था, जबकि ‘किथ सै’ का मतलब अपने आदमी होने की पुष्टि से जुड़ा था। वहीं ‘के हाल है’ बातचीत खत्म करने के संकेत के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस अब इन कोड वर्ड से जुड़े मोबाइल डाटा और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है।
अंकित बालियान
- फोटो : सोशल मीडिया
शूटरों के मोबाइल से मिले सुराग
मुठभेड़ में मारे गए शूटरों के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच में पुलिस को नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। जांच के अनुसार सोनीपत के सुमित और मोहित तथा करनाल के सत्यम और आर्यन अलग-अलग स्थानों से शामली पहुंचे थे।
मुठभेड़ में मारे गए शूटरों के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच में पुलिस को नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। जांच के अनुसार सोनीपत के सुमित और मोहित तथा करनाल के सत्यम और आर्यन अलग-अलग स्थानों से शामली पहुंचे थे।
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हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की गाड़ी के शीशे में लगी गोली के निशान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
20 अगस्त को रेकी के लिए भेजे गए थे सुमित-मोहित
पुलिस के अनुसार सुमित और मोहित को 20 अगस्त को अंकित की रेकी के लिए शामली भेजा गया था। दोनों दिल्ली रोड स्थित एक होटल में रुके और अंकित की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद करनाल के सत्यम और आर्यन भी इस नेटवर्क से जुड़े।
पुलिस के अनुसार सुमित और मोहित को 20 अगस्त को अंकित की रेकी के लिए शामली भेजा गया था। दोनों दिल्ली रोड स्थित एक होटल में रुके और अंकित की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद करनाल के सत्यम और आर्यन भी इस नेटवर्क से जुड़े।
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अंकित की मौत पर बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वारदात वाले दिन खाली प्लॉट के पास मिले चारों
पुलिस की जांच के मुताबिक घटना वाले दिन चारों शूटर नाला पटरी के पास एक खाली प्लॉट के नजदीक मिले थे। इन्हें आपस में जोड़ने और आगे के निर्देश देने का काम सोशल मीडिया के माध्यम से किया गया।
पुलिस की जांच के मुताबिक घटना वाले दिन चारों शूटर नाला पटरी के पास एक खाली प्लॉट के नजदीक मिले थे। इन्हें आपस में जोड़ने और आगे के निर्देश देने का काम सोशल मीडिया के माध्यम से किया गया।