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नष्ट कराए 200 किलो सफेद रसगुल्ले
ब्यूरो/अमर उजाला मेरठ
Updated Fri, 06 Nov 2015 02:04 AM IST
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अमर उजाला ने एक स्टिंग के माध्यम से सरूरपुर क्षेत्र के गांवों में नकली रसगुल्ले बनाने की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। इस समाचार के प्रकाशित होते ही सुस्त पड़ा खाद्य एवं औषधि सुरक्षा प्रशासन विभाग हरकत में आ गया।
बृहस्पतिवार को सरधना तहसील क्षेत्र में ताबड़तोड़ छापामारी कर 200 किलो घटिया सफेद रसगुल्ले नष्ट कराए गए। साथ ही सफेद रसगुल्ले सहित मिल्क केक के छह सैंपल लिए गए।
खाद्य एवं औषधि सुरक्षा प्रशासन की ओर से बृहस्पतिवार को अभिहित अधिकारी वीके वर्मा के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में सरधना तहसील के तीन गांवों में छापा मारा, जिसमें बड़ी मात्रा में घटिया क्वालिटी के रसगुल्ले तैयार होते पकड़े गए।
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त्योहारी सीजन में ग्रामीण क्षेत्र में तैयार होने वाली मिठाई की शहरी बाजार में काफी मांग होती है, जिस कारण इसमें मिलावट होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। बीते सालों के दौरान भी ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर मिलावट के मामले पकड़े गए हैं।
एफडीए ने बृहस्पतिवार को जैनपुर, जसड़ और डाहर में अभियान चलाया। जैनपुर और जसड़ में बनाए जा रहे सफेद रसगुल्ले की क्वालिटी संतोष जनक नहीं मिली, जिसके बाद टीम ने करीब 200 किलो रसगुल्लों को नष्ट कर दिया।
जिनकी कीमत 36 हजार रुपये के आसपास बताई जा रही है। टीम ने तीनों गांवों से सफेद रसगुल्ले व मिल्क केक के छह सैंपल लिए। इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी दर्पण कुमार, वाईडी आर्या व जितेंद्र कुमार आदि शामिल रहे।
शहरी क्षेत्र में भी चलेगा अभियान
एफडीए ने स्पष्ट कर दिया है कि विभाग की तरफ से अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में एक साथ कार्रवाई की जाएगी। शहरी क्षेत्र में सुबह और शाम के वक्त कार्रवाई होगी।
जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में दिन में सैंपलिंग के लिए अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान सबसे ज्यादा सैंपलिंग दूध और उससे बनने खाद्य पदार्थों की होनी है। उधर, संभावना है कि शुक्रवार से कैंट क्षेत्र में सैंपलिंग के लिए अभियान चलाया जाएगा, जिसको लेकर एफडीए और कैंट बोर्ड के बीच पहले ही वार्ता हो चुकी है।
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बृहस्पतिवार को सरधना तहसील क्षेत्र में ताबड़तोड़ छापामारी कर 200 किलो घटिया सफेद रसगुल्ले नष्ट कराए गए। साथ ही सफेद रसगुल्ले सहित मिल्क केक के छह सैंपल लिए गए।
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खाद्य एवं औषधि सुरक्षा प्रशासन की ओर से बृहस्पतिवार को अभिहित अधिकारी वीके वर्मा के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में सरधना तहसील के तीन गांवों में छापा मारा, जिसमें बड़ी मात्रा में घटिया क्वालिटी के रसगुल्ले तैयार होते पकड़े गए।
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त्योहारी सीजन में ग्रामीण क्षेत्र में तैयार होने वाली मिठाई की शहरी बाजार में काफी मांग होती है, जिस कारण इसमें मिलावट होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। बीते सालों के दौरान भी ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर मिलावट के मामले पकड़े गए हैं।
एफडीए ने बृहस्पतिवार को जैनपुर, जसड़ और डाहर में अभियान चलाया। जैनपुर और जसड़ में बनाए जा रहे सफेद रसगुल्ले की क्वालिटी संतोष जनक नहीं मिली, जिसके बाद टीम ने करीब 200 किलो रसगुल्लों को नष्ट कर दिया।
जिनकी कीमत 36 हजार रुपये के आसपास बताई जा रही है। टीम ने तीनों गांवों से सफेद रसगुल्ले व मिल्क केक के छह सैंपल लिए। इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी दर्पण कुमार, वाईडी आर्या व जितेंद्र कुमार आदि शामिल रहे।
शहरी क्षेत्र में भी चलेगा अभियान
एफडीए ने स्पष्ट कर दिया है कि विभाग की तरफ से अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में एक साथ कार्रवाई की जाएगी। शहरी क्षेत्र में सुबह और शाम के वक्त कार्रवाई होगी।
जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में दिन में सैंपलिंग के लिए अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान सबसे ज्यादा सैंपलिंग दूध और उससे बनने खाद्य पदार्थों की होनी है। उधर, संभावना है कि शुक्रवार से कैंट क्षेत्र में सैंपलिंग के लिए अभियान चलाया जाएगा, जिसको लेकर एफडीए और कैंट बोर्ड के बीच पहले ही वार्ता हो चुकी है।