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कैंट बोर्ड राजस्व अधीक्षक जयपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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- बिना बताए गायों की नीलामी का लगा है आरोप
- छावनी बोर्ड सदस्य अनिल जैन ने दी थी तहरीर
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। कैंट बोर्ड में गायों को नीलाम करने का मामला तूल पकड़ गया है। छावनी बोर्ड के सदस्य अनिल जैन की तहरीर पर राजस्व अधीक्षक जयपाल तोमर के खिलाफ सदर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने राजस्व अधीक्षक के खिलाफ धोखाधड़ी और गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वहीं, इस मामले में कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने पत्र लिखकर प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधान निदेशक को इसकी जानकारी दी है। कैंट विधायक ने अपने पत्र में डीएम और एसएसपी से गोवध अधिनियम में मुकदमा दर्ज करने और विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है। मामले के अनुसार अक्तूबर 2018 में 15 गायों को पकड़कर कांजी हाउस में लाया गया था। लेकिन छावनी परिषद के पास भोजन की व्यवस्था नहीं थी। इसी को देखते हुए कैंट बोर्ड ने नीलाम करने की योजना बनाई गई। बोर्ड सदस्य अनिल जैन के अनुसार उन्होंने 30 हजार रुपये देकर गोशाला भेजने के खर्च को वहन करने के लिए कहा। आरोप है कि कुछ दिन बाद राजस्व अधीक्षक जयपाल तोमर ने बोर्ड के किसी सदस्य और कैंट बोर्ड सीईओ को न बताते हुए गायों को नीलाम कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर उन्होंने राजस्व अधीक्षक से गायों के बारे में पूछा। इस पर राजस्व अधीक्षक ने कहा कि गायों को दस हजार 200 रुपये में नीलाम किया जा चुका है। हालांकि, राजस्व अधीक्षक जयपाल तोमर का कहना है कि सीईओ के आदेश के बाद ही नीलामी प्रक्रिया पूरी की गई।
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- बिना बताए गायों की नीलामी का लगा है आरोप
- छावनी बोर्ड सदस्य अनिल जैन ने दी थी तहरीर
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। कैंट बोर्ड में गायों को नीलाम करने का मामला तूल पकड़ गया है। छावनी बोर्ड के सदस्य अनिल जैन की तहरीर पर राजस्व अधीक्षक जयपाल तोमर के खिलाफ सदर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने राजस्व अधीक्षक के खिलाफ धोखाधड़ी और गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वहीं, इस मामले में कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने पत्र लिखकर प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधान निदेशक को इसकी जानकारी दी है। कैंट विधायक ने अपने पत्र में डीएम और एसएसपी से गोवध अधिनियम में मुकदमा दर्ज करने और विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है। मामले के अनुसार अक्तूबर 2018 में 15 गायों को पकड़कर कांजी हाउस में लाया गया था। लेकिन छावनी परिषद के पास भोजन की व्यवस्था नहीं थी। इसी को देखते हुए कैंट बोर्ड ने नीलाम करने की योजना बनाई गई। बोर्ड सदस्य अनिल जैन के अनुसार उन्होंने 30 हजार रुपये देकर गोशाला भेजने के खर्च को वहन करने के लिए कहा। आरोप है कि कुछ दिन बाद राजस्व अधीक्षक जयपाल तोमर ने बोर्ड के किसी सदस्य और कैंट बोर्ड सीईओ को न बताते हुए गायों को नीलाम कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर उन्होंने राजस्व अधीक्षक से गायों के बारे में पूछा। इस पर राजस्व अधीक्षक ने कहा कि गायों को दस हजार 200 रुपये में नीलाम किया जा चुका है। हालांकि, राजस्व अधीक्षक जयपाल तोमर का कहना है कि सीईओ के आदेश के बाद ही नीलामी प्रक्रिया पूरी की गई।
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