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50 हजारी जुबैर मुठभेड़ में ढेर, सीओ समेत दो घायल
Mon, 06 May 2019 10:45 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Mon, 06 May 2019 10:45 AM IST
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कॉबिंग करते एसएसपी, एसपी सिटी, सीओ
- फोटो : अमर उजाला
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50 हजार का इनामी बदमाश जुबैर रविवार को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। जुबैर अपने दो साथियों के साथ एनएच-58 से बाइक लूटकर भागा था। सूचना पर सीओ दौराला जितेंद्र कुमार और एसओ दौराला रितेश कुमार ने घेराबंदी की। बदमाशों ने सीओ की गाड़ी पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से सीओ दौराला और एक हेडकांस्टेबल घायल हो गया। पुलिस फरार दोनों बदमाशों की तलाश में लगी है। पुलिस के अनुसार रविवार दोपहर करीब तीन बजे दौराला के रुहासा निवासी रफीउद्दीन पुत्र शेखावत ने सूचना दी कि बाइक सवार तीन बदमाशों ने असलहों से घायल कर उसकी बाइक लूट ली है। बदमाश दौराला के कनौड़ा गांव से हाईवे की तरफ भागे हैं। सूचना पर सीओ दौराला जितेंद्र कुमार और एसओ दौराला रितेश कुमार ने बदमाशों की घेराबंदी शुरू कर दी। इस दौरान तेज रफ्तार दो बाइकों को रोकने की पुलिस टीम ने कोशिश की तो बदमाश फायरिंग कर हाईवे से पबरसा मार्ग की तरफ निकल गए। पीछा करने के दौरान बदमाशों की बाइक सीओ की गाड़ी में जा लगी। तीनों बदमाश बाइकों को छोड़कर पबरसा के जंगल में पैदल ही भाग निकले। इस दौरान आमने-सामने की गोलीबारी में एक गोली सीओ के कंधे पर तो एक गोली हेड कांस्टेबल कुलवंत सिंह के हाथ में लगी। वहीं, एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया जबकि दो बदमाश ईख के खेत में फरार हो गए। घायल बदमाश को पुलिस अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बदमाश की शनाख्त जुबैर पुत्र जब्बार निवासी शालीमार गार्डन थाना लिसाड़ी गेट के रूप में हुई। मुठभेड़ की सूचना पर एसएसपी नितिन तिवारी, एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह भी पहुंच गए। पुलिस ने मौके से लूटी हुई बाइक, एक पिस्टल, एक तमंचा और कारतूस बरामद किए। घायल सीओ व हेडकांस्टेबल अस्पताल में भर्ती कराए गए। एसओ दौराला को भी पैर में चोट लगी। सूरत में कारोबारी की हत्या की थी एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि जुबैर पर मेरठ में लूट, रंगदारी, जानलेवा हमले समेत 16 मामले दर्ज थे। सूरत में पांच मार्च 2019 को नौ लाख की सुपारी लेकर सराफा कारोबारी महेंद्र चौकसी के. शाह की लूट के दौरान हत्या में जुबैर फरार चल रहा था। जिसका दूसरा साथी मुद्दसिर एक माह पहले एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया था। जिसकी तलाश में गुजरात क्राइम ब्रांच और एसटीएफ लगी थी। जुबैर पर गुजरात से भी पचास हजार का इनाम होने की चर्चा चलती रही।
सूरत में कारोबारी की हत्या के बाद से निशाने पर था जुबैर
लिसाड़ी गेट का जुबैर रविवार को जहां पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। वहीं परिजनों ने भी इस मामले में चुप्पी साध ली। पुलिस ने बताया कि जुबैर अपने साथियों के साथ लिसाड़ीगेट में कई वारदातों को अंजाम दे चुका था। गुजरात के सूरत में सराफ कारोबारी की लूट के बाद हत्या के मामले जब मेरठ निवासी मुद्दसिर और जुबैर का नाम सामने आया तो तभी से गुजरात और मेरठ की एसटीएफ जुबैर के पीछे लगी थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सूरत में पांच मार्च 2019 को सराफा व्यापारी महेेंद्र चौकसी के. शाह की लूट के बाद हत्या कर दी गई थी। सीसीटीवी फुटेज में भी कुछ युवक कैद हुए थे। सूरत पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि मेरठ का गैंग गुजरात में सुपारी लेकर हत्या की वारदातों को अंजाम दे रहा है। जिसके बाद मुखबिर ने हत्यारोपियों के नाम और पहचान तक भी पुलिस को बता दी थी।
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पांच अप्रैल 2019 को एसटीएफ मेरठ यूनिट के सीओ बृजेश कुमार सिंह ने टीम के साथ हापुड़ रोड लोहियानगर से मुद्दसिर उर्फ मुदरा निवासी घोसीपुर को दबोचा था। मुद्दसिर ने पूछताछ में एसटीएफ को बताया था कि वह सूरत में काम करता था। सराफ कारोबारी महेंद्र चौकसी की हत्या के लिए नौ लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। इस हत्या में मुद्दसिर के साथ लिसाड़ीगेट के जुबैर व नासिर उर्फ सनी ने हत्या को अंजाम दिया था। जिसके बाद तीनों ने नौ लाख रुपये में से तीन-तीन लाख रुपये लेकर बांट लिए थे। लिसाड़ीगेट निवासी पप्पू उर्फ जावेद सूरत में काम करता है जिसने सुपारी देकर हत्या कराई थी।
दोस्त जेल गया, खुद मारा गया
एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि जुबैर की घोसीपुर निवासी मुद्दसिर से करीब 15 साल से दोस्ती थी। दोनों साथ मिलकर अपराध करते थे। जो पैसा मिलता था उसका बंटवारा कर लेते थे। सूरत में भी सराफ कारोबारी की हत्या को मिलकर अंजाम दिया। एसटीएफ ने मुद्दसिर को जेल भेज दिया था। लेकिन जुबैर उसके बाद भी अपराध कर रहा था और आखिरकार मुठभेड़ में मारा गया।
डीजीपी ने की सराहना
डीजीपी ओपी सिंह ने मुठभेड़ के बाद घायल हुए सीओ जितेंद्र कुमार के बारे में जानकारी ली। एसएसपी नितिन तिवारी, एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह, सीओ जितेंद्र कुमार और पूरी टीम की सराहना की। इन पुलिस कर्मियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
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सूरत में कारोबारी की हत्या के बाद से निशाने पर था जुबैर
लिसाड़ी गेट का जुबैर रविवार को जहां पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। वहीं परिजनों ने भी इस मामले में चुप्पी साध ली। पुलिस ने बताया कि जुबैर अपने साथियों के साथ लिसाड़ीगेट में कई वारदातों को अंजाम दे चुका था। गुजरात के सूरत में सराफ कारोबारी की लूट के बाद हत्या के मामले जब मेरठ निवासी मुद्दसिर और जुबैर का नाम सामने आया तो तभी से गुजरात और मेरठ की एसटीएफ जुबैर के पीछे लगी थी।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार सूरत में पांच मार्च 2019 को सराफा व्यापारी महेेंद्र चौकसी के. शाह की लूट के बाद हत्या कर दी गई थी। सीसीटीवी फुटेज में भी कुछ युवक कैद हुए थे। सूरत पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि मेरठ का गैंग गुजरात में सुपारी लेकर हत्या की वारदातों को अंजाम दे रहा है। जिसके बाद मुखबिर ने हत्यारोपियों के नाम और पहचान तक भी पुलिस को बता दी थी।
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पांच अप्रैल 2019 को एसटीएफ मेरठ यूनिट के सीओ बृजेश कुमार सिंह ने टीम के साथ हापुड़ रोड लोहियानगर से मुद्दसिर उर्फ मुदरा निवासी घोसीपुर को दबोचा था। मुद्दसिर ने पूछताछ में एसटीएफ को बताया था कि वह सूरत में काम करता था। सराफ कारोबारी महेंद्र चौकसी की हत्या के लिए नौ लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। इस हत्या में मुद्दसिर के साथ लिसाड़ीगेट के जुबैर व नासिर उर्फ सनी ने हत्या को अंजाम दिया था। जिसके बाद तीनों ने नौ लाख रुपये में से तीन-तीन लाख रुपये लेकर बांट लिए थे। लिसाड़ीगेट निवासी पप्पू उर्फ जावेद सूरत में काम करता है जिसने सुपारी देकर हत्या कराई थी।
दोस्त जेल गया, खुद मारा गया
एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि जुबैर की घोसीपुर निवासी मुद्दसिर से करीब 15 साल से दोस्ती थी। दोनों साथ मिलकर अपराध करते थे। जो पैसा मिलता था उसका बंटवारा कर लेते थे। सूरत में भी सराफ कारोबारी की हत्या को मिलकर अंजाम दिया। एसटीएफ ने मुद्दसिर को जेल भेज दिया था। लेकिन जुबैर उसके बाद भी अपराध कर रहा था और आखिरकार मुठभेड़ में मारा गया।
डीजीपी ने की सराहना
डीजीपी ओपी सिंह ने मुठभेड़ के बाद घायल हुए सीओ जितेंद्र कुमार के बारे में जानकारी ली। एसएसपी नितिन तिवारी, एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह, सीओ जितेंद्र कुमार और पूरी टीम की सराहना की। इन पुलिस कर्मियों को सम्मानित भी किया जाएगा।