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सुबह सुरक्षा मांगी, रात को एनकाउंटर
Updated Wed, 07 Mar 2018 01:44 AM IST
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सुबह सुरक्षा मांगी, रात को एनकाउंटर
मेरठ। हत्यारोपी अर्जुन राणा से जान का खतरा जताकर दरोगा और उसके परिजन मंगलवार सुबह सुरक्षा मांगने एसएसपी ऑफिस पहुंचा था। आरोप लगाया था कि अर्जुन को एक भाजपा नेता का संरक्षण मिला हुआ है। शायद यही वजह है कि पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पा रही। रात होते-होते अर्जुन एनकाउंटर के बाद दबोच लिया गया।
दरोगा बृजपाल सिंह ने आरोप लगाया था कि उनके परिवार पर प्लानिंग के साथ हमला हुआ है। दरोगा की बहन सविता की हत्या में पत्नी गवाह थी। आरोप है कि गवाही से रोकने के लिए बहन सविता के ससुराल वालों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। हमला होने का अंदेशा दरोगा को पहले से था। इसकी शिकायत पुलिस के आला अधिकारियों और मुख्यमंत्री से भी की थी। लेकिन पुलिस यह थ्योरी मानने को तैयार नहीं है।
दरोगा और उसके परिवार ने एसएसपी ऑफिस पहुंचकर आरोप लगाया था कि इस मुकदमे में उन्होंने अर्जुन राणा, शिवा, प्रताप, ओमप्रकाश, जितेंद्र व शक्ति को नामजद किया था। जिसमें पुलिस ने शक्ति को जेल भेजा। जबकि प्रताप, ओमप्रकाश और जितेंद्र राणा को जेल भेजने के बजाय पुलिस तीन दिनों से खातिरदारी कर रही है। कई नेता थाने में आते रहते हैं। इस मामले की कई बार थाना पुलिस से शिकायत की। लेकिन पुलिस यह कहकर पल्ला झाड़ देती है कि यह आरोपी अभी लिखा पढ़ी में नहीं हैं। कोई भी मुलाकात कर सकता है।
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मेरठ में ही बताया जा रहा
लोगों में मंगलवार शाम तक चर्चा थी कि मुख्य हत्यारोपी अर्जुन राणा भाजपा के एक नेता के संरक्षण में है। वह मेरठ में ही है। पुलिस ने उसकी तलाश में दबिश देते हुए जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया था।
खास बातें:
पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर लगाए थे आरोप
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मेरठ। हत्यारोपी अर्जुन राणा से जान का खतरा जताकर दरोगा और उसके परिजन मंगलवार सुबह सुरक्षा मांगने एसएसपी ऑफिस पहुंचा था। आरोप लगाया था कि अर्जुन को एक भाजपा नेता का संरक्षण मिला हुआ है। शायद यही वजह है कि पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पा रही। रात होते-होते अर्जुन एनकाउंटर के बाद दबोच लिया गया।
दरोगा बृजपाल सिंह ने आरोप लगाया था कि उनके परिवार पर प्लानिंग के साथ हमला हुआ है। दरोगा की बहन सविता की हत्या में पत्नी गवाह थी। आरोप है कि गवाही से रोकने के लिए बहन सविता के ससुराल वालों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। हमला होने का अंदेशा दरोगा को पहले से था। इसकी शिकायत पुलिस के आला अधिकारियों और मुख्यमंत्री से भी की थी। लेकिन पुलिस यह थ्योरी मानने को तैयार नहीं है।
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दरोगा और उसके परिवार ने एसएसपी ऑफिस पहुंचकर आरोप लगाया था कि इस मुकदमे में उन्होंने अर्जुन राणा, शिवा, प्रताप, ओमप्रकाश, जितेंद्र व शक्ति को नामजद किया था। जिसमें पुलिस ने शक्ति को जेल भेजा। जबकि प्रताप, ओमप्रकाश और जितेंद्र राणा को जेल भेजने के बजाय पुलिस तीन दिनों से खातिरदारी कर रही है। कई नेता थाने में आते रहते हैं। इस मामले की कई बार थाना पुलिस से शिकायत की। लेकिन पुलिस यह कहकर पल्ला झाड़ देती है कि यह आरोपी अभी लिखा पढ़ी में नहीं हैं। कोई भी मुलाकात कर सकता है।
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मेरठ में ही बताया जा रहा
लोगों में मंगलवार शाम तक चर्चा थी कि मुख्य हत्यारोपी अर्जुन राणा भाजपा के एक नेता के संरक्षण में है। वह मेरठ में ही है। पुलिस ने उसकी तलाश में दबिश देते हुए जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया था।
खास बातें:
पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर लगाए थे आरोप