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मनीष के शव का था जला हुआ कंकाल, दो गिरफ्तार
Updated Mon, 04 Dec 2017 02:18 AM IST
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मेरठ। डेढ़ साल पहले गंगानगर में हुई मनीष की हत्या का डीएनए रिपोर्ट से खुलासा हुआ है। एसपी देहात के आदेश पर देर रात मंडप मालिक और उसके नौकर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार डीएनए रिपोर्ट से पता चला है कि जो जला हुआ कंकाल मिला था, वह मनीष का था।
एसपी देहात राजेश कुमार के मुताबिक अम्हेड़ा रोड से सटी संजय गांधी कॉलोनी में रहने वाले मनीष कुमार (24) का 25 जुलाई 2016 को अपहरण हुआ था। परिजनों ने एक मंडप मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आठ अगस्त 2016 को जंगल से जला हुआ कंकाल मिला था। वहीं मनीष के कपड़े पड़े मिले थे। मनीष के परिजनों ने इसके विरोध में जाम लगाकर प्रदर्शन किया था। मामला एससीएसटी एक्ट से जुड़ा होने पर सीओ सदर देहात राम अर्ज केस की विवेचना कर रहे थे।
एसपी देहात ने बताया कि हत्यारोपियों ने मनीष की हत्या के बाद पहचान मिटाने के लिए शव को फूंक दिया था। मौके से जो कंकाल बरामद हुआ, वह डीएनए रिपोर्ट से मनीष का निकला। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी दिव्यलोक कालोनी निवासी मंडप मालिक मनोज और शास्त्रीनगर निवासी सुनील गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। रंजिश के चलते आरोपियों ने हत्या की थी। मामले को गुमराह करने के लिए मनीष के खिलाफ आरोपियों ने चोरी की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी थी। सुनील मंडप में कर्मचारी बताया गया है।
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खास बातें:
25 जुलाई 2016 को संजय गांधी कॉलोनी से हुआ था मनीष का अपहरण
पुरानी रंजिश में हत्या, पहचान मिटाने को फूंक दिया था शव, अब हुई पहचान
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एसपी देहात राजेश कुमार के मुताबिक अम्हेड़ा रोड से सटी संजय गांधी कॉलोनी में रहने वाले मनीष कुमार (24) का 25 जुलाई 2016 को अपहरण हुआ था। परिजनों ने एक मंडप मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आठ अगस्त 2016 को जंगल से जला हुआ कंकाल मिला था। वहीं मनीष के कपड़े पड़े मिले थे। मनीष के परिजनों ने इसके विरोध में जाम लगाकर प्रदर्शन किया था। मामला एससीएसटी एक्ट से जुड़ा होने पर सीओ सदर देहात राम अर्ज केस की विवेचना कर रहे थे।
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एसपी देहात ने बताया कि हत्यारोपियों ने मनीष की हत्या के बाद पहचान मिटाने के लिए शव को फूंक दिया था। मौके से जो कंकाल बरामद हुआ, वह डीएनए रिपोर्ट से मनीष का निकला। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी दिव्यलोक कालोनी निवासी मंडप मालिक मनोज और शास्त्रीनगर निवासी सुनील गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। रंजिश के चलते आरोपियों ने हत्या की थी। मामले को गुमराह करने के लिए मनीष के खिलाफ आरोपियों ने चोरी की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी थी। सुनील मंडप में कर्मचारी बताया गया है।
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खास बातें:
25 जुलाई 2016 को संजय गांधी कॉलोनी से हुआ था मनीष का अपहरण
पुरानी रंजिश में हत्या, पहचान मिटाने को फूंक दिया था शव, अब हुई पहचान